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मेराज के भांजे, ड्राइवर और सिक्योरिटी गार्ड के असलहे का लाइसेंस भी होगा निरस्त
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वाराणसी। अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना और मऊ सदर विधायक मुख्तार अंसारी के गिरोह सदस्य मेराज अहमद उर्फ भाई मेराज और उससे जुड़े लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। मुख्तार के असलहों का लाइसेंस निरस्त कराने के बाद पुलिस अब उसके भांजे, ड्राइवर और सिक्योरिटी गार्ड के नाम से जारी असलहे का लाइसेंस निरस्त कराएगी। इसके लिए पुलिस की ओर से जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेज दी गई है।
गाजीपुर के करीमुद्दीनपुर थाना अंतर्गत महेन गांव के मूल निवासी और अशोक विहार कॉलोनी में रहने वाले मेराज ने हाल में ही फर्जीवाड़ा कर अपनी पिस्टल के लाइसेंस का नवीनीकरण कराया था। प्रकरण पुलिस की जानकारी में आया तो उसके खिलाफ बीते पांच सितंबर को जैतपुरा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद कैंट थाने की पुलिस को पता लगा कि मेराज ने नदेसर निवासी अपने बहनोई के पते पर भी खुद को किरायेदार बताकर एक राइफल का लाइसेंस ले रखा है। कैंट थाने की पुलिस ने राइफल का लाइसेंस निरस्त करने के लिए रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी। पुलिस फिलहाल मेराज की तलाश कर रही है और वह भागा फिर रहा है।
इधर, पुलिस की जांच में सामने आया कि नदेसर में मेराज के बहनोई का घर के पते पर खुद को किरायेदार बता कर लगभग डेढ़ दशक पहले उसके भांजे एय्याज अहमद, सिक्योरिटी गार्ड दिलशाद अहमद और ड्राइवर वसीम ने अलग-अलग तीन बंदूक का लाइसेंस लिया था। इस संबंध में एसपी सिटी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि नदेसर के पते पर जारी मेराज के तीनों करीबियों के असलहों का लाइसेंस निरस्त कराने के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेज दी गई है। मेराज की तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
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गाजीपुर के करीमुद्दीनपुर थाना अंतर्गत महेन गांव के मूल निवासी और अशोक विहार कॉलोनी में रहने वाले मेराज ने हाल में ही फर्जीवाड़ा कर अपनी पिस्टल के लाइसेंस का नवीनीकरण कराया था। प्रकरण पुलिस की जानकारी में आया तो उसके खिलाफ बीते पांच सितंबर को जैतपुरा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद कैंट थाने की पुलिस को पता लगा कि मेराज ने नदेसर निवासी अपने बहनोई के पते पर भी खुद को किरायेदार बताकर एक राइफल का लाइसेंस ले रखा है। कैंट थाने की पुलिस ने राइफल का लाइसेंस निरस्त करने के लिए रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी। पुलिस फिलहाल मेराज की तलाश कर रही है और वह भागा फिर रहा है।
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इधर, पुलिस की जांच में सामने आया कि नदेसर में मेराज के बहनोई का घर के पते पर खुद को किरायेदार बता कर लगभग डेढ़ दशक पहले उसके भांजे एय्याज अहमद, सिक्योरिटी गार्ड दिलशाद अहमद और ड्राइवर वसीम ने अलग-अलग तीन बंदूक का लाइसेंस लिया था। इस संबंध में एसपी सिटी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि नदेसर के पते पर जारी मेराज के तीनों करीबियों के असलहों का लाइसेंस निरस्त कराने के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेज दी गई है। मेराज की तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
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