कोरोना काल में विटामिन, वायरल फीवर की दवाओं की मांग बढ़ी, डॉक्टरों की सलाह, बिना परामर्श दवा लेना पडे़गा महंगा
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कोरोना काल में लोग अपनी सेहत को लेकर ज्यादा फिक्रमंद हो गए हैं। इसका असर यह है कि एक ओर जहां शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बने रहने के लिए आयुर्वेदिक औषधियों बिक्री बढ़ गई है। वहीं सर्दी-खांसी, गले मे खराश, बुखार के लिए एलोपैथिक दवा के साथ ही विटामिन की गोलियों की मांग भी तेज हो गई है। बढ़ती मांग को देखते हुए ड्रग डिपार्टमेंट और केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन भी पर्याप्त स्टाक मंगाने में लगा हुआ है।
डॉक्टरों के मुताबिक, बिना चिकित्सक की सलाह के कोई भी दवा का सेवन करना सेहत के लिए लाभकारी नहीं होगा। जरा सी सर्दी, खांसी, बुखार और गले में खराश से बचने के लिए पैरासिटामोल, कालपाल, एजिथ्रोमाईसिन, सिट्ररीजीन दवा खुद ही लेकर रख रहे हैं। साथ ही शरीर में कैल्शियम और आयरन की मात्रा बनी रहे इसके विटामिन सी, जिंक, विटामिन बी-12 की दवा भी लेने मेडिकल स्टोर तक जा रहे हैं।
केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज खन्ना ने बताया कि सामान्य दिनों की तुलना में कोरोना काल में बुखार, सर्दी, गले में खरास और विटामिन की दवाओं की मांग में 15 से 20 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। जबकि पहले लोग बिना डॉक्टर की सलाह के ये दवा नहीं लेते थे। बहुत से लोग इन दवाइयों को लेकर घर में रख भी रहे है। हालांकि स्टॉक की कोई दिक्कत नहीं है।
बिना डाक्टर की सलाह नहीं लें दवा
अगर बिना डॉक्टर की सलाह के लोग दवा लेंगे तो बीमारी कम करने की जगह बढ़ने की संभावना अधिक रहती है। बिना सही जानकारी दवा लेने से किडनी लीवर, पाचन तंत्र भी असर डाल सकता है।-डॉ. एके मौर्या, एडिशनल सीएमओ
इन दवाओं की बढ़ी मांग
-कालपाल,एजिथ्रोमाइसिन, विटामिन सी, जिंक टेबलेट, पैरासिटामोल, सिट्ररीजीन