वाराणसी में डेंगू: घरों के गमलों और कूलर में मिला लार्वा, 13 और संदिग्ध मरीज मिले
डेंगू के पुष्ट मरीजों की संख्या 80 पहुंच गई है। वहीं रैपिड टेस्ट से पॉजिटिव आने वाले डेंगू के संदिग्ध मरीजों की संख्या 480 है। नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर सफाई करवाने को कहा गया है।
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वाराणसी जिले में मच्छरों का प्रकोप बढ़ने के साथ ही डेंगू के मरीजों का ग्राफ भी बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को अलग-अलग जगहों से डेंगू के 13 संदिग्ध मरीज मिले हैं। वहीं, कुल 23 जगहों पर डेंगू का लार्वा मिलने पर उसे नष्ट कराया गया।
घरों के गमले और कूलर में मिले डेंगू के लार्वा ने हर किसी के कान खड़े कर दिए हैं। सभी को नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर सफाई करवाने को कहा गया है। पुष्ट मरीजों की संख्या 80 पहुंच गई है। जबकि रैपिड टेस्ट से पॉजिटिव आने वाले डेंगू के संदिग्ध मरीजों की संख्या 480 हो गई है। इस बीच स्वास्थ्य विभाग की ओर से चले अभियान में कई जगहों पर डेंगू का लार्वा मिला। जिला मलेरिया अधिकारी एससी पांडेय ने बताया कि शुक्रवार को करौंदी में 7, खोजवां में आठ और शिवपुर में आठ जगहों पर लार्वा मिला। अधिकांश जगहों पर घरों में कूलर, गमले और नाद में पानी जमा मिला है।
जाम पड़े हैं सीवर, दूषित पानी की हो रही सप्लाई
बीएचयू के समीप महामनापुरी कॉलोनी में सीवर और दूषित जलापूर्ति से जनता परेशान है। रोहनिया विधायक सुरेंद्र नारायण सिंह को ज्ञापन भी दिया गया है, लेकिन अभी राहत नहीं मिली है। आसपास सभी कॉलोनियों के सीवर चोक हैं, लेकिन विभागीय अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। गंदा पानी जमा होने के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। लोग बीमार हो रहे हैं।
बदबू से सांस लेना मुश्किल है। लोगों के अनुसार, आला अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक को लिखित पत्र भेजकर शिकायत की गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना था कि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की रणनीति बनाएंगे। लहुराबीर, कबीरचौरा-पिपलानी कटरा, अगस्तकुंडा, पातालेश्वर व बंगाली टोला में भी पानी की समस्या रही। उधर, नाटी इमली लेबर कॉलोनी में 15 दिनों से दूषित जलापूर्ति हो रही है।