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अब एक लाख के इनामी बदमाश सोनू की तलाश
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वाराणसी। पुलिस मुठभेड़ में मारे गए एक लाख के इनामी बदमाश रोशन गुप्ता उर्फ किट्टू उर्फ बाबू के बाद अब पुलिस नरोत्तमपुर निवासी मनीष सिंह उर्फ सोनू की तलाश कर रही है। मनीष पर भी एक लाख का इनाम घोषित है। पुलिस के अनुसार, किट्टू के मारे जाने के बाद अब सनी सिंह गिरोह की कमान मनीष ही संभालेगा।
मुठभेड़ में पांच साल पहले मारे गए सनी के गिरोह के गुर्गे बनारस के साथ ही चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, मिर्जापुर और आजमगढ़ जिले में भी खासे सक्रिय हैं। ऐसे में आगामी दिनों में यह देखने लायक बात होगी कि मनीष पुलिस की गिरफ्त में आता है या फिर चकमा देकर अदालत में समर्पण करने में सफल रहता है।
चौक थाने के हिस्ट्रीशीटर और बड़ी पियरी निवासी 36 मुकदमों का आरोपी किट्टू मौजूदा समय में चौकाघाट डबल मर्डर और बड़ी पियरी निवासी सराफा कारोबारी से 50 लाख की रंगदारी मांगने के मामले में वांछित था। किट्टू और उसके दोस्त मनीष का बृहस्पतिवार की रात पुलिस से आमना-सामना हो गया था। मुठभेड़ में किट्टू मारा गया और मनीष पुलिस को चकमा देकर भाग निकला था। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद किट्टू का शव उसके ताऊ छोटेलाल गुप्ता को सौंपा गया। पुलिस के अनुसार, किट्टू के सिर में गोली लगने की वजह से उसकी मौत हुई थी। एसपी सिटी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस को चकमा देकर भागे मनीष की तलाश में क्राइम ब्रांच सहित पुलिस की चार टीमें गठित की गई हैं।
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बड़ी पियरी में हत्यारोपी के घर छुपा था किट्टू
पुलिस के अनुसार, किट्टू इन दिनों बड़ी पियरी क्षेत्र में एक हत्यारोपी के घर छुप कर रह रहा था। उस पर एक लाख का इनाम घोषित हुआ तो वह अदालत में समर्पण करने की जुगत में लगा हुआ था। वह जेल जाने से पहले मोटी रकम की व्यवस्था करना चाहता था। इसी वजह से उसने बृहस्पतिवार की रात अपने दोस्त मनीष को पुराना पुल क्षेत्र में बुलाया था। हालांकि किट्टू और मनीष की मौजूदगी की भनक पुलिस को लग गई और फिर मुठभेड़ हुई।
सराफा कारोबारियों ने ली राहत की सांस
2011 से रंगदारी वसूलने के लिए कुख्यात किट्टू की मौत पर सराफा कारोबारियों ने राहत की सांस ली है। किट्टू के निशाने पर सराफा कारोबारियों के साथ ही ठेकेदार और डॉक्टर भी रहते थे। दिसंबर 2012 में किट्टू ने अपने गिरोह के सरगना सनी सिंह के साथ सैदपुर क्षेत्र के आभूषण कारोबारी अजय बरनवाल और विजय बरनवाल की हत्या करने के बाद लाखों रुपये मूल्य के जेवर लूट लिए थे। इस घटना ने पूरे पूर्वांचल के सराफा कारोबारियों को भयभीत कर दिया था। शुक्रवार को उत्तर प्रदेश स्वर्णकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष रवि सराफ, उत्तर प्रदेश स्वर्णकार संघ के जिलाध्यक्ष कमल कुमार सिंह, वाराणसी व्यापार मंडल के महामंत्री प्रमोद अग्रहरि, व्यापार मंडल के आईटी सेल अध्यक्ष संतोष सिंह, महानगर उद्योग व्यापार समिति के अध्यक्ष प्रेम मिश्रा ने पुलिस की कार्रवाई पर खुशी जताई। कहा कि पुलिस की कार्रवाई ऐसी हो कि बदमाशों में तगड़ा संदेश जाए।
एक लाख के चार इनामी बदमाश बने हैं चुनौती
जिले की पुलिस के लिए मौजूदा समय में 48 इनामी बदमाश चुनौती बने हुए हैं। इनमें इनामी मनीष सिंह उर्फ सोनू के अलावा एक लाख का इनामी दीपक वर्मा उर्फ गुड्डू, एक लाख का इनामी गिरधारी विश्वकर्मा उर्फ डॉक्टर और एक लाख का इनामी इंद्रदेव सिंह उर्फ बीकेडी का नाम हाल के वर्षों में आपराधिक घटनाओं में प्रमुखता से सामने आता रहा है। बताया जाता है कि यह सभी सफेदपोशों के संरक्षण में रह रहे हैं।
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मुठभेड़ में पांच साल पहले मारे गए सनी के गिरोह के गुर्गे बनारस के साथ ही चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, मिर्जापुर और आजमगढ़ जिले में भी खासे सक्रिय हैं। ऐसे में आगामी दिनों में यह देखने लायक बात होगी कि मनीष पुलिस की गिरफ्त में आता है या फिर चकमा देकर अदालत में समर्पण करने में सफल रहता है।
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चौक थाने के हिस्ट्रीशीटर और बड़ी पियरी निवासी 36 मुकदमों का आरोपी किट्टू मौजूदा समय में चौकाघाट डबल मर्डर और बड़ी पियरी निवासी सराफा कारोबारी से 50 लाख की रंगदारी मांगने के मामले में वांछित था। किट्टू और उसके दोस्त मनीष का बृहस्पतिवार की रात पुलिस से आमना-सामना हो गया था। मुठभेड़ में किट्टू मारा गया और मनीष पुलिस को चकमा देकर भाग निकला था। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद किट्टू का शव उसके ताऊ छोटेलाल गुप्ता को सौंपा गया। पुलिस के अनुसार, किट्टू के सिर में गोली लगने की वजह से उसकी मौत हुई थी। एसपी सिटी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस को चकमा देकर भागे मनीष की तलाश में क्राइम ब्रांच सहित पुलिस की चार टीमें गठित की गई हैं।
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बड़ी पियरी में हत्यारोपी के घर छुपा था किट्टू
पुलिस के अनुसार, किट्टू इन दिनों बड़ी पियरी क्षेत्र में एक हत्यारोपी के घर छुप कर रह रहा था। उस पर एक लाख का इनाम घोषित हुआ तो वह अदालत में समर्पण करने की जुगत में लगा हुआ था। वह जेल जाने से पहले मोटी रकम की व्यवस्था करना चाहता था। इसी वजह से उसने बृहस्पतिवार की रात अपने दोस्त मनीष को पुराना पुल क्षेत्र में बुलाया था। हालांकि किट्टू और मनीष की मौजूदगी की भनक पुलिस को लग गई और फिर मुठभेड़ हुई।
सराफा कारोबारियों ने ली राहत की सांस
2011 से रंगदारी वसूलने के लिए कुख्यात किट्टू की मौत पर सराफा कारोबारियों ने राहत की सांस ली है। किट्टू के निशाने पर सराफा कारोबारियों के साथ ही ठेकेदार और डॉक्टर भी रहते थे। दिसंबर 2012 में किट्टू ने अपने गिरोह के सरगना सनी सिंह के साथ सैदपुर क्षेत्र के आभूषण कारोबारी अजय बरनवाल और विजय बरनवाल की हत्या करने के बाद लाखों रुपये मूल्य के जेवर लूट लिए थे। इस घटना ने पूरे पूर्वांचल के सराफा कारोबारियों को भयभीत कर दिया था। शुक्रवार को उत्तर प्रदेश स्वर्णकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष रवि सराफ, उत्तर प्रदेश स्वर्णकार संघ के जिलाध्यक्ष कमल कुमार सिंह, वाराणसी व्यापार मंडल के महामंत्री प्रमोद अग्रहरि, व्यापार मंडल के आईटी सेल अध्यक्ष संतोष सिंह, महानगर उद्योग व्यापार समिति के अध्यक्ष प्रेम मिश्रा ने पुलिस की कार्रवाई पर खुशी जताई। कहा कि पुलिस की कार्रवाई ऐसी हो कि बदमाशों में तगड़ा संदेश जाए।
एक लाख के चार इनामी बदमाश बने हैं चुनौती
जिले की पुलिस के लिए मौजूदा समय में 48 इनामी बदमाश चुनौती बने हुए हैं। इनमें इनामी मनीष सिंह उर्फ सोनू के अलावा एक लाख का इनामी दीपक वर्मा उर्फ गुड्डू, एक लाख का इनामी गिरधारी विश्वकर्मा उर्फ डॉक्टर और एक लाख का इनामी इंद्रदेव सिंह उर्फ बीकेडी का नाम हाल के वर्षों में आपराधिक घटनाओं में प्रमुखता से सामने आता रहा है। बताया जाता है कि यह सभी सफेदपोशों के संरक्षण में रह रहे हैं।