सीएम योगी के काफिले पर हमले के 11 साल बीते, लेकिन मामले में अभी तक पूरी नहीं हुई मुकदमे की विवेचना
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आजमगढ़ शहर कोतवाली क्षेत्र के तकिया मुहल्ले में सात सितंबर 2008 को गोरखपुर के तात्कालीन सांसद और वर्तमान मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के काफिले पर हुए सुनियोजित हमले के मामले में शहर कोतवाली में दर्ज कराए गए एक भी मुकदमों की विवेचना अभी तक पूरी नहीं हो सकी।
साल 2017 में शहर कोतवाली पुलिस की तरफ से बगैर किसी आरोपी की गिरफ्तारी के ही चार्जशीट कोर्ट में पेश करने के लिए दाखिल की गई थी, लेकिन अभियोजन के हस्तक्षेप पर फिर से विवेचना के लिए फाइलों को वापस कर दिया गया। तभी से जांच के नाम पर मामला अटका पड़ा है।
लोगों में चर्चा है कि जब मुख्यमंत्री के मामले में पुलिस इस प्रकार की लापरवाही बरत सकती है, तो आमजन के मामले को किस प्रकार से निपटाया जाता होगा। इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
हिंदू युवा वाहिनी के पूर्व जिलाध्यक्ष हरिबंश मिश्रा के मुताबिक सात सितंबर 2008 को शहर के डीएवी कालेज में जनसभा आयोजित की गई थी। जिसमें मुख्यवक्ता के तौर पर आदित्यनाथ योगी जी के शामिल होना था। आदित्यनाथ उस समय गोरखपुर के सांसद और हिंदू युवा वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। उनका काफिला बाहर से निकलना था, लेकिन उस समय के अधिकारियों ने बगैर किसी विशेष सुरक्षा के उनका काफिला शहर के तकिया मुहल्ले से निकाल दिया।
हमलावरों ने रजादेपुर मठ के महंथ शिवहर्ष भारती की गाड़ी तोड़कर उन्हें चाकू मारकर घायल कर दिया। बम्हौर गांव निवासी मुन्नर यादव सहित अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। फायरिंग में मनीउल्लाह(18) नामक युवक की मौत हुई थी। लापरवाही पाए जाने पर तात्कालीन एसपी विजय गर्ग सहित अन्य को निलंबित किया गया था।
संयुक्त निदेशक अभियोजन वेद प्रकाश वर्मा ने बताया कि इस मामले में पुलिस की तरफ से शहर कोतवाली में केस दर्ज कराई गई। इसमें अपराध संख्या 997/2008 के अलावा ए,बी,सी, डी, ई तक में बलवा, मारपीट, डकैती, हत्या के प्रयास, हत्या तक की धाराएं आरोपियों पर लगाई गई है। सभी मामले में तीन से चार आरोपी नामजद और कई अज्ञात लोगों को आरोपित किया गया है।
बावजूद इसके शहर कोतवाली पुलिस अब तक विवेचना नहीं पूरी कर सकी। श्री वर्मा ने बताया कि साल 2017 में पुलिस इस मामले में चार्जशीट दाखिल करना चाहती थी, लेकिन फिर से विवेचना करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी करने के बाद ही चार्जशीट दाखिल करने को कहा गया है। अभी तक जांच पूरी नहीं हो सकी है।
इस संबंध में शहर कोतवाल अनिल सिंह ने बताया कि मामला पूराना है। पूरे मामले की विवेचना लगभग पूरी हो चुकी है। सिर्फ अंतिम मुकदमे की विवेचना शेष है। जिसे जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा।