दिल्ली हिंसाः अभिनेता अनुराग ने कहा-सच्चाई को जाने बगैर किसी के बारे में दुष्प्रचार करना ठीक नहीं
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सोशल मीडिया पर खुद को दिल्ली दंगे में फायरिंग और हिंसा फैलाने का आरोपी करार दिए जाने से कलाकार अनुराग मिश्रा खासे आहत हैं। सिगरा थाने में तहरीर देने के बाद उन्होंने 'अमर उजाला' से अपने दिल का दर्द साझा किया।
अनुराग ने बताया कि वह बीती 17 फरवरी को मुंबई से गोरखपुर एक्सप्रेस ट्रेन से बनारस के लिए रवाना हुए। 19 फरवरी की सुबह वह भदोही रेलवे स्टेशन पर उतरे और 20 फरवरी को वाराणसी पहुंचे। तब से अब तक वह वाराणसी में ही हैं। उन्हें यूपी इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल की तैयारियां करनी थी।
इधर, एक-दो दिन से सोशल मीडिया पर उनकी फोटो और फेसबुक आईडी ट्रोल होने लगी तो उनके करीबियों ने उन्हें फोन करना शुरू किया। उन्हें लेकर हजारों ट्वीट किए गए और फेसबुक-इंस्टाग्राम पर सैकड़ों पोस्ट शेयर की गई। इससे वह परेशान हो गए। उन्हें एकबारगी समझ में ही नहीं आया कि आखिरकार सोशल मीडिया पर उन्हें क्यों निशाना बनाया जा रहा है।
अनुराग के अनुसार, वह भारतीय संविधान और कानून में आस्था रखते हैं। आज तक ऐसा कोई काम नहीं किए जो विधि विरुद्ध हो। सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल किए जाने से उनके मां-बाप, रिश्तेदार और करीबी खासे दुखी हैं।
अनुराग ने अपील की है कि सच्चाई को जानना और समझना चाहिए। किसी को भी इस तरह से सोशल मीडिया पर निशाना बनाना ठीक बात नहीं है। किसी के बारे में पब्लिक प्लेटफार्म पर कुछ लिखने या कहने से पहले हर किसी को सोचना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिगरा थाने की पुलिस का सहयोगात्मक रवैया देख उन्हें यह विश्वास है कि उनके साथ न्याय होगा। उन्हें सोशल मीडिया पर बदनाम करने वाले लोग बेनकाब होंगे।