प्रोफेसर चौबे के निलंबन के मामले में महिला आयोग ने बीएचयू से मांगी रिपोर्ट
छात्राओं ने अक्टूबर 2018 में शैक्षणिक टूर के दौरान पुणे में प्रोफेसर चौबे पर शारीरिक बनावट को लेकर अश्लील कमेंट करने सहित कई आरोप लगाए थे। इसकी शिकायत कुलपति से हुई और उसके बाद प्रोफेसर को निलंबित कर दिया गया। मामले की जांच कराई गई और जांच कमेटी ने छात्राओं के आरोपों को सही ठहराते हुए रिपोर्ट कुलपति को भेजी थी।
उधर, सात जून 2019 को कार्यकारिणी परिषद में फैसले के बाद उन्हें चेतावनी जारी करते हुए बहाल कर दिया गया। इसके बाद प्रोफेसर चौबे विभाग आने लगे तो छात्राओं ने विरोध किया। इसके बाद उन्हें लंबी छुट्टी पर भेज दिया गया है। इस बीच सोमवार को महिला आयोग का पत्र आने के बाद एक बार फिर चर्चाएं होने लगी हैं। सूत्रों की माने तो आयोग की अध्यक्ष ने कुलपति को लिखे पत्र में जल्द से जल्द रिपोर्ट देने को कहा है।
कुलपति प्रो. राकेश भटनागर ने कहा कि महिला आयोग द्वारा रिपोर्ट मांगे जाने की जानकारी अभी नहीं है। अगर प्रकरण में कोई जवाब मांगा गया है तो विश्वविद्यालय के नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अगले महीने कार्यकारिणी ले सकती है फैसला :
प्रोफेसर चौबे पर कार्रवाई पर पुनर्विचार के लिए कार्यकारिणी परिषद की आकस्मिक बैठक अक्टूबर में बुलाई जा सकती है। माना जा रहा है कि अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में बैठक बुलाकर जांच रिपोर्ट और अब तक की कार्रवाई पर एक बार फिर चर्चा की जाएगी। इसमें प्रो. चौबे पर कार्रवाई को लेकर अहम फैसला हो सकता है।