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23 अगस्त की आधी रात बाद विस्फोट का किया गया था ट्रायल
Updated Sun, 02 Sep 2018 01:44 AM IST
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वाराणसी/चिरईगांव। मिल्कोपुर निवासी पिता-पुत्र की हत्या से पहले 23 अगस्त की आधी रात बाद विस्फोटक पदार्थ से धमाके का ट्रायल इस वारदात के आरोपी वर्मा परिवार के पंप हाउस पर किया गया था। शनिवार को इसकी तस्दीक लखनऊ से आई सेना के पांच जवानों और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने लालजी के घर के पीछे स्थित वर्मा परिवार के पंप हाउस का मुआयना करने के बाद की। पंप हाउस में जहां धमाके का ट्रायल किया गया था, वहां की दीवार उड़ गई थी और उसे सीमेंट-ईंट से दुरुस्त कर दिया गया था। वहीं, पंप हाउस के समीप फार्म हाउस से ठीक वैसा ही बिजली का तार बरामद किया गया है जैसा कि विस्फोट के बाद लालजी के घर से बरामद हुआ था।
28 अगस्त की आधी रात बाद मिल्कोपुर में विस्फोटक पदार्थ से दो धमाके कर खली-चूनी व्यापारी लालजी यादव और उनके बेटे अजय की हत्या कर दी गई थी। वारदात की वजह 20 बिस्वा जमीन पर काबिज होने की रंजिश बताते हुए लालजी के भाई श्यामजी ने चौबेपुर थाने में चौक क्षेत्र के सराफा कारोबारी प्रतीक वर्मा, किरन चंद्र वर्मा, विपिन चंद्र वर्मा व विनोद चंद्र वर्मा और लखरांव के मुन्नीलाल यादव व उसके बेटे सोनू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
सुरागकशी के दौरान ग्रामीणों से पता लगा कि 23 अगस्त की रात भी लालजी के मकान के पीछे धमाका सुनाई दिया था। इस धमाके को 24 अगस्त की सुबह वर्मा परिवार की जमीन की देखरेख करने वाले मुन्नीलाल यादव ने पंप हाउस में चोरों द्वारा की गई सेंधमारी बताया था। पंप हाउस में भला क्या चोरी होगा, यह सवाल जांच एजेंसियों को खटका। इसी आधार पर सेना के मेजर सूबेदार एके गुप्ता और क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह के नेतृत्व में दो टीमें वर्मा परिवार के फार्म हाउस स्थित पंप हाउस पर पहुंची। पंप हाउस पर धमाके से क्षतिग्रस्त होने के बाद दुरुस्त की गई दीवार का सैंपल एकत्र किया गया। लगभग ढाई घंटे तक क्राइम ब्रांच और सेना की टीम की खोजबीन फार्म हाउस में जारी रही। इस दौरान वर्मा परिवार के फार्म हाउस पर बटाई पर धान की खेती करने वाले किसान को चौबेपुर पुलिस पूछताछ के लिए थाने ले गई। उधर, धमाके के मास्टर माइंड सोनू यादव से एनआईए, एटीएस, आईबी, क्राइम ब्रांच और पुलिस की अलग-अलग टीमों की पूछताछ जारी रही। जांच एजेंसियों के अनुसार वारदात की गुत्थी काफी हद तक सुलझ गई है और जल्द ही इसके खुलासे की संभावना है।
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धमाके का मास्टर माइंड सोनू बेहद ही शातिर किस्म का है। पूछताछ में जुटी टीमों के अनुसार वो पूछताछ के दौरान दीवार पर सिर पटक कर बेहोश होने का नाटक करने लगता है। बार-बार घुमा फिर कर बातें करता हैं। सर्विलांस के आधार पर जिन तथ्यों की पुष्टि हो गई है उन्हें भी झुठलाता है और प्रमाण दिखाने पर तत्काल बात मान जाता है। इसी वजह से उससे पूछताछ में एजेंसियों को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है।
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28 अगस्त की आधी रात बाद मिल्कोपुर में विस्फोटक पदार्थ से दो धमाके कर खली-चूनी व्यापारी लालजी यादव और उनके बेटे अजय की हत्या कर दी गई थी। वारदात की वजह 20 बिस्वा जमीन पर काबिज होने की रंजिश बताते हुए लालजी के भाई श्यामजी ने चौबेपुर थाने में चौक क्षेत्र के सराफा कारोबारी प्रतीक वर्मा, किरन चंद्र वर्मा, विपिन चंद्र वर्मा व विनोद चंद्र वर्मा और लखरांव के मुन्नीलाल यादव व उसके बेटे सोनू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
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सुरागकशी के दौरान ग्रामीणों से पता लगा कि 23 अगस्त की रात भी लालजी के मकान के पीछे धमाका सुनाई दिया था। इस धमाके को 24 अगस्त की सुबह वर्मा परिवार की जमीन की देखरेख करने वाले मुन्नीलाल यादव ने पंप हाउस में चोरों द्वारा की गई सेंधमारी बताया था। पंप हाउस में भला क्या चोरी होगा, यह सवाल जांच एजेंसियों को खटका। इसी आधार पर सेना के मेजर सूबेदार एके गुप्ता और क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह के नेतृत्व में दो टीमें वर्मा परिवार के फार्म हाउस स्थित पंप हाउस पर पहुंची। पंप हाउस पर धमाके से क्षतिग्रस्त होने के बाद दुरुस्त की गई दीवार का सैंपल एकत्र किया गया। लगभग ढाई घंटे तक क्राइम ब्रांच और सेना की टीम की खोजबीन फार्म हाउस में जारी रही। इस दौरान वर्मा परिवार के फार्म हाउस पर बटाई पर धान की खेती करने वाले किसान को चौबेपुर पुलिस पूछताछ के लिए थाने ले गई। उधर, धमाके के मास्टर माइंड सोनू यादव से एनआईए, एटीएस, आईबी, क्राइम ब्रांच और पुलिस की अलग-अलग टीमों की पूछताछ जारी रही। जांच एजेंसियों के अनुसार वारदात की गुत्थी काफी हद तक सुलझ गई है और जल्द ही इसके खुलासे की संभावना है।
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धमाके का मास्टर माइंड सोनू बेहद ही शातिर किस्म का है। पूछताछ में जुटी टीमों के अनुसार वो पूछताछ के दौरान दीवार पर सिर पटक कर बेहोश होने का नाटक करने लगता है। बार-बार घुमा फिर कर बातें करता हैं। सर्विलांस के आधार पर जिन तथ्यों की पुष्टि हो गई है उन्हें भी झुठलाता है और प्रमाण दिखाने पर तत्काल बात मान जाता है। इसी वजह से उससे पूछताछ में एजेंसियों को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है।