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आजमगढ़: अवैध साफ्टवेयर से लगा रहे थे रेलवे को चूना, आरपीएफ के हत्थे चढ़े
Sat, 16 Nov 2019 05:16 PM IST
गीतार्जुन गौतम
यूज डेस्क, अमर उजाला, आजमगढ़
यूज डेस्क, अमर उजाला, आजमगढ़
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Sat, 16 Nov 2019 05:16 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
आजमगढ़ के जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के अंजान शहीद बाजार में गुप्ता ट्रेवल्स की दुकान के संचालक अवैध साफ्टवेयर के जरिए रेलवे का टिकट निकालकर रेलवे विभाग को चूना लगाने वाले दो सगे भाईयों को शुक्रवार को आरपीएफ ने गिरफ्तार कर लिया। दूसरे दिन शनिवार को दोनों का चालान कर दिया गया। इनके यहां से अलग-अलग ट्रेनों के 54 टिकट बरामद हुए जिनकी कीमत 158594 रूपये है।
आरपीएफ के प्रभारी निरीक्षक मिर्जा राशिद बेग के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में विजय गुप्ता और दुर्गा गुप्ता हैं। इनके पिता का नाम मंहगू गुप्ता है। यह दोनों सगे भाई जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के अंजान शहीद गांव के रहने वाले हैं। गांव की बाजार में काफी दिनों से गुप्ता ट्रेवल्स के नाम से दुकान चलाते थे।
आरपीएफ प्रभारी के मुताबिक दोनों भाई के एनएमएस नामक रेलवे के अवैध साफ्टवेयर के जरिए आनलाइन टिकट निकालने का काम करते थे। यह दोनों एक एसी टिकट देने के बदले में एक हजार रुपये अधिक लेते थे। जबकि स्लीपर टिकट के बदले छह सौ रुपये लेते थे। इस साफ्ट वेयर का इस्तेमाल फेक आईडी के जरिए करते थे। जबकि इस प्रकार के आनलाइन टिकट निकालने में महज 20 रुपये ही खर्च आता है।
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आरपीएफ के प्रभारी निरीक्षक मिर्जा राशिद बेग के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में विजय गुप्ता और दुर्गा गुप्ता हैं। इनके पिता का नाम मंहगू गुप्ता है। यह दोनों सगे भाई जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के अंजान शहीद गांव के रहने वाले हैं। गांव की बाजार में काफी दिनों से गुप्ता ट्रेवल्स के नाम से दुकान चलाते थे।
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आरपीएफ प्रभारी के मुताबिक दोनों भाई के एनएमएस नामक रेलवे के अवैध साफ्टवेयर के जरिए आनलाइन टिकट निकालने का काम करते थे। यह दोनों एक एसी टिकट देने के बदले में एक हजार रुपये अधिक लेते थे। जबकि स्लीपर टिकट के बदले छह सौ रुपये लेते थे। इस साफ्ट वेयर का इस्तेमाल फेक आईडी के जरिए करते थे। जबकि इस प्रकार के आनलाइन टिकट निकालने में महज 20 रुपये ही खर्च आता है।
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आरपीएफ के मुताबिक शुक्रवार को इनकी दुकान में छापा मारा गया। तलाशी के दौरान दुकान से कुल 54 आनलाइन टिकट बरामद हुआ। जिसकी कीमत 158594 रुपये है। इनके कंप्यूटर की चेकिंग के दौरान पता चला कि अब तक यह लोग इस प्रकार के 1855 टिकट बेच चुके हैं। जिसकी कीमत 3774285 रुपये है।
आरपीएफ प्रभारी के मुताबिक इस प्रकार 1855 टिकट देने के बदले प्रति टिकट की दर से अधिक रुपये लेते हुए क्षेत्र की जनता का कितना रुपये की ठगी किए होंगे। इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। आरपीएफ प्रभारी मिर्जा राशिद बेग ने बताया कि इस प्रकार से अवैध कारोबार से जुड़े लोगों की सूची तैयार की जा रही। इनके विरुद्ध अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
आरपीएफ प्रभारी के मुताबिक इस प्रकार 1855 टिकट देने के बदले प्रति टिकट की दर से अधिक रुपये लेते हुए क्षेत्र की जनता का कितना रुपये की ठगी किए होंगे। इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। आरपीएफ प्रभारी मिर्जा राशिद बेग ने बताया कि इस प्रकार से अवैध कारोबार से जुड़े लोगों की सूची तैयार की जा रही। इनके विरुद्ध अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।