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माओवादियों की खतरनाक साजिश नाकाम, रेलवे ट्रैक पर रखे 37 बम निष्क्रिय
ब्यूरो,अमर उजाला,मुगलसराय
Updated Wed, 24 May 2017 09:34 AM IST
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सीआरपीएफ
- फोटो : Getty
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पूर्व मध्य रेलवे के धनबाद मंडल के दुमरी बिहार और दनिया रेलवे स्टेशनों के बीच मंगलवार की सुबह नौ बजे सीआरपीएफ जवानों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ में रेलवे ट्रैक पर बम मिले जिससे समूचा रेल प्रशासन दहशत में आ गया।
बाद में सीआरपीएफ के जवानों ने बम रेलवे ट्रैक से हटाकर निष्क्रिय किए। इससे बड़ा हादसा टल गया। वरीय मंडल परिचालन प्रबंधक धनबाद संजय प्रसाद ने कि ट्रैक पर कुल 37 बम मिले थे जिन्हें सीआरपीएफ के जवानों ने निष्क्रिय कर दिया था।
सूचना पर सुबह नौ बजे से परिचालन रोक दिया गया था। जिससे मालगाड़ी समेत एक दर्जन गाड़ियां प्रभावित हुईं। गहनता से जांच के बाद शाम पौने पांच बजे परिचालन शुरू करा दिया गया।
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दुमरी बिहार और दनिया रेलवे स्टेशन धनबाद मंडल में आता है। यहां सिंगल रेलवे ट्रैक है जिसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआरपीएफ की है। सीआरपीएफ के जवान मंगलवार की सुबह नौ बजे गश्त कर रहे थे।
इसी बीच दुमरी बिहार और दनिया रेलवे स्टेशनों के बीच किलोमीटर संख्या 58/8-9 के बीच माओवादी ट्रैक में कुछ रखते दिखे। सीआरपीएफ ने उन्हें चेतावनी देते हुए दौड़ा लिया। इसे लेकर माओवादियों और सीआरपीएफ के बीच मुठभेड़ भी हुई लेकिन माओवादी भाग निकले।
सीआरपीएफ जब वहां पहुंची तो उन्हें ट्रैक के बीच में लगाए गए 37 बम दिखाई दिए। उन्होंने तत्परता दिखाते हुए बमों को ट्रैक से बाहर निकाला और सभी को निष्क्रिय कर दिया।
वरीय मंडल परिचालन प्रबंधक धनबाद संजय प्रसाद ने बताया कि मंडलीय अधिकारियों की जांच के बाद शाम पौने पांच बजे ट्रेनों का परिचालन आरंभ कर दिया गया। बताया कि सीआरपीएफ अधिकारियों के अनुसार सभी बम जिंदा थे और अगर थोड़ी देर हुई होती तो माओवादी ट्रैक उड़ाने के मकसद में कामयाब हो जाते।
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बाद में सीआरपीएफ के जवानों ने बम रेलवे ट्रैक से हटाकर निष्क्रिय किए। इससे बड़ा हादसा टल गया। वरीय मंडल परिचालन प्रबंधक धनबाद संजय प्रसाद ने कि ट्रैक पर कुल 37 बम मिले थे जिन्हें सीआरपीएफ के जवानों ने निष्क्रिय कर दिया था।
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सूचना पर सुबह नौ बजे से परिचालन रोक दिया गया था। जिससे मालगाड़ी समेत एक दर्जन गाड़ियां प्रभावित हुईं। गहनता से जांच के बाद शाम पौने पांच बजे परिचालन शुरू करा दिया गया।
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दुमरी बिहार और दनिया रेलवे स्टेशन धनबाद मंडल में आता है। यहां सिंगल रेलवे ट्रैक है जिसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआरपीएफ की है। सीआरपीएफ के जवान मंगलवार की सुबह नौ बजे गश्त कर रहे थे।
इसी बीच दुमरी बिहार और दनिया रेलवे स्टेशनों के बीच किलोमीटर संख्या 58/8-9 के बीच माओवादी ट्रैक में कुछ रखते दिखे। सीआरपीएफ ने उन्हें चेतावनी देते हुए दौड़ा लिया। इसे लेकर माओवादियों और सीआरपीएफ के बीच मुठभेड़ भी हुई लेकिन माओवादी भाग निकले।
सीआरपीएफ जब वहां पहुंची तो उन्हें ट्रैक के बीच में लगाए गए 37 बम दिखाई दिए। उन्होंने तत्परता दिखाते हुए बमों को ट्रैक से बाहर निकाला और सभी को निष्क्रिय कर दिया।
वरीय मंडल परिचालन प्रबंधक धनबाद संजय प्रसाद ने बताया कि मंडलीय अधिकारियों की जांच के बाद शाम पौने पांच बजे ट्रेनों का परिचालन आरंभ कर दिया गया। बताया कि सीआरपीएफ अधिकारियों के अनुसार सभी बम जिंदा थे और अगर थोड़ी देर हुई होती तो माओवादी ट्रैक उड़ाने के मकसद में कामयाब हो जाते।