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मिर्जापुर में ताबड़तोड़ छापेमारी, 10 गिरफ्तार
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 01 Jun 2016 01:38 AM IST
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पूर्व एमएलसी विनीत सिंह के फेसबुक वाल पर मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक स्टेटस अपडेट करने के साथ ही पुलिस ने उनके आर्थिक संजाल को तोड़ने के लिए मंगलवार को मिर्जापुर में ताबड़तोड़ छापेमारी की।
मिर्जापुर जिला प्रशासन ने जिला पंचायत के नाम पर बैरियर डालकर वसूली करने वाले लोगों के खिलाफ अभियान चलाया। इसमें 10 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। विनीत सिंह की पत्नी मिर्जापुर की जिला पंचायत अध्यक्ष हैं। उधर, फेसबुक पर ‘सैयदराजा विधानसभा’ नाम से बने अकाउंट से वायरल हुए मुख्यमंत्री के विवादित पोस्टर की जांच आईजी जोन वाराणसी के निर्देश पर डीआईजी रेंज ने शुरू कर दी है। मामले को लेकर साइबर एक्सपर्ट्स और सर्विलांस सेल से भी सलाह मांगी गई है। दूसरी तरफ, बैरियरों पर छापेमारी की कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित कार्रवाई बताया जा रहा है।
फेसबुक पर सोमवार को ‘आ रहा है गज-राज!’ शीर्षक पोस्टर में पूर्व एमएलसी श्याम नारायण सिंह उर्फ विनीत सिंह का फोटो था। नीचे सीएम अखिलेश यादव का पीछा करते हाथी का फोटो लगाया गया था। मामला संज्ञान में आने पर आईजी जोन एसके भगत ने डीआईजी रेंज को जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया था। डीआईजी रेंज डॉ. संजीव गुप्ता ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
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उधर, मिर्जापुर के औराई-मिर्जापुर, मिर्जापुर-सोनभद्र तथा वाराणसी- मिर्जापुर समेत अन्य मार्गों पर बैरियर लगाकर मनमाने तरीके से टैक्स की वसूली की शिकायत शासन स्तर पर की गई थी। जिसे गंभीरता से लेते हुए शासन ने सोमवार देर शाम इनके खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया। पुलिस ने पड़री में दरोगा सिंह, विनोद सिंह व गणेश प्रसाद सिंह, चील्ह में राजमनी सिंह, विनोद सिंह, नन्हें व राजकुमार, अहरौरा मदारपुर में बिंदू यादव, सोनबरसा में नरेंद्र सिंह और राजू सिंह को गिरफ्तार किया। पुलिस की इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की कार्रवाई माना जा रहा है। लोगों का कहना है कि वसूली की शिकायतें काफी पहले से की जा रही थीं। पुलिस ने आज ही अचानक कार्रवाई क्योंकि की।
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मिर्जापुर जिला प्रशासन ने जिला पंचायत के नाम पर बैरियर डालकर वसूली करने वाले लोगों के खिलाफ अभियान चलाया। इसमें 10 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। विनीत सिंह की पत्नी मिर्जापुर की जिला पंचायत अध्यक्ष हैं। उधर, फेसबुक पर ‘सैयदराजा विधानसभा’ नाम से बने अकाउंट से वायरल हुए मुख्यमंत्री के विवादित पोस्टर की जांच आईजी जोन वाराणसी के निर्देश पर डीआईजी रेंज ने शुरू कर दी है। मामले को लेकर साइबर एक्सपर्ट्स और सर्विलांस सेल से भी सलाह मांगी गई है। दूसरी तरफ, बैरियरों पर छापेमारी की कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित कार्रवाई बताया जा रहा है।
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फेसबुक पर सोमवार को ‘आ रहा है गज-राज!’ शीर्षक पोस्टर में पूर्व एमएलसी श्याम नारायण सिंह उर्फ विनीत सिंह का फोटो था। नीचे सीएम अखिलेश यादव का पीछा करते हाथी का फोटो लगाया गया था। मामला संज्ञान में आने पर आईजी जोन एसके भगत ने डीआईजी रेंज को जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया था। डीआईजी रेंज डॉ. संजीव गुप्ता ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
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उधर, मिर्जापुर के औराई-मिर्जापुर, मिर्जापुर-सोनभद्र तथा वाराणसी- मिर्जापुर समेत अन्य मार्गों पर बैरियर लगाकर मनमाने तरीके से टैक्स की वसूली की शिकायत शासन स्तर पर की गई थी। जिसे गंभीरता से लेते हुए शासन ने सोमवार देर शाम इनके खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया। पुलिस ने पड़री में दरोगा सिंह, विनोद सिंह व गणेश प्रसाद सिंह, चील्ह में राजमनी सिंह, विनोद सिंह, नन्हें व राजकुमार, अहरौरा मदारपुर में बिंदू यादव, सोनबरसा में नरेंद्र सिंह और राजू सिंह को गिरफ्तार किया। पुलिस की इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की कार्रवाई माना जा रहा है। लोगों का कहना है कि वसूली की शिकायतें काफी पहले से की जा रही थीं। पुलिस ने आज ही अचानक कार्रवाई क्योंकि की।