दर्दनाक : लिफ्ट में फंसकर मासूम की मौत, शव लेकर गायब डॉक्टर ने माता-पिता के साथ गंगा में बहाया
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वाराणसी के कैंट थाना अंतर्गत महावीर मंदिर क्षेत्र स्थित महावीर ग्रीन अपार्टमेंट की लिफ्ट के दरवाजे में फंसकर मंगलवार शाम 10 वर्षीय छोटू की मौत हो गई। छोटू दीनदयाल उपाध्याय राजकीय जिला अस्पताल के सर्जन डॉ शिवेश जायसवाल के घर पर काम करता था।
दुर्घटना के बाद बच्चे को अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल से बच्चे को लेकर डॉ शिवेश लापता हो गए। उन्हें खोजने के लिए पुलिस की चार टीमों को लगाना पड़ा।
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रात एक बजे डॉ शिवेश मकबूल आलम रोड स्थित पैतृक आवास पर मिले। लेकिन उनके पास बच्चे का शव नहीं था। छोटू का शव कहां है, इस संबंध में देर रात तक डॉ शिवेश से पुलिस ने पूछताछ की। डॉक्टर ने बताया कि उन्होंने बच्चे के माता-पिता के साथ शव को गंगा में बहा दिया।
मकबूल आलम रोड के मूल निवासी डॉ शिवेश के घर पर भोपाल निवासी रमाशंकर का बेटा छोटू काम करता था। शाम के समय डॉक्टर के बेटे को लेकर छोटू लिफ्ट से उनके फ्लैट में जा रहा था। इसी बीच ना जाने कैसे छोटू लिफ्ट के दरवाजे के बीच फंस गया। उसकी चीख सुन कर लोग भाग कर आए।
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छोटू को दीनदयाल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉ शिवेश ने कहा कि निजी अस्पताल में इसका बेहतर उपचार कराएंगे। इसके बाद दोनों का पता नहीं लगा। पुलिस डॉ शिवेश के फ्लैट पर पहुंची तो वह नहीं थे।
देर रात एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि डॉ शिवेश मिल गए हैं। बच्चे का शव कहां हैं इसके बारे में इंस्पेक्टर कैंट ने उनसे पूछताछ की। इसके बाद डॉक्टर ने बच्चे का शव गंगा में बहाए जाने की बात कही। जांच कर प्रकरण में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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