वाराणसी में 1.88 करोड़ की ठगी: 24 दिन में खगाले अकाउंट, ट्रेडिंग के बहाने महिला को लिया झांसे में; जानें मामला
Cyber Crime News: सिगरा की रहने वाली महिला ने रपट दर्ज करवाकर कार्रवाई की मांग की है। बताया कि बहुत ही शातिर तरीके से जालसाजों ने ठगी की है। 24 दिनों में धीरे-धीरे पूरा अकाउंट खाली कर दिया।
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Varanasi Crime: निवेश और ट्रेडिंग का झांसा देकर महिला से 1.88 करोड़ की साइबर धोखाधड़ी हुई है। पीड़िता ने गुरुवार की शाम साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कराया।
पीड़िता इंस्टाग्राम पर एएसके इन्वेस्टमेंट के लिंक पर क्लिक कर व्हाट्सएप ग्रुप एएसके हेल्प डेस्क से जुड़ी और फिर एएसके एप पर ट्रेडिंग कराते हुए पहले महिला के बैंक खातों में पैसे भेजे गए और फिर विश्वास में लेकर महिला के खातों से विभिन्न खातों में पैसा निवेश कराया गया।
24 दिन के अंदर एक करोड़ 88 लाख रुपये साइबर जालसाजों के कहने पर महिला ने विभिन्न खातों में निवेश किए। साइबर क्राइम थाना की पुलिस बैंक खाता नंबर और इंस्टाग्राम आईडी, एप आदि सभी बिंदुओं की जांच कर रही है।
सिगरा थाना क्षेत्र के स्वास्तिक पैराडाइज अपार्टमेंट की रहने वाली पीड़िता ने साइबर पुलिस को बताया कि 2 मार्च 2025 को इंस्टाग्राम पर एएसके इन्वेसटमेंट का विज्ञापन दिखा था। जिसके लिंक पर जाकर एएसके हेल्प डेस्क नाम का व्हाट्सएप ग्रुप जाॅइन किया।
महिला बोली- मैं परेशान हो चुकी हूं
उस ग्रुप में मुझे ट्रेडिंग के लेक्चर भी दिखाए गए, जिसके बाद ग्रुप के एडमिन ने मुझे एएसके का एप प्लेस्टोर से डाउनलोड कराया। उस एप पर ट्रेडिंग कराते थे। जिसमे उस ग्रुप की काेऑर्डिनेटर प्रिया शर्मा से व्हाट्सएप नंबर पर बात होती थी और ट्रांजेक्शन कराने वाले एएसके कस्टमर सपोर्ट का व्हाट्सएप नंबर भी है।
उस एप पर इनवेस्टमेंट के नाम पर पैसा लगवाया जाता था, जो मुझे फायदे के साथ एप पर दिखता था। मुझे पैसे भेजने के लिए बहुत सारे बैंक खाते दिए गए। एक बार मैंने कुछ पैसे निकाले भी थे। जिसके बाद मुझे पूरी तरह विश्वास हो गया कि यह एप सही है, जिसके बाद मैंने उस एप पर भरोसा कर इनवेस्ट कर कई बैंक खातों में कई ट्रांजेक्शन में पैसे भेजे, जिसके बाद मैंने अपने पहले लगाए गए पैसों को वापस लाने के लिए उनके कहे अनुसार और पैसे आईपीओ में लगाए।
जब मैंने अपने प्राॅफिट का पैसा निकालना चाहा तो उन लोगों ने मुझे मेरा पैसा नहीं निकालने दिया। इसके बाद मुझे शक हुआ कि मेरे साथ साइबर फ्राॅड हुआ है। इनवेस्टमेन्ट के नाम पर 25 मार्च से 17 अप्रैल तक कई खातों में 18832000 रुपये भेजे।
अपने रिश्तेदारों और परिचितों समेत अन्य कई एफडी तोड़कर निवेश कराती गई। अब आर्थिक रूप से दिवालिया हो चुकी हूं। साइबर अपराधियों ने योजनाबद्ध तरीके से विश्वास में लेकर मेरे साथ इतना बड़ा धोखा किया है। साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक विजय नारायण मिश्रा ने बताया कि बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और एप आदि की जांच शुरू कर दी गई है।