फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   अवैध कनेक्शन भी बढ़ा रहे जलकल की मुश्किलें

अवैध कनेक्शन भी बढ़ा रहे जलकल की मुश्किलें

Sat, 30 Mar 2019 01:51 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 30 Mar 2019 01:51 AM IST
विज्ञापन
अवैध कनेक्शन भी बढ़ा रहे जलकल की मुश्किलें
वाराणसी। शहर में बड़ी मात्रा में अवैध कनेक्शन हैं, जो पेयजल की दुर्व्यवस्था का एक मुख्य कारण हैं। जलकल विभाग की सालाना आय 36 करोड़ रुपये है, जो वेतन और मानदेय में खर्च हो जाती है। जबकि विभाग चाहे तो अपनी आय को आसानी से बढ़ा सकता है। इसके लिए विभाग को फिर से सर्वे कराने की जरूरत है, जिससे आसानी से अवैध कनेक्शनों को ट्रेस करके उनकी बिलिंग कर सकता है। पूरे शहर में देखा जाए तो 25 से 30 प्रतिशत कनेक्शन अवैध हैं अगर इनसे वसूली हो तो विभाग को पांच करोड़ की अतिरिक्त आय हो सकती है।
विज्ञापन

घनी आबादी वाले क्षेत्रों में लोग ठेकेदार और प्लंबर से मिलकर कनेक्शन ले लेते हैं। घनी बस्ती और जमीन के अंदर होने के चलते विभाग के कर्मचारी जांच में भी इन्हें नहीं पकड़ पाते हैं, जिसका फायदा लोकल दलाल उठाते हैं। इसकी जानकारी अगर जलकल के कर्मचारियों को होती है, तो वो भी साठगांठ कर लेते हैं।
विज्ञापन

अवैध कनेक्शन से विभाग को राजस्व का नुकसान तो है ही साथ ही विभाग के कागजों में दर्ज न होने के कारण विभाग को अंदाजा भी नहीं होता कि किस क्षेत्र में कितना पानी चाहिए। जस मानक के आधार पर विभाग पानी छोड़ता है उसके हिसाब से लोगों को पेयजल उपलब्ध नहीं हो पाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

नगर निगम ने हाल ही में जो आंकड़े जारी किए हैं। उस आंकड़े के अनुसार 1.98 लाख भवनों की बिलिंग नगर निगम करता है। जबकि जलकल मात्र 1.53 लाख भवनों को ही पानी का बिल दे पाता है। ऐसे में जलकल के आंकड़ों के अनुसार 45 हजार घरों में कोई कनेक्शन नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed