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हादसे में तीन की मौत
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 20 Jan 2016 02:19 AM IST
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थाना क्षेत्र के खजुरी में मंगलवार की सुबह साढ़े नौ बजे ओवरटेक करने में कंटेनर ने बाइक में टक्कर मार दी। बाइक सवार सुरेंद्र प्रताप सिंह, उनकी बहन नेहा और डेढ़ साल की भांजी विधि कंटेनर के नीचे आ गए। कंटेनर तीनों को कुचलते हुए भाग निकला। सुरेंद्र अपनी बहन को इलाहाबाद से लेकर चंदौली जा रहे थे। हेलमेट भी लगाए हुए थे। लेकिन, धक्के से वह टूट गया। उधर, घटना के बाद लोगों ने करीब घंटे भर तक जीटी रोड को जाम कर दिया। बाद में पुलिस के आश्वासन पर माने।
मिर्जापुर के मड़िहान थाना क्षेत्र के उमरिया आयोध्या प्रसाद गांव निवासी सुरेंद्र प्रताप सिंह (22) अपनी मुंहबोली बहन नेहा (25) और भांजी विधि को लेकर इलाहाबाद से चंदौली के धूरी पट्टी स्थित नेहा के मायके जा रहे थे। वाराणसी-इलाहाबाद मार्ग स्थित खजुरी में हादसे में तीनों की मौत के बाद काफी देर तक शव की शिनाख्त नहीं हो सकी थी। बरसात की वजह से पुलिस शव को मौके से हटाना चाहती थी लेकिन स्थानीय लोगों का कहना था कि पहले शिनाख्त होनी चाहिए। इसके लिए लोगों ने जाम लगा दिया।
जांच के दौरान सुरेंद्र की जेब से मिले कागजात के आधार पर पहचान हुई। उनके परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने पहले तो नेहा और विधि को पहचानने से इंकार कर दिया। हालांकि कुछ देर बाद में पता चला कि नेहा के पति धनंजय सिंह बड़ागांव के पुआरी कला के रहने वाले हैं।
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वह इलाहाबाद में स्वरूपरानी अस्पताल में डॉक्टर हैं। वह मौके पर भी पहुंचे। धनंजय ने ही बताया कि सुरेंद्र पहले उनकी कार चलाता था। वह उनकी पत्नी नेहा को बहन मानता था। पुलिस की पूछताछ में ही पता चला कि धनंजय ने नेहा से दूसरी शादी की थी। वहीं योगेंद्र बहादुर सिंह का बेटा सुरेंद्र चार भाइयों में दूसरे नंबर का था।
इसी बीच सुरेंद्र के भाई रामेंद्र ने आरोप लगाया कि धनंजय ने साजिश के तहत उसके भाई की हत्या कराई है। धनंजय ने सुरेंद्र को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की थी। पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। एसओ मिर्जामुराद अनिल सिंह का कहना है कि सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हुई है। मामले की पड़ताल के लिए धनंजय को हिरासत में लिया गया है।
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मिर्जापुर के मड़िहान थाना क्षेत्र के उमरिया आयोध्या प्रसाद गांव निवासी सुरेंद्र प्रताप सिंह (22) अपनी मुंहबोली बहन नेहा (25) और भांजी विधि को लेकर इलाहाबाद से चंदौली के धूरी पट्टी स्थित नेहा के मायके जा रहे थे। वाराणसी-इलाहाबाद मार्ग स्थित खजुरी में हादसे में तीनों की मौत के बाद काफी देर तक शव की शिनाख्त नहीं हो सकी थी। बरसात की वजह से पुलिस शव को मौके से हटाना चाहती थी लेकिन स्थानीय लोगों का कहना था कि पहले शिनाख्त होनी चाहिए। इसके लिए लोगों ने जाम लगा दिया।
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जांच के दौरान सुरेंद्र की जेब से मिले कागजात के आधार पर पहचान हुई। उनके परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने पहले तो नेहा और विधि को पहचानने से इंकार कर दिया। हालांकि कुछ देर बाद में पता चला कि नेहा के पति धनंजय सिंह बड़ागांव के पुआरी कला के रहने वाले हैं।
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वह इलाहाबाद में स्वरूपरानी अस्पताल में डॉक्टर हैं। वह मौके पर भी पहुंचे। धनंजय ने ही बताया कि सुरेंद्र पहले उनकी कार चलाता था। वह उनकी पत्नी नेहा को बहन मानता था। पुलिस की पूछताछ में ही पता चला कि धनंजय ने नेहा से दूसरी शादी की थी। वहीं योगेंद्र बहादुर सिंह का बेटा सुरेंद्र चार भाइयों में दूसरे नंबर का था।
इसी बीच सुरेंद्र के भाई रामेंद्र ने आरोप लगाया कि धनंजय ने साजिश के तहत उसके भाई की हत्या कराई है। धनंजय ने सुरेंद्र को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की थी। पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। एसओ मिर्जामुराद अनिल सिंह का कहना है कि सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हुई है। मामले की पड़ताल के लिए धनंजय को हिरासत में लिया गया है।