सोनभद्र : जमीनी हेराफेरी की जांच के लिए पहुंचे एसआईटी के डीआईजी, एएसपी और छह इंस्पेक्टर
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सोनभद्र के आदर्श सहकारी कृषि समिति उभ्भा के जमीन के अभिलेखों में हेराफेरी की जांच शुरू हो गई है। इसके लिए मंगलवार को डीआईजी एसआईटी रविंद्र गौड़ की अगुवाई में टीम ने जिले में पहुंच कर उभ्भाकांड की जानकारी एकत्र करने में जुट गई है। आरोपित अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों के भूमिका की भी जांच हो रही है।
17 जुलाई को घोरावल कोतवाली क्षेत्र के उभ्भा गांव में भूमि विवाद में दस लोगों की हुई हत्या की जांच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार को सौंपी थी। उनकी रिपोर्ट पर चार अगस्त को सीएम ने डीएम अंकित कुमार अग्रवाल और एसपी सलमान ताज पाटिल को हटाते हुए उनके खिलाफ विभागीय जांच का आदेश देते हुए राजस्व, सहकारिता व पुलिस के अन्य 15 अफसरों समेत 28 के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया।
इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। विवेचना के लिए डीआईजी एसआईटी रविंद्र गौड़ की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है। सूत्रों की मानें तो मंगलवार की शाम करीब पांच बजे डीआईजी एसआईटी की अध्यक्षता में टीम चुर्क स्थित गेस्ट हाउस पहुंची। टीम में एक एएसपी, छह इंस्पेक्टर समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल है।
टीम ने जिले के कुछ अधिकारियों से उभ्भा में समिति के भूमि को लेकर हुए विवाद के बारे में जानकारी भी ली। बुधवार को टीम कलेक्ट्रेट, घटनास्थल, घोरावल तहसील समेत अन्य स्थानों पर जाने की संभावना है। देर रात को प्रकरण को लेकर जानकारियां जुटाई गई। गेस्ट हाउस में डीआईजी, एएसपी के ठहरने और राबर्ट्सगंज नगर में स्थित होटलों में इंस्पेक्टर समेत अन्य पुलिस कर्मियों के ठहरने का प्रबंध था। उधर जिले में टीम के पहुंचने से आरोपित बनाए गए अधिकारियों और कर्मियों में हड़कंप मच गया है।