बनारस में नहीं थम रहा डेंगू का प्रकोप, 100 तक पहुंचा आंकड़ा, एेसे करें बचाव
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मंडलीय अस्पताल में जहां दस मरीजों का इलाज चल रहा है। वहीं दीनदयाल अस्पताल में दो दिन के भीतर 35 मरीजों का सैंपल जांच के लिए भेजा गया, उसमें 15 की रिपोर्ट पॉजीटिव आई। इसके पहले भी यहां 50 मरीजों की रिपोर्ट पॉजीटिव आ चुकी है।
बीएचयू अस्पताल के मुताबिक यहां 23 सितंबर से 26 सितंबर तक 18 मरीजों में डेंगू की पुष्टि होने के बाद उन्हें भर्ती किया गया, जिसमें से लालपुर निवासी महिला लक्ष्मी देवी की 25 सितंबर को इलाज के दौरान मौत भी हो गई। अभी भी आठ मरीजों का इलाज चल रहा है। सीएम डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि इसमें 65 बनारस के और बाकी अन्य जिलों के हैं।
स्वास्थ्य विभाग सुस्त
चोलापुर ब्लाक के बेला गांव में बुधवार को कमलाकर राजभर की पुत्री पुष्पा (2) की मौत अस्पताल में इलाज के दौरान हो गई। कमलाकर ने बताया कि पुत्री को डेंगू के लक्षण मिलने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
वहीं इसके पूर्व बेला के सुशीला और नवनीत की मौत डेंगू से हो गई थी। बेला से सटा ग्राम पंचायत अजगरा में भी डेंगू के दर्जनभर से अधिक मरीजों का इलाज सरकारी प्राइवेट हॉस्पिटल में चल रहा है परिजनों ने बताया की बीमारी का लक्षण डेंगू बताया गया है।
डेंगू से बचाव के उपाय
- मरीज को ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ दें।
- नारियल पानी और मौसमी फलों के जूस दें।
- मच्छरों से बच कर रहें। फुल बाजू के कपड़े पहनें।
- मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।
- कूलर में मिट्टी के तेल का छिड़काव करें।
- अगर बुखार दवा लेने पर भी ठीक न हो रहा हो तो डेंगू की जांच कराएं।