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राजकीय संप्रेक्षण गृह के किशोर की अस्पताल में मौत
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रामनगर। कस्बा स्थित राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) में 17 वर्षीय किशोर की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। किशोर के परिजनों का आरोप है कि उसे मार डाला गया है। परिजनों के आरोप को देखते हुए मजिस्ट्रेट की निगरानी में शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
संप्रेक्षण गृह के अधीक्षक मिथिलेश कुमार ने बताया कि जौनपुर के मडि़याहूं क्षेत्र निवासी किशोर जनवरी में सामूहिक दुष्कर्म के आरोप में निरुद्ध किया गया था। दाखिल किए जाने के दौरान से ही वह हमेशा बीमार रहता था। कई बार डॉक्टरों से इलाज कराने के बाद भी उसकी बीमारी पकड़ में नहीं आ सकी। सोमवार की सुबह उसे उल्टी और पेट दर्द शुरू हुआ तो लालबहादुर शास्त्री अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान देर शाम उसकी मौत हो गई। गृह अधीक्षक की सूचना पर आए किशोर के परिजनों ने उसे मार डालने का आरोप लगाया। परिजनों ने कहा कि अस्पताल में भर्ती संबंधी कागज भी उन्हें नहीं दिखाया गया। जब उसकी तबीयत पहले से ही खराब थी तो उन्हें क्यों नहीं बताया गया। किशोर पहले भी मुलाकात के दौरान रहने-खाने और पीने के साफ पानी की दिक्कत के साथ ही प्रताड़ना की शिकायत करता रहता था। परिजनों ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाए।
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संप्रेक्षण गृह के अधीक्षक मिथिलेश कुमार ने बताया कि जौनपुर के मडि़याहूं क्षेत्र निवासी किशोर जनवरी में सामूहिक दुष्कर्म के आरोप में निरुद्ध किया गया था। दाखिल किए जाने के दौरान से ही वह हमेशा बीमार रहता था। कई बार डॉक्टरों से इलाज कराने के बाद भी उसकी बीमारी पकड़ में नहीं आ सकी। सोमवार की सुबह उसे उल्टी और पेट दर्द शुरू हुआ तो लालबहादुर शास्त्री अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान देर शाम उसकी मौत हो गई। गृह अधीक्षक की सूचना पर आए किशोर के परिजनों ने उसे मार डालने का आरोप लगाया। परिजनों ने कहा कि अस्पताल में भर्ती संबंधी कागज भी उन्हें नहीं दिखाया गया। जब उसकी तबीयत पहले से ही खराब थी तो उन्हें क्यों नहीं बताया गया। किशोर पहले भी मुलाकात के दौरान रहने-खाने और पीने के साफ पानी की दिक्कत के साथ ही प्रताड़ना की शिकायत करता रहता था। परिजनों ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाए।
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