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पांच साल पहले मारा गया सरगना, अब गुर्गे बने चुनौती
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वाराणसी। 29 जुलाई 2015 को मुठभेड़ में मारे गए रोहित सिंह उर्फ सनी का गिरोह एक बार फिर पूर्वांचल में सुर्खियों में है। सनी गिरोह के गुर्गे 50-50 हजार के इनामी मनीष सिंह उर्फ सोनू व रोशन गुप्ता उर्फ बाबू उर्फ किट्टू और मोनू चौहान इन दिनों वाराणसी के साथ ही मिर्जापुर, जौनपुर, गाजीपुर और आजमगढ़ जिले की पुलिस के लिए चुनौती बने हुए हैं। इसके बावजूद पुलिस अब तक तीनों पर शिकंजा कस पाने में असफल साबित हुई है।
इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद जरायम जगत की ओर रुख करने वाला सनी नवयुवकों को अपने गिरोह में शामिल कर उनके साथ आपराधिक घटनाओें को अंजाम देने के लिए कुख्यात था। सोनू, किट्टू, मोनू और अशोक यादव जैसे ऐसे कई युवकों को उसने अपने गिरोह में शामिल किया था। 15 से ज्यादा आपराधिक मुकदमों का आरोपी लंका थाना अंतर्गत नरोत्तमपुर निवासी सोनू पांच साल पहले तक सनी गिरोह के शार्प शूटर के तौर पर जाना जाता था। सनी के एनकाउंटर के बाद सोनू 23 से ज्यादा आपराधिक मुकदमों के आरोपी बड़ी पियरी निवासी किट्टू के साथ अपने पुराने गिरोह का संचालित करने लगा। जमानत पर जेल से छूटने के बाद सोनू का नाम बीते अगस्त महीने में सीरगोवर्धनपुर में हिस्ट्रीशीटर अनिल यादव उर्फ कल्लू की हत्या के प्रयास के मामले में सामने आया। इसके बाद 28 अगस्त को चौकाघाट दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने वाले शूटर के तौर पर सोनू चिह्नित किया गया।
पुलिस इन दो मामलों में सोनू की तलाश कर ही रही थी कि सितंबर और अक्तूबर महीने में मिर्जापुर के चुनार क्षेत्र में एक कारखाने के अधिकारी की हत्या और रंगदारी मांगने के प्रकरण में उसका नाम सामने आया। वहीं, किट्टू चौकाघाट दोहरे हत्याकांड की साजिश रचने और चौक क्षेत्र के सराफा कारोबारी से 50 लाख की रंगदारी मांगने के मामले में वांछित है। उधर, 16 से ज्यादा आपराधिक मुकदमों का आरोपी मोनू चौहान गोइठहा निवासी घड़ी व्यापारी से लूट व हत्या और बैरीवन की महिला की हत्या के प्रयास में वांछित है। इस संबंध में एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए पुलिस लगातार प्रयास करती रहती है। सोनू, किट्ट और मोनू सहित अन्य वांछित अपराधी जल्द ही पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
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48 इनामी बदमाशों की जिले की पुलिस को तलाश
जिले की पुलिस को मौजूदा समय में 48 इनामी बदमाशों की तलाश है। इनमें बीते साल सदर तहसील हत्याकांड को अंजाम देने का आरोपी एक लाख का इनामी बदमाश गिरधारी विश्वकर्मा उर्फ डॉक्टर भी शामिल है। इसके साथ ही दो-दो लाख के इनामी अताउर रहमान उर्फ बाबू उर्फ सिकंदर और शहाबुद्दीन भी हैं, जिनकी तलाश पुलिस के साथ ही सीबीआई वर्ष 1999 से कर रही है। वहीं, इंद्रदेव सिंह उर्फ बीकेडी, दीपक वर्मा, विश्वास नेपाली और अजीम अहमद जैसे ऐसे भी इनामी बदमाश हैं जिनके बारे में पुलिस को वर्षों से यह पता ही नहीं है कि वह जिंदा हैं या उनकी मौत हो गई।
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इस वर्ष जिले में 24 गिरोह हुए पंजीकृत
जिले में इस वर्ष संगठित तरीके से आपराधिक वारदातों को अंजाम देने वाले 24 गिरोह पंजीकृत किए गए हैं। आखिरी गिरोह पिशाचमोचन के तीर्थ पुरोहित दंपती की हत्या के आरोपी राजेंद्र उपाध्याय का पंजीकृत किया गया है। इस तरह से अब जिले में 67 गिरोह पंजीकृत हैं।
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इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद जरायम जगत की ओर रुख करने वाला सनी नवयुवकों को अपने गिरोह में शामिल कर उनके साथ आपराधिक घटनाओें को अंजाम देने के लिए कुख्यात था। सोनू, किट्टू, मोनू और अशोक यादव जैसे ऐसे कई युवकों को उसने अपने गिरोह में शामिल किया था। 15 से ज्यादा आपराधिक मुकदमों का आरोपी लंका थाना अंतर्गत नरोत्तमपुर निवासी सोनू पांच साल पहले तक सनी गिरोह के शार्प शूटर के तौर पर जाना जाता था। सनी के एनकाउंटर के बाद सोनू 23 से ज्यादा आपराधिक मुकदमों के आरोपी बड़ी पियरी निवासी किट्टू के साथ अपने पुराने गिरोह का संचालित करने लगा। जमानत पर जेल से छूटने के बाद सोनू का नाम बीते अगस्त महीने में सीरगोवर्धनपुर में हिस्ट्रीशीटर अनिल यादव उर्फ कल्लू की हत्या के प्रयास के मामले में सामने आया। इसके बाद 28 अगस्त को चौकाघाट दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने वाले शूटर के तौर पर सोनू चिह्नित किया गया।
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पुलिस इन दो मामलों में सोनू की तलाश कर ही रही थी कि सितंबर और अक्तूबर महीने में मिर्जापुर के चुनार क्षेत्र में एक कारखाने के अधिकारी की हत्या और रंगदारी मांगने के प्रकरण में उसका नाम सामने आया। वहीं, किट्टू चौकाघाट दोहरे हत्याकांड की साजिश रचने और चौक क्षेत्र के सराफा कारोबारी से 50 लाख की रंगदारी मांगने के मामले में वांछित है। उधर, 16 से ज्यादा आपराधिक मुकदमों का आरोपी मोनू चौहान गोइठहा निवासी घड़ी व्यापारी से लूट व हत्या और बैरीवन की महिला की हत्या के प्रयास में वांछित है। इस संबंध में एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए पुलिस लगातार प्रयास करती रहती है। सोनू, किट्ट और मोनू सहित अन्य वांछित अपराधी जल्द ही पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
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48 इनामी बदमाशों की जिले की पुलिस को तलाश
जिले की पुलिस को मौजूदा समय में 48 इनामी बदमाशों की तलाश है। इनमें बीते साल सदर तहसील हत्याकांड को अंजाम देने का आरोपी एक लाख का इनामी बदमाश गिरधारी विश्वकर्मा उर्फ डॉक्टर भी शामिल है। इसके साथ ही दो-दो लाख के इनामी अताउर रहमान उर्फ बाबू उर्फ सिकंदर और शहाबुद्दीन भी हैं, जिनकी तलाश पुलिस के साथ ही सीबीआई वर्ष 1999 से कर रही है। वहीं, इंद्रदेव सिंह उर्फ बीकेडी, दीपक वर्मा, विश्वास नेपाली और अजीम अहमद जैसे ऐसे भी इनामी बदमाश हैं जिनके बारे में पुलिस को वर्षों से यह पता ही नहीं है कि वह जिंदा हैं या उनकी मौत हो गई।
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इस वर्ष जिले में 24 गिरोह हुए पंजीकृत
जिले में इस वर्ष संगठित तरीके से आपराधिक वारदातों को अंजाम देने वाले 24 गिरोह पंजीकृत किए गए हैं। आखिरी गिरोह पिशाचमोचन के तीर्थ पुरोहित दंपती की हत्या के आरोपी राजेंद्र उपाध्याय का पंजीकृत किया गया है। इस तरह से अब जिले में 67 गिरोह पंजीकृत हैं।