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अब यह संभालेगी ठुमरी साम्राज्ञी की विरासत, जानिए गिरिजा देवी ने किसको बनाया अपना उत्तराधिकारी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 27 Oct 2017 02:23 PM IST
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गिरिजा देवी
- फोटो : SELF
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ठुमरी साम्राज्ञी पद्मविभूषण गिरिजा देवी की गायन परंपरा की कड़ी विस्तार लेगी। पूरब अंग की गायकी की विरासत को अब आगे बढ़ाएंगी उनकी बेटी नृत्यांगना सुधा दत्ता। वह कोलकाता की संगीत एकेडमी से लेकर काशी तक की अप्पा जी की विरासत की मालकिन होंगी।
अपनी चल-अचल संपत्ति का स्वामित्व उन्होंने अपनी बेटी को सौंपा है। मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार के बाद गिरिजा देवी की पुत्री सुधा दत्ता के आंसू थम नहीं रहे थे।
‘अमर उजाला’ से बातचीत में उन्होंने घर-परिवार से लेकर पूरब अंग की गायकी की विरासत को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए भावनाएं साझा कीं। कहा कि वह पूरे साहस और धैर्य से अप्पा जी परंपरा को आगे बढ़ाएंगी।
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संगीत एकेडमी के संचालन के साथ ही उनके शिष्य-शिष्याओं को भी पूरा समय देंगी। अब अप्पा जी की गायकी की विशाल परंपरा को कैसे आगे बढ़ाया जाएगा? इस सवाल पर सुधा ने कहा कि उन्होंने अपने रहते सब कुछ मुझे सौंप दिया था।
मैं उनकी इकलौती बेटी हूं। उनकी विरासत को थाती के रूप में सहेजने के साथ उसे उसी तरह आगे बढ़ाती रहूंगी। जल्द ही संगीत जगत की हस्तियों का उनकी याद में एक जमावड़ा भी होगा।
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अपनी चल-अचल संपत्ति का स्वामित्व उन्होंने अपनी बेटी को सौंपा है। मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार के बाद गिरिजा देवी की पुत्री सुधा दत्ता के आंसू थम नहीं रहे थे।
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‘अमर उजाला’ से बातचीत में उन्होंने घर-परिवार से लेकर पूरब अंग की गायकी की विरासत को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए भावनाएं साझा कीं। कहा कि वह पूरे साहस और धैर्य से अप्पा जी परंपरा को आगे बढ़ाएंगी।
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संगीत एकेडमी के संचालन के साथ ही उनके शिष्य-शिष्याओं को भी पूरा समय देंगी। अब अप्पा जी की गायकी की विशाल परंपरा को कैसे आगे बढ़ाया जाएगा? इस सवाल पर सुधा ने कहा कि उन्होंने अपने रहते सब कुछ मुझे सौंप दिया था।
मैं उनकी इकलौती बेटी हूं। उनकी विरासत को थाती के रूप में सहेजने के साथ उसे उसी तरह आगे बढ़ाती रहूंगी। जल्द ही संगीत जगत की हस्तियों का उनकी याद में एक जमावड़ा भी होगा।