संसाधनों के बाद भी अभाव का क्षेत्र था विंध्य क्षेत्र, जल जीवन परियोजना से होगा विकास- पीएम मोदी
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हर घर जल परियोजना का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए शुभारंभ किया। इस दौरान मिर्जापुर जिले के नौ स्थानों पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें पड़री के महौरी, दांती, राजगढ़ के तलार, धौहा, जमालपुर के गोथौरा, हिनौता, पटेहरा के लेदुकी, लालगंज के महादेव, हलिया के बरहुला में प्रोजेक्टर के माध्यम से कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इन स्थानों पर जन प्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। जल जीवन मिशन का शुभारंभ करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जीवन की बड़ी समस्या हल होती है तो एक अलग विश्वास झलकने लगता है। लोगों को देखकर लग रहा है कि जैसे घर में शादी का उत्सव है। वैसा ही नजारा नजर आ रहा है।
जिस योजना के बारे में सोचा वह जल्दी ही पूरी होगी। जन भागीदारी होगी तो पैसा भी बचेगा। मां विंध्यवासिनी की हम सभी पर विशेष कृपा है। इस क्षेत्र के लाखों परिवारों के लिए बड़ी योजना की शुरुआत हुई। योजना से लाखों परिवारों को घर पर शुद्ध पेयजल मिलेगा। विंध्य पर्वत का पूरा विस्तार पुरातन काल से विश्वास, आस्था का केंद्र रहा है।
रहीमदास ने कहा था, 'जापर विपदा परत है, सो आवत यही देश।' रहीमदास के इस विश्वास का कारण इस देश के अपार संसाधन थे। विंध्याचल की पहाड़ियों से क्षिप्रा, गंगा, नर्मदा समेत कितनी नदियां निकलती है। बेलन, कर्मनाशा नदी का आर्शीवाद प्राप्त है। लेकिन आजादी के बाद दशकों तक यह क्षेत्र उपेक्षा का सबसे अधिक शिकार हुआ।
विंध्याचल व बुंदेलखंड संसाधन के बाद भी अभाव का क्षेत्र बन गया। इतनी नदियां होने के बाद भी इसकी पहचान प्यासे और सूखा प्रभावित क्षेत्र की रही। इस कारण अनेकों लोगों को पलायन करने पर मजबूर किया। विंध्याचल की इस बड़ी परेशानी को दूर करने का काम किया है। यहां घर घर जल पहुंचाने और सिंचाई योजना का निर्माण इस प्रयास का बहुत बड़ा हिस्सा है।
पिछले वर्ष बुंदेलखंड में पानी से जुड़ी परियोजना का शिलान्यास पर तेजी से काम हो रहा। आज 5555 करोड़ की योजना की शुरुआत हो रही है। मिर्जापुर व सोनभद्र को लाभ मिलेगा। विशेषकर माता-बहनों के लिए बधाई का अवसर है।
पीएम ने सोनेलाल पटेल को किया याद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि इस क्षेत्र के लोगों से बात करता हूं तो पुराने मित्र सोनेलाल पटेल की याद आती है। वे इस क्षेत्र के विकास और पेयजल की समस्या को लेकर बहुत चिंतित रहते थे। उनकी आत्मा जहां होगी, उनको संतोष होगा। वे भी हमें आर्शीवाद पहुंचाते होंगे। आने वाले समय तक यहां के तीन हजार गांव को पानी पहुंचेगा तो 40 लाख से ज्यादा लोगों का समय बदल जाएगा। यूपी के हर घर जल पहुंचाने का लक्ष्य प्राप्त होगा।
बदल रही यूपी सरकार की छवि
कोरोना संक्रमण के बाद भी परिजयोजना यूपी सरकार के लिए मील का पत्थर साबित हो रही है। ये यूपी के विकास पर बढ़ते कदम है। यूपी में आज एक के बाद एक योजना लागू हो रही। यूपी सरकार और उसके कर्मचरियों की छवि पूरी तरह बदल रही है। जिस प्रकार यूपी ने कोरोना से मुकाबला किया, बाहर से लौटे श्रमिकों का ध्यान रखा। रोजगार का प्रबंध किया। यह सामान्य काम नहीं है।