वाराणसी: दरोगा सहित चार पर सामूहिक दुष्कर्म के आरोप में मुकदमा, सोशल मीडिया पर वीडियो डाला था
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मऊ जिले की शहर कोतवाली की हट्टी मदारी चौकी के प्रभारी उमराव खान सहित चार के खिलाफ सोमवार रात भेलूपुर थाने में सामूहिक दुष्कर्म सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया। पीड़िता को मेडिकल मुआयना के लिए भेज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है। उधर, मुकदमा दर्ज किए जाने की सूचना मिलने पर मंगलवार को मऊ के पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने दरोगा को निलंबित कर दिया।
पीड़िता के अनुसार, करीब तीन साल पहले भेलूपुर थाने की बजरडीहा चौकी पर दरोगा उमराव खान तैनात था। इसी दौरान उसे नशीला पदार्थ खिला कर दरोगा उमराव, बजरडीहा क्षेत्र के मैनुद्दीन व मो. इब्राहिम ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
आरोपियों ने वारदात की वीडियो भी बना ली। इसके बाद वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर लगातार शारीरिक शोषण करते रहे। उसने तीनों की करतूतों का विरोध किया तो बजरडीहा क्षेत्र के ही मो. शाहिद ने सोशल मीडिया पर उसका वीडियो वायरल कर दिया।
इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक भेलूपुर राजीव रंजन उपाध्याय ने बताया कि दरोगा उमराव सहित चार लोगों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म के आरोप में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
कचहरी में अधिवक्ताओं ने मारपीट कर फाड़ दी थी वर्दी
दरोगा उमराव जिले में तैनाती के दौरान पहले भी सुर्खियों में रहा है। अक्तूबर 2017 में दीवानी कचहरी में विवाद पर अधिवक्ताओं ने उसकी पिटाई कर वर्दी फाड़ दी थी। अधिवक्ताओं के आक्रामक तेवर देख उमराव को न्यायालय में छिप कर जान बचानी पड़ी थी। भारी फोर्स के साथ पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने उमराव को कचहरी परिसर से बाहर निकाला था।
दुष्कर्म के आरोपी क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर पर कार्रवाई का पता नहीं
आठ जनवरी की रात क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर अमित कुमार के खिलाफ दुष्कर्म, जबरन गर्भपात कराने सहित अन्य आरोपों में महिला थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद नौ जनवरी को एसएसपी ने इंस्पेक्टर अमित को निलंबित कर दिया था। साथ ही, शहर न छोड़ने और जांच में सहयोग करने की चेतावनी दी थी।
लगभग महीना भर बाद भी इंस्पेक्टर अमित के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई, इसका पता नहीं चल सका। इस संबंध में पूछे जाने पर मुकदमे की विवेचक सीओ दशाश्वमेध प्रीति त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी इंस्पेक्टर फरार है। तथ्यों और साक्ष्य के आधार पर मुकदमे की विवेचना की जा रही है।