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बंगाल की खाड़ी में आया खतरनाक साइक्लोन ‘मोरा’, पूर्वांचल में भी पड़ेगा असर
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Wed, 31 May 2017 10:45 AM IST
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साइक्लोन (चक्रवाती तूफान)
- फोटो : self
मौसम में आए बदलाव ने प्री-मानसून की दस्तक दे दी है। भीषण गर्मी और धूप राहत मिलने के साथ ही खेती-बारी के लिहाज से भी अच्छा रहेगा। बीएचयू के मौसम विज्ञानी प्रो. एसएन पांडेय के अनुसार बंगाल की खाड़ी में उठा खतरनाक साइक्लोन (चक्रवाती तूफान) ‘मोरा’ से तेज हवा, बारिश और गरज होगी।
इसका असर पूर्वोत्तर के कई राज्यों में है। खतरनाक साइक्लोन होने के कारण इससे पूर्वांचल भी प्रभावित होगा। आगामी तीन दिनों तक तेज गरज चमक के साथ बारिश होने के प्रबल आसार हैं।
इधर कई दिनों से तापमान 40 डिग्री के नीचे बना हुआ है। वजह, बंगाल की खाड़ी से पुरवा हवा चलने और साइक्लोन बनने के कारण ऐसा हुआ है। सोमवार को अधिकतम तापमान 37.5 और न्यूनतम तापमान 28.3 डि॑ग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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मौसम विज्ञानी प्रो पांडेय के अनुसार साइक्लोन से असम, मिजोरम, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल में इसका व्यापक असर है। बिहार भी इससे प्रभावित है। जिससे पूर्वी उत्तर प्रदेश पर भी इसका असर है। इससे पूर्वांचल में बारिश के काफी संभावना है।
इस बारिश से धान की नर्सरी डालने और खेत तैयार करने के लिए किसानों के लिए फायदेमंद होगा। अभी कम से कम दो से तीन दिन यानी 31 मई तक इसी तरह मौसम बना रहेगा।
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इसका असर पूर्वोत्तर के कई राज्यों में है। खतरनाक साइक्लोन होने के कारण इससे पूर्वांचल भी प्रभावित होगा। आगामी तीन दिनों तक तेज गरज चमक के साथ बारिश होने के प्रबल आसार हैं।
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इधर कई दिनों से तापमान 40 डिग्री के नीचे बना हुआ है। वजह, बंगाल की खाड़ी से पुरवा हवा चलने और साइक्लोन बनने के कारण ऐसा हुआ है। सोमवार को अधिकतम तापमान 37.5 और न्यूनतम तापमान 28.3 डि॑ग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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मौसम विज्ञानी प्रो पांडेय के अनुसार साइक्लोन से असम, मिजोरम, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल में इसका व्यापक असर है। बिहार भी इससे प्रभावित है। जिससे पूर्वी उत्तर प्रदेश पर भी इसका असर है। इससे पूर्वांचल में बारिश के काफी संभावना है।
इस बारिश से धान की नर्सरी डालने और खेत तैयार करने के लिए किसानों के लिए फायदेमंद होगा। अभी कम से कम दो से तीन दिन यानी 31 मई तक इसी तरह मौसम बना रहेगा।