Varanasi: दादा के बिस्तर से गायब पोते का शव 24 घंटे बाद कुएं में मिला, चाचा ही निकला हत्यारा, इस कारण वारदात
वाराणसी के फूलपुर थाना क्षेत्र से शुक्रवार सुबह एक सनसनीखेज घटना सामने आई। 24 घंटे से लापता मासूम का शव शुक्रवार सुबह कुएं में उतराया मिला। उसे कुएं में उसके चाचा ने ही फेंका था।
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वाराणसी के फूलपुर थाना क्षेत्र से शुक्रवार सुबह एक सनसनीखेज घटना सामने आई। रायतारा पिंडरा स्थित अनुसूचित बस्ती में दादा के साथ सोए हुए तीन वर्षीय पोते का अपहरण कर हत्या कर दी गई। मासूम का शव 24 घंटे बाद शुक्रवार को घर से लगभग 400 मीटर दूर कुएं से बरामद हुआ। पुलिस की तफ्तीश में पता चला कि वारदात को मासूम के चाचा ने ही अंजाम दिया। वह भतीजे को मारकर जमीन हड़पना चाहता था। मासूम के पिता और आरोपी के बड़े भाई की मौत कुछ दिन पहले ही हुई है।
बस्ती निवासी किशोरी लाल ने गुरुवार को फूलपुर थाने की पुलिस को सूचना दी थी कि उनका तीन वर्षीय पोता कृष्ण कुमार उनके पास सो रहा था। वह अलसुबह शौचालय से जब वापस आए तो बिस्तर से उनका पोता गायब था। परिजनों संग आसपास पोते की खोजबीन के बाद भी उसका कहीं पता नहीं लगा। किशोरी लाल की तहरीर पर फूलपुर थाने की पुलिस अपहरण का मुकदमा दर्ज कर मासूम की तलाश कर रही थी।
थानाध्यक्ष फूलपुर दीपक कुमार राणावत ने जांच शुरू की तो सामने आया कि अपने पिता की संपत्ति को लेकर बाबूलाल के मन में लालच था और वह उनसे अक्सर विवाद भी करता रहता था। बुधवार को भी वह अपने पिता से जमीन के बंटवारे को लेकर विवाद किया था। अपने मासूम भतीजे के प्रति भी उसका व्यवहार बहुत अच्छा नहीं रहता था।
इसी आधार पर फूलपुर थानाध्यक्ष ने दरोगा संग्राम सिंह व अतुल त्रिपाठी और सर्विलांस टीम के दरोगा आदित्य कुमार मिश्रा के साथ जांच करने के बाद बाबूलाल को पकड़ा। बाबूलाल से कड़ाई से पूछताछ शुरू की गई तो वारदात की गुत्थी परत दर परत सुलझती चली गई।
मासूम की मां बोली- पति के बाद अब बेटे ने छोड़ा साथ
घटना के बाद से मासूम कृष्ण कुमार (3) का रो-रोकर बुरा हाल है। वह कभी बेसुध हो जा रही है तो कभी दहाड़े मार कर चीख उठती हैं। कृष्ण कुमार अपनी मां का इकलौती संतान था। उसके पिता की मौत बीते सात अक्टूबर को हुई थी। दादा किशोरी लाल जिलापूर्ति अधिकारी के पूर्व ड्राइवर थे। 2008 में रिटायर्ड हुए थे। रो-रोकर मासूम की मां ने कहा कि अब वो किसके सहारे जिएगी। पति के बाद अब बेटा भी मेरे साथ नहीं रहा। ऐसी जिंदगी जी कर मैं क्या करूंगी।