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अब जानकार सुलझाएंगे साइबर से जुड़े अपराध

Mon, 14 Oct 2019 01:39 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 14 Oct 2019 01:39 AM IST
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crime
वाराणसी। बैंक खाते से रुपये निकाले जाने, खरीदारी कर लेने और सोशल मीडिया पर किसी को कलंकित करने जैसे मामलों की सुनवाई अब थानों पर पुलिस की अलग साइबर क्राइम टीम करेगी। इसके लिए वाराणसी रेंज के चार जिलों वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर और जौनपुर के 10 थानों में साइबर क्राइम टीम (सीसीटी) तैनात की जाएगी। माना जा रहा है कि इससे लोगों को थानों और क्राइम ब्रांच की साइबर सेल के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
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साइबर क्राइम की चुनौती को देखते हुए डीजीपी के निर्देश पर 15 अक्तूबर से प्रदेश के 149 थानों में साइबर एक्सपर्ट पुलिस कर्मियों की टीम तैनात की जानी है। इसके तहत वाराणसी रेंज के चार जिलों में कैंट, लंका, मंडुवाडीह, शिवपुर, भेलूपुर, सारनाथ व चौक, चंदौली कोतवाली, गाजीपुर कोतवाली और जौनपुर के लाइन बाजार थाने में साइबर पुलिस तैनात करने का निर्णय लिया गया है। इन पुलिसकर्मियों को लखनऊ स्थित गृह मंत्रालय की सीसीपीडब्ल्यूसी योजना के तहत बनी साइबर प्रशिक्षण लैब और मुरादाबाद स्थित लैब में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा सीबीआई और साइबर क्राइम से संबंधित संस्थानों से भी प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी।
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टीमों के अलग-अलग होंगे काम
साइबर क्राइम टीम की तीन श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। पहले चरण में उन थानों में टीम तैनात की जाएगी, जहां 2018 में 50 से ज्यादा साइबर क्राइम के मामले दर्ज किए गए थे। थाना स्तर की साइबर क्राइम टीम एटीएम, क्रेडिट कार्ड व वॉलेट फ्रॉड, फर्जी प्रोफाइल, पासवर्ड हैक जैसे अपराधों की विवेचना करेगी। थाना स्तर की टीम के प्रभारी इंस्पेक्टर होंगे। जनपद स्तर पर गठित डिस्ट्रिक्ट साइबर क्राइम सेल (डीसीसीसी) ई-कॉमर्स, फर्जी ट्विटर हैंडल, लाटरी फ्रॉड, फर्जी वेबसाइट जैसे प्रकरणों की विवचेना करेगी। वहीं, जोन स्तर पर गठित जोनल साइबर क्राइम सेल (जेडसीसीसीसी) गंभीर अपराध जैसे डेटा चोरी, साइबर धमकी, बिट क्वाइन की विवेचना करेगी।
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----कोट----
चारों जिलों के एसपी/एसएसपी को 15 अक्तूबर तक रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। साइबर क्राइम से जुड़े प्रकरणों की विवेचना शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर अब अलग टीम से कराई जाएगी। -विजय सिंह मीणा, आईजी रेंज
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