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होटल व लॉज के रूम फुल, ट्रेवेल्स की गाड़ियां भी नहीं है खाली
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काशी में देवताओं के धरा पर उतरने का पर्व देव दीपावली मनाने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। सिर्फ दस दिन और शेष बचे हैं। जब दीपों की रोशनी से एक साथ 84 गंगा घाट जगमगा उठेंगे। इस अलौकिक और दिव्य दृश्य को देखने को सात समुंदर पार से सैलानी बनारस आते हैं। देश के विभिन्न कोने से पर्यटकों को भी इस दिन का बेसब्री से इंतजार रहता है।
इस बार तो कोरोना के चलते वीजा प्रतिबंधित होने के चलते विदेशी सैलानी तो नहीं आ सकेंगे, लेकिन भारत के विभिन्न राज्यों के पर्यटकों ने अपनी बुकिंग करा ली है। 30 नवंबर को काशी में देव दीपावली मनाई जाएगी। जिसके लिए शहर के अधिकतर होटल, गेस्ट हाउस, लॉज सब फुल हो चुके हैं। इसके साथ ही ट्रेवेल्स की गाडि़यों और टैक्सी आदि की बुकिंग भी फुल है। गंगा में नौका विहार करते हुए गंगा घाटों को निहारना भी अब थोड़ा मुश्किल होगा क्योंकि छोटी व बड़ी नांवों, बजड़ों की बुकिंग होटलों की ओर से की जा रही है। पिछली साल की अपेक्षा इस साल नाव का किराया बेहद कम है। बजड़े जहां पिछले साल एक से डेढ़ लाख में बुक होते थे तो इस साल अधिकतम 50 हजार तक बुक हुए हैं। मोटर बोट 10 से 15 हजार रुपये में बुक है। पिछले साल 25 से 30 हजार रुपये में बुक हुए थे।
राजेंद्र प्रसाद घाट के नाविक बाबू साहनी के अनुसार विदेशी पर्यटकों के नहीं आने से इस बार नाव का किराया सामान्य है। चूंकि इस बार बड़े महानगरों के बहुत से पर्यटकों ने पिछले साल की बुकिंग कोरोना के चलते निरस्त करा दी थी, लेकिन अब फिर से बुकिंग तेज हो गई है। शहर के बड़े होटलों ने बजड़ा, मोटर बोट की बुकिंग कर ली है।
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दशाश्वमेध के लॉज संचालक विशाल यादव ने बताया कि देव दीपावली का विहंगम नजारा देखने को देश भर के सैलानियों में गजब का क्रेज होता है। यही कारण है कि कोरोना काल में भी होटल व लाज सब बुक हो चुक हैं। 2000 से 3000 हजार रुपये किराया देने पर भी अब रूम नहीं मिल पा रहे हैं।
टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल मेहता ने बताया कि वैवाहिक लगन के चलते पहले से ही अधिकतर होटल फुल चल रहे हैं, ऐसे में देव दीपावली की बुकिंग दो से तीन माह पूर्व की रही है, उन्हें की रूम मिल पा रहा है। अन्यथा शहर के लगभग सभी होटल, गेस्ट हाउस बुक हो चुके हैं।
बनारस टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश सिंह ने बताया कि 30 नवंबर को ऐसा संयोग है कि उस दिन शादियां बहुत है। अधिकतर गाडि़यां तो शादियों में बुक हो चुकी हैं। जिसकी नहीं बुक थी अब वह देव दीपावली पर बुक हो रही हैं। कई होटलों से गाडि़यों की मांग हो रही है।
एक नजर
500 छोटे व बड़े होटल हैं शहर भर में
600 हैं लगभग गेस्ट हाउस
250 लॉज व धर्मशाला
150 होम स्टे
200 ट्रेवेल्स की 5000 छोटी व बड़ी गाडि़यां
800 छोटे नाव, मोटर बोट और बजड़ा
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इस बार तो कोरोना के चलते वीजा प्रतिबंधित होने के चलते विदेशी सैलानी तो नहीं आ सकेंगे, लेकिन भारत के विभिन्न राज्यों के पर्यटकों ने अपनी बुकिंग करा ली है। 30 नवंबर को काशी में देव दीपावली मनाई जाएगी। जिसके लिए शहर के अधिकतर होटल, गेस्ट हाउस, लॉज सब फुल हो चुके हैं। इसके साथ ही ट्रेवेल्स की गाडि़यों और टैक्सी आदि की बुकिंग भी फुल है। गंगा में नौका विहार करते हुए गंगा घाटों को निहारना भी अब थोड़ा मुश्किल होगा क्योंकि छोटी व बड़ी नांवों, बजड़ों की बुकिंग होटलों की ओर से की जा रही है। पिछली साल की अपेक्षा इस साल नाव का किराया बेहद कम है। बजड़े जहां पिछले साल एक से डेढ़ लाख में बुक होते थे तो इस साल अधिकतम 50 हजार तक बुक हुए हैं। मोटर बोट 10 से 15 हजार रुपये में बुक है। पिछले साल 25 से 30 हजार रुपये में बुक हुए थे।
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राजेंद्र प्रसाद घाट के नाविक बाबू साहनी के अनुसार विदेशी पर्यटकों के नहीं आने से इस बार नाव का किराया सामान्य है। चूंकि इस बार बड़े महानगरों के बहुत से पर्यटकों ने पिछले साल की बुकिंग कोरोना के चलते निरस्त करा दी थी, लेकिन अब फिर से बुकिंग तेज हो गई है। शहर के बड़े होटलों ने बजड़ा, मोटर बोट की बुकिंग कर ली है।
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दशाश्वमेध के लॉज संचालक विशाल यादव ने बताया कि देव दीपावली का विहंगम नजारा देखने को देश भर के सैलानियों में गजब का क्रेज होता है। यही कारण है कि कोरोना काल में भी होटल व लाज सब बुक हो चुक हैं। 2000 से 3000 हजार रुपये किराया देने पर भी अब रूम नहीं मिल पा रहे हैं।
टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल मेहता ने बताया कि वैवाहिक लगन के चलते पहले से ही अधिकतर होटल फुल चल रहे हैं, ऐसे में देव दीपावली की बुकिंग दो से तीन माह पूर्व की रही है, उन्हें की रूम मिल पा रहा है। अन्यथा शहर के लगभग सभी होटल, गेस्ट हाउस बुक हो चुके हैं।
बनारस टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश सिंह ने बताया कि 30 नवंबर को ऐसा संयोग है कि उस दिन शादियां बहुत है। अधिकतर गाडि़यां तो शादियों में बुक हो चुकी हैं। जिसकी नहीं बुक थी अब वह देव दीपावली पर बुक हो रही हैं। कई होटलों से गाडि़यों की मांग हो रही है।
एक नजर
500 छोटे व बड़े होटल हैं शहर भर में
600 हैं लगभग गेस्ट हाउस
250 लॉज व धर्मशाला
150 होम स्टे
200 ट्रेवेल्स की 5000 छोटी व बड़ी गाडि़यां
800 छोटे नाव, मोटर बोट और बजड़ा