आजमगढ़ : दूसरी शादी करने पर दो साल की जेल, पहली पत्नी ने लगाए ये आरोप
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जौनपुर जिले के सरपतहा थाना क्षेत्र की डेहरी गांव निवासी व्यक्ति ने बीस साल पहले पहली पत्नी के जीते जी बगैर तलाक दिए दूसरी शादी कर ली। इस मामले में जेएम द्वितीय सुषमा ने पति को दोषी करार देते हुए दो वर्ष का कारावास और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अर्थदंड की धनराशि में से आठ हजार रुपये पहली पत्नी को देने होंगे।
आजमगढ़ के पवई थाना क्षेत्र के जमालपुर निवासी सावित्री देवी पत्नी कामता प्रसाद ने कोर्ट में परिवाद दाखिल करके आरोप लगाया था कि उसकी शादी सन 1978 में सरपतहा थाना क्षेत्र के निवासी डेहरी निवासी कामता प्रसाद पुत्र जोरई के साथ हुई थी। 1983 में उसका गौना हुआ था।
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सावित्री देवी ने बताया कि विदा होकर ससुराल आई तो दहेज की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित किया जाने लगा। विदा होकर मायके गई तो पति ने दहेज की मांग पूरी नहीं होने के कारण उसे लेने नहीं गया। दस मई 1999 को सूचना मिली कि पति कामता जौनपुर के शीतला चौकियां धाम में वंदना पुत्री सुभाष यादव निवासी परानापुर, सिधारी, आजमगढ़ के साथ दूसरी शादी कर ली।
उन्होंने कहा कि 'मैं मौके पर पहुंची और मना किया लेकिन वे नहीं माने बल्कि मुझे भगा दिया। घटना की सूचना पुलिस अधीक्षक को दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।' मजिस्ट्रेट ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी पति को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। आरोपी वंदना, सुभाष, पियारी देवी और कमली को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया।
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