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एसबीआई के इंटरव्यू में पकड़े गए पांच मुन्ना भाई
वाराण्ासी, ब्यूरो
Updated Wed, 10 Dec 2014 02:36 AM IST
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वाराणसी। स्टेट बैंक की क्लर्कग्रेड की परीक्षा के साक्षात्कार में सोमवार को बैंक कर्मियों ने पांच अभ्यर्थियों को जालसाज बताते हुए पकड़ लिया।
साक्षात्कार के दौरान उनकेअंगूठे का निशान और हस्ताक्षर लिखित परीक्षा में किए गए हस्ताक्षर से मेल नहीं खा रहे थे। बाद में उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया।
पकड़े गए अभ्यर्थियों ने पूछताछ में बताया कि इलाहाबाद के कुछ लोगों ने उनकी जगह लिखित परीक्षा दी थी। परीक्षा में पास होने के बाद वे साक्षात्कार देने आए थे। लिखित परीक्षा के लिए एक अभ्यर्थी से 50-50 हजार रुपये लिए गए थे।
दो महीने पूर्व स्टेट बैंक की क्लर्क ग्रेड के लिए लिखित परीक्षा हुई थी। परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को सोमवार को साक्षात्कार के लिए कचहरी स्थित स्टेट बैंक के मुख्य भवन में बुलाया गया था।
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साक्षात्कार के दौरान ही अभ्यर्थियों का अंगूठे का निशान (डिजिटल फिंगर प्रिंट) और हस्ताक्षर लिया जाने लगा। आजमगढ़ के निजामाबाद निवासी दिनेश कुमार, इसी जिले के जीयनपुर निवासी प्रभात कुमार, मुरादाबाद निवासी अतुल कुमार, मुरादाबाद के ही रवि चौधरी और पटना निवासी रितेश रंजन के अंगूठे का निशान और हस्ताक्षर लिखित परीक्षा के दौरान लिए गए।
इस दौरान अंगूठे के निशान और हस्ताक्षर से मेल नहीं खा रहा था। पूछताछ के बाद सोमवार की शाम ही उन्हें कैंट पुलिस के हवाले कर दिया गया। बैंक के प्रशासनिक शाखा के प्रबंधक अजीत कुमार चतुर्वेदी की तहरीर पर पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज जेल भेज दिया गया।
इंस्पेक्टर कैंट विपिन राय का कहना है कि आरोपियों की ओर से लिखित परीक्षा देने वाले लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
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साक्षात्कार के दौरान उनकेअंगूठे का निशान और हस्ताक्षर लिखित परीक्षा में किए गए हस्ताक्षर से मेल नहीं खा रहे थे। बाद में उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया।
पकड़े गए अभ्यर्थियों ने पूछताछ में बताया कि इलाहाबाद के कुछ लोगों ने उनकी जगह लिखित परीक्षा दी थी। परीक्षा में पास होने के बाद वे साक्षात्कार देने आए थे। लिखित परीक्षा के लिए एक अभ्यर्थी से 50-50 हजार रुपये लिए गए थे।
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दो महीने पूर्व स्टेट बैंक की क्लर्क ग्रेड के लिए लिखित परीक्षा हुई थी। परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को सोमवार को साक्षात्कार के लिए कचहरी स्थित स्टेट बैंक के मुख्य भवन में बुलाया गया था।
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साक्षात्कार के दौरान ही अभ्यर्थियों का अंगूठे का निशान (डिजिटल फिंगर प्रिंट) और हस्ताक्षर लिया जाने लगा। आजमगढ़ के निजामाबाद निवासी दिनेश कुमार, इसी जिले के जीयनपुर निवासी प्रभात कुमार, मुरादाबाद निवासी अतुल कुमार, मुरादाबाद के ही रवि चौधरी और पटना निवासी रितेश रंजन के अंगूठे का निशान और हस्ताक्षर लिखित परीक्षा के दौरान लिए गए।
इस दौरान अंगूठे के निशान और हस्ताक्षर से मेल नहीं खा रहा था। पूछताछ के बाद सोमवार की शाम ही उन्हें कैंट पुलिस के हवाले कर दिया गया। बैंक के प्रशासनिक शाखा के प्रबंधक अजीत कुमार चतुर्वेदी की तहरीर पर पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज जेल भेज दिया गया।
इंस्पेक्टर कैंट विपिन राय का कहना है कि आरोपियों की ओर से लिखित परीक्षा देने वाले लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।