फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Cyber Crime Advocate arrested from Dehradun on charges of online fraud in varanasi case two years ago

Cyber Crime: ऑनलाइन ठगी के आरोप में देहरादून से अधिवक्ता गिरफ्तार, दो वर्ष पहले का है मामला; भेजा गया जेल

Fri, 12 Jul 2024 05:19 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Fri, 12 Jul 2024 05:19 PM IST
सार

Varanasi News: 

विज्ञापन
Cyber Crime Advocate arrested from Dehradun on charges of online fraud in varanasi case two years ago
वाराणसी की चौबेपुर थाना की पुलिस ने की कार्रवाई। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एक लाख 13 हजार 650 रुपये की ऑनलाइन ठगी के आरोपी को साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने देहरादून से गिरफ्तार किया है। आरोपी अंकित भारद्वाज पेशे से अधिवक्ता हैं। वह मूलरूप से बिजनौर के नजीजाबाद थाने के आदर्श नगर, गली नंबर बी-6 का रहने वाला है। 

विज्ञापन


वर्तमान में वह देहरादून के रायपुर थाना के एकता बिहार, सहस्त्र धारा रोड, लेन नंबर-1 में रह रहा था। अंकित को देहरादून की अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर वाराणसी लाया गया और गुरुवार को जिला जेल में भेजा गया।
विज्ञापन


चौबेपुर थाना क्षेत्र के शिवदशा गांव निवासी वंश नारायण सिंह की तहरीर पर 2022 में साइबर क्राइम पुलिस थाने में 120बी, 420, 467, 468, 471 और आईटी एक्ट की धारा 66 डी के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


वंश नारायण सिंह के अनुसार, उनके पुत्र अवनीश को व्हाट्सएप पर मैसेज कर नायका फैशन की जानकारी दी गई। बताया गया कि यदि कोई प्रोडक्ट खरीदेंगे तो अच्छा लाभ मिलेगा। इसके बाद उनसे सात बार में 1,13,650 रुपये ठगी की गई। 

साइबर क्राइम थाना प्रभारी विजय नारायण मिश्र ने बताया कि हेड कांस्टेबल प्रभात कुमार द्विवेदी और कांस्टेबल चंद्रशेखर यादव व दिलीप कुमार ने सर्विलांस की मदद से जांच की। 

सामने आया कि जिस बैंक खाते में पैसा गया है उससे संबंधित खाता देहरादून के आईसीआईसीआई बैंक में एसएबी सिक्योरिटी के नाम से है। खाते से संबंधित व्यक्ति अंकित भारद्वाज के बारे में पता कर उसके खिलाफ अदालत की अनुमित से कुर्की की कार्रवाई की गई, लेकिन वह गिरफ्त में नहीं आ सका। 

इसमें देहरादून के पुलिस अधीक्षक से सहयोग मांगा गया। फिर, अंकित के बारे में सटीक जानकारी जुटाकर उसे देहरादून के गंगोल पंडित वाड़ी स्थित ससुराल से गिरफ्तार किया गया।

कमीशन के लालच में खाता इस्तेमाल करने की दी थी इजाजत
अंकित भारद्वाज ने पुलिस को बताया कि एसएबी सिक्योरिटी में एस उसकी पत्नी साक्षी का नाम है। ए और बी का मतलब अंकित भारद्वाज है। वह देहरादून की जिला अदालत में अधिवक्ता है। इस मामले में उसके दो साथी संजय राय और मोहम्मद नईम को वाराणसी पुलिस गिरफ्तार कर पहले ही जेल भेज चुकी है। 

अंकित ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से उसकी जान-पहचान साइबर फ्रॉड करने वालों से हुई थी। उन लोगों ने अच्छे कमीशन का लालच दिया था, इसलिए उसने पैसे लेकर अपने बैंक खाते को इस्तेमाल करने की इजाजत दी थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed