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18वीं सदी की राम की प्रतिमा चोरी
ब्यूरो/अमर उजाला वाराणसी
Updated Thu, 17 Mar 2016 02:14 AM IST
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मार्कंडेय महादेव धाम स्थित राम-जानकी मंदिर में 18वीं सदी में स्थापित भगवान राम की तीन फीट ऊंची बेशकीमती प्रतिमा चोरी हो गई। यह प्रतिमा काले संगमरमर की थी। बुधवार की सुबह मंदिर में दर्शन-पूजन करने पहुंचे श्रद्धालुओं ने देखा कि मुख्य द्वार और राम-जानकी मंदिर का ताला टूटा था। साथ ही, मंदिर से सीता और लक्ष्मण के बीच स्थापित राम की प्रतिमा गायब थी।
मामला सार्वजनिक होते ही इलाके में हड़कंप मच गया। पुजारी शिवशंकर पांडेय ने घटना की सूचना चौबेपुर पुलिस को दी। फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड के साथ एसपी (ग्रामीण) आशीष तिवारी भारी भरकम पुलिस बल लेकर मुआयना करने पहुंचे लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस चार संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। मूर्ति की स्थापना करने वाले जमींदार के वंशजों ने कहा कि काले संगमरमर की मूर्ति तैयार करने का ऑर्डर दे दिया गया है। नवरात्र में प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी।
कैथी स्थित मार्कंडेय महादेव धाम में वर्ष 1720 में जमींदार हजारी प्रसाद सिंह ने राम-जानकी मंदिर का निर्माण कराकर यहां राम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान और गणेश की प्रतिमा स्थापित की थी। मंगलवार की रात कैथी निवासी पुजारी शिवशंकर पांडेय पूजा करने के बाद मंदिर में ताला बंदकर घर चले गए। जबकि मार्कंडेय मंदिर परिसर में बुजुर्ग पुजारी जटाशंकर गिरी और इंदो देवी सोए थे। बुधवार सुबह लोगों ने देखा कि राम की मूर्ति अपने स्थान पर नहीं है। प्रतिमा के तलवे और अंगुलियों का कुछ हिस्सा बचा रह गया था। सूचना पाकर पहुंची पुलिस के साथ डॉग स्क्वॉड मंदिर के पीछे होते हुए गोमती नदी के नजदीक नाले के पास रुक गया। वहीं, प्राचीन मूर्ति चोरी होने की जानकारी मिलते ही लोगों की भीड़ जमा हो गई। उधर, जमींदार हजारी प्रसाद सिंह के वंशज अजय प्रताप सिंह उर्फ मलखान सिंह ने कहा कि नई प्रतिमा 15 दिन में तैयार होगी। नवरात्र में प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। गांव के लोगों ने कहा कि अब प्रतिमा मिल भी गई तो खंडित होने के कारण उसे नहीं रखा जाएगा।
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मामला सार्वजनिक होते ही इलाके में हड़कंप मच गया। पुजारी शिवशंकर पांडेय ने घटना की सूचना चौबेपुर पुलिस को दी। फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड के साथ एसपी (ग्रामीण) आशीष तिवारी भारी भरकम पुलिस बल लेकर मुआयना करने पहुंचे लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस चार संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। मूर्ति की स्थापना करने वाले जमींदार के वंशजों ने कहा कि काले संगमरमर की मूर्ति तैयार करने का ऑर्डर दे दिया गया है। नवरात्र में प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी।
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कैथी स्थित मार्कंडेय महादेव धाम में वर्ष 1720 में जमींदार हजारी प्रसाद सिंह ने राम-जानकी मंदिर का निर्माण कराकर यहां राम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान और गणेश की प्रतिमा स्थापित की थी। मंगलवार की रात कैथी निवासी पुजारी शिवशंकर पांडेय पूजा करने के बाद मंदिर में ताला बंदकर घर चले गए। जबकि मार्कंडेय मंदिर परिसर में बुजुर्ग पुजारी जटाशंकर गिरी और इंदो देवी सोए थे। बुधवार सुबह लोगों ने देखा कि राम की मूर्ति अपने स्थान पर नहीं है। प्रतिमा के तलवे और अंगुलियों का कुछ हिस्सा बचा रह गया था। सूचना पाकर पहुंची पुलिस के साथ डॉग स्क्वॉड मंदिर के पीछे होते हुए गोमती नदी के नजदीक नाले के पास रुक गया। वहीं, प्राचीन मूर्ति चोरी होने की जानकारी मिलते ही लोगों की भीड़ जमा हो गई। उधर, जमींदार हजारी प्रसाद सिंह के वंशज अजय प्रताप सिंह उर्फ मलखान सिंह ने कहा कि नई प्रतिमा 15 दिन में तैयार होगी। नवरात्र में प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। गांव के लोगों ने कहा कि अब प्रतिमा मिल भी गई तो खंडित होने के कारण उसे नहीं रखा जाएगा।
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