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Kashi Tamil Sangmam: उत्तर और दक्षिण के बीच हुआ सांस्कृतिक सेतु का निर्माण, प्राचीन संस्कृति को भी जाना

Fri, 16 Dec 2022 09:13 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Fri, 16 Dec 2022 09:13 AM IST
सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 दिसंबर को बीएचयू एंफीथियेटर मैदान में मास पर्यंत चलने वाले उत्सव काशी तमिल संगमम का भव्य उद्घाटन किया था। पद्मश्री इलैयराजा के गीत और संगीत से तमिल संगमम की शुरुआत हुई थी। इसके बाद हर दिन काशीवासियों ने समृद्ध तमिल सांस्कृतिक विरासत की झलक देखी। साहित्य, विरासत, ग्रामीण परिवेश, संस्कृति विषयों पर संवाद के दौरान बनारस और तमिलनाडु के लोगों ने एक दूसरे को समझा।

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Cultures of North and South meet at Kashi Tamil Sangamam
काशी-तमिल संगमम के प्रतिनिधियों के स्वागत के लिए बनाया गया सैंडआर्ट। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

काशी तमिल संगमम ने काशी में एक भारत, श्रेष्ठ भारत की संकल्पना को साकार कर दिया है। भविष्य के लिए जहां उत्तर और दक्षिण के मध्य सांस्कृतिक सेतु का निर्माण हुआ है। वहीं, आवागमन और शैव परंपरा को मजबूती भी मिली है। उत्तर और दक्षिण भारत की संस्कृतियों के महाकुंभ ने भाषाई दीवारों को तोड़ने के साथ ही मानसिक और भावनात्मक रिश्तों को प्रगाढ़ किया है। काशी तमिल संगमम आयोजन ही नहीं है, बल्कि एक विमर्श व दो समृद्ध संस्कृतियों के बीच संवाद था। 

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 दिसंबर को बीएचयू एंफीथियेटर मैदान में मास पर्यंत चलने वाले उत्सव काशी तमिल संगमम का भव्य उद्घाटन किया था। पद्मश्री इलैयराजा के गीत और संगीत से तमिल संगमम की शुरुआत हुई थी। इसके बाद हर दिन काशीवासियों ने समृद्ध तमिल सांस्कृतिक विरासत की झलक देखी। साहित्य, विरासत, ग्रामीण परिवेश, संस्कृति विषयों पर संवाद के दौरान बनारस और तमिलनाडु के लोगों ने एक दूसरे को समझा। काशी व तमिलनाडु के विद्वानों, विशेषज्ञों व विद्यार्थियों को विचारों को साझा करने का अवसर मिला। साथ ही काशी व कांची की प्राचीन संस्कृति ने एक दूसरे को करीब से समझा। केंद्रीय संचार ब्यूरो की ओर से भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में तमिल नायकों के बारे में प्रदर्शनी के जरिये जानकारी दी। संस्कृति विभाग की शैव व वैष्णव परंपरा पर आधारित प्रदर्शनी के साथ ही तमिलनाडु की संस्कृति, विरासत तथा कला पर अनेक फिल्मों की स्क्रीनिंग भी हुई। 

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Cultures of North and South meet at Kashi Tamil Sangamam
काशी तमिल संगमम - फोटो : अमर उजाला
सात सौ से अधिक कलाकारों ने किया प्रदर्शन
तमिलनाडु से 50 से अधिक दलों के 700 से अधिक कलाकारों ने राज्य की विभिन्न कलाओं का प्रदर्शन किया। इसमें लोक, जनजातीय तथा शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुतियाें के साथ ही तमिल कलाकारों ने थियेटर प्रस्तुतियां भी दीं।

ओडीओपी के तहत सजी प्रदर्शनी
तमिलनाडु की हस्तकला तथा हथकरघा उत्पादों को भी संगमम के दौरान प्रदर्शित किया गया। ओडीओपी के अनुसार राज्य के तकरीबन 132 उत्पाद प्रदर्शनी व विक्रय के लिए उपलब्ध थे। इसके साथ ही तमिल व्यंजनों के लिए भी दस स्टॉल लगाए गए थे।
 
संगमम से बनी काशी की अलग पहचान : धर्मेंद्र प्रधान
वाराणसी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि काशी तमिल संगमम के एक महीने के आयोजनों ने पूरी दुनिया में बनारस की अलग पहचान बनाई है। अब अतिथियों की ऐसी विदाई दी जाए कि वे काशी का आतिथ्य आजीवन याद रखें। तमिलनाडु जाकर काशी के ब्रांड एंबेसडर बने रहें। इससे पहले एयरपोर्ट पर भाजपा के क्षेत्रीय मंत्री अशोक तिवारी, जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र सिंह ने केंद्रीय मंत्री का स्वागत किया।
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