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कथक नृत्यांगना सोनी बोली- खड़ी थी, खड़ी हूं और खड़ी रहूंगी

Thu, 19 Nov 2015 02:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी Updated Thu, 19 Nov 2015 02:22 AM IST
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dancer Soni bid - hibernation has, and I hibernation has hibernation has will appreciate
लगातार सबसे अधिक समय (124 घंटे) तक नृत्य का विश्व कीर्तिमान बनाने से चूकी कथक नृत्यांगना सोनी चौरसिया थोड़ी मायूस हैं लेकिन हताश कतई नहीं। जोश और जज्बे से भरी काशी की इस बेटी ने कहा कि ‘मैं कल भी खड़ी थी, आज भी खड़ी हूं और आगे भी खड़ी रहूंगी। फिर कोशिश करूंगी और एक दिन जरूर विश्व कीर्तिमान बनाऊंगी। ’
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लगातार 124 घंटे नृत्य कर विश्व कीर्तिमान बनाने का सोनी का सफर मंगलवार की रात उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद थम गया था। उसके बाद अधिकृत तौर पर इसकी घोषणा भी कर दी गई थी। स्वास्थ्य में सुधार होने पर बुधवार को सोनी ने बताया कि पहले दिन 14 नवंबर को सुबह नौ बजे अभियान की शुरुआत के बाद से चौथे दिन 87 घंटे का सफर तय करने तक जरा भी थकान महसूस नहीं हुई।
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मंगलवार की रात 12:18 बजे जब वह मंच पर नाचते-नाचते अचानक बैठ गईं तो कुछ समय के लिए लगा कि वह गायब हो गईं लेकिन उसके बाद तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई दी तो पैर फिर अपने आप थिरकने लगे। हालांकि परिवार के लोगों और डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें ब्रेक लेना पड़ा।
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कुछ देर आराम करने के बाद वह दोबारा मंच पर आना चाहती थी लेकिन घरवाले तैयार नहीं हुए। सब इस बात से डरे थे कि सोनी को कुछ हो न जाए और फिर डॉक्टरों की सलाह के आधार पर वह दोबारा मंच पर नहीं आ पाईं। देर रात 3:20 बजे उन्हें मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा ले जाया गया।

वहां प्राथमिक उपचार के बाद एकबारगी फिर उन्होंने आर्य महिला पीजी कॉलेज के प्रबंधक से मंच पर वापस आने की इच्छा जताई लेकिन लोग इसके लिए तैयार नहीं हुए। बकौल सोनी, ‘सभागार के अंदर और बाहर लोगों ने जिस तरह हौसलाअफजाई की, उसे कभी भूल नहीं पाऊंगी।


मंच पर नृत्य करते समय किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं थी। पहले दिन का सफर शुरू होने के बाद बस 19 नवंबर को दोपहर एक बजे का समय ही दिख रहा था। जिस समय नृत्य रुका यह महसूस नहीं कर पाई कि मै हूं कि नहीं।’
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