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प्रधानमंत्री जी काशी में इसलिए सुसाइड कर रहा हूं ताकि... और फिर बलिया का व्यापारी लटक गया फांसी पर

Tue, 17 Sep 2019 02:37 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Tue, 17 Sep 2019 02:37 PM IST
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ballia businessman hanged in sigara hotel leave 13 pages suicide note in varanasi
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

बलिया के एक जमीन कारोबारी गणेश पांडेय(52) ने वाराणसी के सिगरा के होटल सिद्धार्थ में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक ने 13 पेज का सुसाइड नोट भी छोड़ा है, जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है।

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पुलिस की सूचना पर आई फोरेंसिक टीम ने कमरे से साक्ष्य एकत्र किए। मौके से मिले सुसाइड नोट के अनुसार गणेश के कारोबार के तीन साझीदारों ने बलिया स्थित उनकी और उनके पट्टीदार की जमीन हड़प ली। उनकी म्यूजिक कंपनी धोखे से किसी और के नाम लिखा दी गई।
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मृतक व्यापारी


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ये लिखा सुसाइड नोट में :
घर में प्रयागराज जाने की बात कह कर निकले कारोबारी गणेश ने अपने सुसाइड नोट की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए की है। लिखा है कि प्रधानमंत्री आपके लोकसभा क्षेत्र में आत्महत्या इसलिए कर रहा हूं ताकि न्याय मिल सके। अगर मेरी आत्महत्या के बाद भी दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो लोग ऐसे कदम उठाने को विवश होते रहेंगे।

गणेश के अनुसार उन्होंने उदय नारायण, प्रदीप कुमार और अरुण सिंह के खिलाफ पुलिस, जिलाधिकारी, मानवाधिकार आयोग, मुख्यमंत्री कार्यालय और प्रधानमंत्री संसदीय कार्यालय में शिकायत की, लेकिन कहीं से न्याय नहीं मिला। हर बार मेरी शिकायत को रफादफा कर उल्टे मेरे ऊपर ही मुकदमा लिखा गया।



तीनों ने चेक बुक तक दस्तखत कर जबरन अपने पास रखवा लिया है। बलिया की पुलिस पर मुझे भरोसा नहीं है, वाराणसी में मरने पर यहां की पुलिस इंसाफ दिलाएगी। बेटी की शादी करनी है, लेकिन फिर भी विवश होकर मर रहा हूं। मरने के बाद मेरी बेटी मेरे बारे में क्या सोचेगी...?



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आत्महत्या का उपाय सोच रहा हूं और डर रहा हूं :
गणेश 14 सितंबर को होटल में आए और उसी दिन उन्होंने 11 पेज का सुसाइड नोट लिखा। आत्महत्या की दो बार कोशिश की लेकिन सफल नहीं हुए। सोमवार को उन्होंने सुसाइड नोट में दो और पेज जोड़े। इन दोनों पेज में उन्होंने बीते दो दिनों का उल्लेख किया। लिखा कि आत्महत्या का उपाय सोच रहा हूं और डर रहा हूं।



जहर खाने की कोशिश किया लेकिन दुर्गंध के कारण असफल रहा। हाथ की नस काटने की कोशिश किया लेकिन नहीं काट पाया। इसके बाद एक दुकान से स्टूल लेकर आया और अब फांसी लगाने जा रहा हूं। 

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