{"_id":"595b9b3f4f1c1bdd098b46b2","slug":"varanasi-police-caught-three-police-who-demand-extortion-money","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"एक्टर बनने का चढ़ा ऐसा भूत कि मांग बैठे रंगदारी,वाराणसी पुलिस ने दबोचा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
एक्टर बनने का चढ़ा ऐसा भूत कि मांग बैठे रंगदारी,वाराणसी पुलिस ने दबोचा
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Wed, 05 Jul 2017 10:19 AM IST
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एसएसपी नितिन तिवारी ने दी जानकारी
- फोटो : अमर उजाला
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तीन युवकों पर रातोंरात एक्टर बनने के लिए मुंबई जाने का ऐसा भूत चढ़ा कि साजिश रच डाली। वाराणसी के एक कारोबारी से 15 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। नहीं देने पर जान से मारने की धमकी देने लगे।
घबराए कारोबारी ने पुलिस को सूचना दी मगर बार-बार की धमकी भरी कॉल से डर कर रंगदारी देने को तैयार हो गया। इसी बीच सर्विलांस की मदद से पुलिस ने सोमवार की रात आरोपियों को धर दबोचा।
एक्टर बनने का भूत चढ़ा था मऊ जिले के मधुबन के मूल निवासी और भोजूबीर में रहने वाले सौरभ शाही को। इसने अपने दोस्त गाजीपुर के विक्रमपुर निवासी शिवम और सकलडीहा के मारुफपुर के मूल निवासी और भगवानपुर में रहने वाले अतुल मिश्रा के साथ यह कांड किया।
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पुलिस ने इन तीनों सोमवार रात तरना पुल से गिरफ्तार किया। इनके पास से तीनों के पास से तीन कट्टा, सात कारतूस, दो बाइक, पुलिस की फर्जी आईडी और रंगदारी देने में प्रयुक्त मोबाइल व सिम बरामद कर मंगलवार को जेल भेज दिया।
मंगलवार को एसएसपी नितिन तिवारी ने अपने कार्यालय में बताया कि 19 जून को शिवपुर के फर्नीचर कारोबारी ने 15 लाख की रंगदारी मांगे जाने की शिकायत की थी। बताया कि कॉल करने वाला खुद को बदमाश राजकुमार सिंह बताता है और अलग-अलग मोबाइल नंबर से धमकाता है।
थानाध्यक्ष शिवपुर शिवानंद मिश्र ने सर्विलांस की मदद से धमकी वाले नंबरों की पड़ताल शुरू की। इसी बीच दो जुलाई को कारोबारी को बदमाशों ने रुपये लेकर आईपी मॉल सिगरा के पास बुलाया। इसके बाद फोन आया कि कैंट रेलवे स्टेशन आओ और फिर लहरतारा बुलाया लेकिन बदमाशों और कारोबारी का आमना-सामना नहीं हुआ।
तीन जुलाई को सर्विलांस की मदद से बदमाशों के तरना पुल पर होने का पता लगा तो छापेमारी की। बदमाशों ने पुलिस को देखते ही फायरिंग की लेकिन सभी दबोच लिए गए।
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घबराए कारोबारी ने पुलिस को सूचना दी मगर बार-बार की धमकी भरी कॉल से डर कर रंगदारी देने को तैयार हो गया। इसी बीच सर्विलांस की मदद से पुलिस ने सोमवार की रात आरोपियों को धर दबोचा।
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एक्टर बनने का भूत चढ़ा था मऊ जिले के मधुबन के मूल निवासी और भोजूबीर में रहने वाले सौरभ शाही को। इसने अपने दोस्त गाजीपुर के विक्रमपुर निवासी शिवम और सकलडीहा के मारुफपुर के मूल निवासी और भगवानपुर में रहने वाले अतुल मिश्रा के साथ यह कांड किया।
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पुलिस ने इन तीनों सोमवार रात तरना पुल से गिरफ्तार किया। इनके पास से तीनों के पास से तीन कट्टा, सात कारतूस, दो बाइक, पुलिस की फर्जी आईडी और रंगदारी देने में प्रयुक्त मोबाइल व सिम बरामद कर मंगलवार को जेल भेज दिया।
मंगलवार को एसएसपी नितिन तिवारी ने अपने कार्यालय में बताया कि 19 जून को शिवपुर के फर्नीचर कारोबारी ने 15 लाख की रंगदारी मांगे जाने की शिकायत की थी। बताया कि कॉल करने वाला खुद को बदमाश राजकुमार सिंह बताता है और अलग-अलग मोबाइल नंबर से धमकाता है।
थानाध्यक्ष शिवपुर शिवानंद मिश्र ने सर्विलांस की मदद से धमकी वाले नंबरों की पड़ताल शुरू की। इसी बीच दो जुलाई को कारोबारी को बदमाशों ने रुपये लेकर आईपी मॉल सिगरा के पास बुलाया। इसके बाद फोन आया कि कैंट रेलवे स्टेशन आओ और फिर लहरतारा बुलाया लेकिन बदमाशों और कारोबारी का आमना-सामना नहीं हुआ।
तीन जुलाई को सर्विलांस की मदद से बदमाशों के तरना पुल पर होने का पता लगा तो छापेमारी की। बदमाशों ने पुलिस को देखते ही फायरिंग की लेकिन सभी दबोच लिए गए।
आवाज बदलने में माहिर है शिवम
एसएसपी नितिन तिवारी
- फोटो : अमर उजाला
पूछताछ में सौरभ शाही ने बताया कि भोजूबीर में उसके जीजा की दूकान है। उसके बगल में फर्नीचर कारोबारी की दूकान है और दोनों लोगों का एक-दूसरे के यहां आना-जाना लगा रहता है।
कारोबारी के ठाटबाट देख लगा था कि 15 लाख रुपये वो धमकाने पर आसानी से दे देगा। सौरभ ने बताया कि इसके लिए उसने अपने दोस्त अतुल और शिवम को तैयार किया। तय हुआ कि पांच-पांच लाख रुपये तीनों में बंट जाएंगे और सौरभ मुंबई जाकर एक्टर बनने का अपना सपना पूरा कर लेगा।
अतुल ने पूरी योजना तैयार की और आवाज बदलने में माहिर होने के कारण शिवम कारोबारी को फोन करता था। सौरभ ने कहा कि सोमवार को तीनों तरना पुल पर इकट्ठा होकर कारोबारी को फोन मिला रहे थे तभी गिरफ्तार कर लिए गए।
कारोबारी के ठाटबाट देख लगा था कि 15 लाख रुपये वो धमकाने पर आसानी से दे देगा। सौरभ ने बताया कि इसके लिए उसने अपने दोस्त अतुल और शिवम को तैयार किया। तय हुआ कि पांच-पांच लाख रुपये तीनों में बंट जाएंगे और सौरभ मुंबई जाकर एक्टर बनने का अपना सपना पूरा कर लेगा।
अतुल ने पूरी योजना तैयार की और आवाज बदलने में माहिर होने के कारण शिवम कारोबारी को फोन करता था। सौरभ ने कहा कि सोमवार को तीनों तरना पुल पर इकट्ठा होकर कारोबारी को फोन मिला रहे थे तभी गिरफ्तार कर लिए गए।