{"_id":"5a32842b4f1c1b4c528b96b5","slug":"japanese-tourist-goods-stolen-in-varanasi","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यूपी में नहीं सुरक्षित विदेशी सैलानी, बनारस में फर्जी गाइड ने जापानी पर्यटक को मुश्किल में डाला","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
यूपी में नहीं सुरक्षित विदेशी सैलानी, बनारस में फर्जी गाइड ने जापानी पर्यटक को मुश्किल में डाला
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 15 Dec 2017 11:00 AM IST
विज्ञापन
जापानी पर्यटक अकीहीरो टनाका
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी में विदेशी सैलानी सुरक्षित नहीं हैं। मिर्जापुर में फ्रांसीसी दल के साथ छेड़खानी और हिंसा का मामला अभी शांत नहीं हुआ था कि जापानी पर्यटक के साथ हुई वारदात ने काशी की ‘अतिथि देवो भव:’ की परंपरा को फिर शर्मसार किया।
सारनाथ में मिले फर्जी गाइड ने जापानी पर्यटक को शराब में बेहोशी वाला नशीला पदार्थ देकर बेहोश कर दिया। इसके बाद पर्यटक के पास मौजूद 30 हजार से ज्यादा रुपये, आईफोन, पासपोर्ट, वीजा, ड्राइविंग लाइसेंस और बैंक के कार्ड लेकर भाग निकला। पर्यटक को गुरुवार को मुगलसराय जीआरपी के जवान सिगरा थाने लेकर आए। सिगरा पुलिस ने रमीश खान के खिलाफ चोरी सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया है।
जापान के टोक्यो निवासी अकीहीरो टनाका आगरा से बस से बुधवार को कैंट बस अड्डे पहुंचे। यहां से सारनाथ गए। अकीहीरो ने बताया कि सारनाथ में उन्हें खुद को टूरिस्ट गाइड बताते हुए रमीश खान मिला।
विज्ञापन
उसने उन्हें सारनाथ घुमाया और फिर गंगा घाट ले आया। इस दौरान दोनों खासे घुल-मिल गए और दोनों ने घाट किनारे ही शराब पी। शाम हो जाने के बाद रमीश अकीहीरो को शास्त्री नगर में डिनर कराने के लिए लेकर चला। रास्ते में ही अकीहीरो को नींद आने लगी। फिर होश आने पर उन्होंने खुद को कैंट स्टेशन पर पाया और उनका सारा सामान गायब था।
उन्हें कोलकाता जाना था तो वे मुगलसराय रेलवे स्टेशन पहुंचे। मुगलसराय में जीआरपी के जवानों ने उनकी हालत ठीक नहीं देखी तो रोक लिया। गुरुवार को जीआरपी मुगलसराय के जवान अकीहीरो को लेकर सिगरा थाने पहुंचे।
अकीहीरो के अनुसार रमीश ने उन्हें शराब में बेहोश करने वाला कोई पदार्थ मिलाकर दिया था। इस संबंध में सिगरा थानाध्यक्ष ने बताया कि दर्ज कराए गए मुकदमे के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
अकीहीरो शाम को ट्रेन से नई दिल्ली रवाना हो गए हैं। दिल्ली में वे जापानी दूतावास की मदद से अपना पासपोर्ट और वीजा तैयार कराएंगे।
विज्ञापन
सारनाथ में मिले फर्जी गाइड ने जापानी पर्यटक को शराब में बेहोशी वाला नशीला पदार्थ देकर बेहोश कर दिया। इसके बाद पर्यटक के पास मौजूद 30 हजार से ज्यादा रुपये, आईफोन, पासपोर्ट, वीजा, ड्राइविंग लाइसेंस और बैंक के कार्ड लेकर भाग निकला। पर्यटक को गुरुवार को मुगलसराय जीआरपी के जवान सिगरा थाने लेकर आए। सिगरा पुलिस ने रमीश खान के खिलाफ चोरी सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया है।
विज्ञापन
जापान के टोक्यो निवासी अकीहीरो टनाका आगरा से बस से बुधवार को कैंट बस अड्डे पहुंचे। यहां से सारनाथ गए। अकीहीरो ने बताया कि सारनाथ में उन्हें खुद को टूरिस्ट गाइड बताते हुए रमीश खान मिला।
विज्ञापन
उसने उन्हें सारनाथ घुमाया और फिर गंगा घाट ले आया। इस दौरान दोनों खासे घुल-मिल गए और दोनों ने घाट किनारे ही शराब पी। शाम हो जाने के बाद रमीश अकीहीरो को शास्त्री नगर में डिनर कराने के लिए लेकर चला। रास्ते में ही अकीहीरो को नींद आने लगी। फिर होश आने पर उन्होंने खुद को कैंट स्टेशन पर पाया और उनका सारा सामान गायब था।
उन्हें कोलकाता जाना था तो वे मुगलसराय रेलवे स्टेशन पहुंचे। मुगलसराय में जीआरपी के जवानों ने उनकी हालत ठीक नहीं देखी तो रोक लिया। गुरुवार को जीआरपी मुगलसराय के जवान अकीहीरो को लेकर सिगरा थाने पहुंचे।
अकीहीरो के अनुसार रमीश ने उन्हें शराब में बेहोश करने वाला कोई पदार्थ मिलाकर दिया था। इस संबंध में सिगरा थानाध्यक्ष ने बताया कि दर्ज कराए गए मुकदमे के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
अकीहीरो शाम को ट्रेन से नई दिल्ली रवाना हो गए हैं। दिल्ली में वे जापानी दूतावास की मदद से अपना पासपोर्ट और वीजा तैयार कराएंगे।
जापानी पर्यटकों के साथ नही रुक रही ठगी की घटनाएं
जापानी पर्यटक अकीहीरो टनाका
- फोटो : अमर उजाला
जापानी पर्यटकों के साथ ठगी की घटनाएं रुकने का नाम नही ले रही हैं। आगरा से आने वाले पर्यटकों के साथ खासकर जापानी पर्यटकों के साथ ऐसा होता रहता है। ज्यादातर पर्यटक तो बिना शिकायत दर्ज कराए ही लौट जाते हैं। ऐसे मामलों में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से लाचार नजर आ रही हैं।
बुधवार को टोक्यो के एक पर्यटक के साथ हुई ठगी की घटना के बाद एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों की नाकामी साबित हुई है। यह कोई पहली घटना नही है। टूर एंड ट्रैवेल एजेंसी संचालकों की मानें तो आगरा में ऐसे गैंग सक्रिय है। यह ज्यादातर जापानी पर्यटकों को ही अपना निशाना बनाते हैं।
दरअसल जापानी पर्यटक सीधे और आसानी से घुल मिल जाते हैं। ऐसे में आगरा जाने वाले पर्यटकों को यह गैंग वहीं से चिह्नित कर लेता है। उनका पीछा आगरा से शुरू होता है। दोस्ती गांठने या अन्य माध्यमों से उनके करीब आकर और बाद में सारा सामान ले चंपत हो जाते हैं।
टूर एंड ट्रैवेल एजेंसी केसंचालक शैलेंद्र सिंह ने बताया कि इन घटनाओं पर रोक नही लग पा रही है। यही कारण है कि अब वाराणसी रूट को लेकर जापानी पर्यटकों में झिझक देखने को मिल रही है।
बुधवार को टोक्यो के एक पर्यटक के साथ हुई ठगी की घटना के बाद एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों की नाकामी साबित हुई है। यह कोई पहली घटना नही है। टूर एंड ट्रैवेल एजेंसी संचालकों की मानें तो आगरा में ऐसे गैंग सक्रिय है। यह ज्यादातर जापानी पर्यटकों को ही अपना निशाना बनाते हैं।
दरअसल जापानी पर्यटक सीधे और आसानी से घुल मिल जाते हैं। ऐसे में आगरा जाने वाले पर्यटकों को यह गैंग वहीं से चिह्नित कर लेता है। उनका पीछा आगरा से शुरू होता है। दोस्ती गांठने या अन्य माध्यमों से उनके करीब आकर और बाद में सारा सामान ले चंपत हो जाते हैं।
टूर एंड ट्रैवेल एजेंसी केसंचालक शैलेंद्र सिंह ने बताया कि इन घटनाओं पर रोक नही लग पा रही है। यही कारण है कि अब वाराणसी रूट को लेकर जापानी पर्यटकों में झिझक देखने को मिल रही है।