कुवैत में नौकरी पाने को भारतीय पासपोर्ट बनवाने आया था अफगानी, इस पते पर बनवा लिया था आधार-पहचान पत्र
वाराणसी के पासपोर्ट कार्यालय पर आजमगढ़ जिले के फूलपुर के पते पर बने फर्जी डाक्यूमेंट के आधार पर पासपोर्ट बनवाने के प्रयास में गिरफ्तार अफगानी नागरिक इबादत ने पूछताछ में बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, अफगानी पासपोर्ट पर कुवैत में नौकरी न मिलने पर भारतीय पासपोर्ट पाने के लिए यह जुगत लगाई थी। इसमें उसकी मदद फूलपुर कोतवाली के चमरडीहा गांव निवासी युवक ने की थी, इसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
एसपी ग्रामीण एनपी सिंह ने बताया कि वाराणसी में पकड़ा गया अफगानी नागरिक कुवैत में काम करता था। कुवैत में अफगानी पासपोर्ट वालों को जल्दी नौकरी नहीं मिलती थी, जिसके चलते उसकी नौकरी चली गई। वहीं, कुवैत में ही फूलपुर कोतवाली के चमराडीह गांव निवासी साहबे आलम पुत्र फैजान से उसकी मुलाकात हुई।
साहबे आलम के वापस लौटने पर अफगानी भी अपने काबुल के बने पासपोर्ट पर आजमगढ़ के फूलपुर कोतवाली क्षेत्र में पहुंचा और साहबे आलम से मिला। यहां रुका भी था। बाद में साहबे आलम ने ही उसे फूलपुर के शबाना आजमी मार्ग स्थित इम्तेयाज के मकान में किराए पर कमरा दिलाकर ठहरा दिया। साहबे आलम ने ही उसे भारतीय पासपोर्ट बनवाने के लिए जरूरी फर्जी डाक्यूमेंट उपलब्ध कराए।
मतदाता पहचान-पत्र और आधार कार्ड मो. जावेद पुत्र लौटू निवासी चमराडीह फूलपुर के नाम पर बने थे। इसे लेकर ही वह वाराणसी पासपोर्ट कार्यालय पहुंचा और स्पष्ट अंग्रेजी व हिंदी न बोल पाने के चलते पकड़ लिया गया। एसपी ग्रामीण एनपी सिंह ने यह भी बताया कि कब से वह फूलपुर कोतवाली क्षेत्र में रह रहा था इसका पता लगाया जा रहा है।
वहीं, कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी चल रही है। फर्जी डाक्यूमेंट उपलब्ध कराने वाले साहबे आलम को हिरासत में ले लिया गया है। उससे पुलिस टीम पूछताछ में जुटी हुई है। फिलहाल कोई मुकदमा तो नहीं पंजीकृत किया गया है। जांच-पड़ताल की कवायद में पुलिस महकमा जुटा हुआ है। इसके भी तार अफगानी से जुड़े है, उसकी तलाश की जा रही है।