वाराणसी में क्राइम की खबरें: म्यूल बैंक खाते से एक करोड़ रुपये की ठगी का खुलासा, डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर
वाराणसी में क्राइम की कई खबरें चर्चा में रहीं। इनमें म्यूल बैंक खाते से एक करोड़ रुपये की ठगी का खुलासा और युवती से दुष्कर्म के प्रयास और ब्लैकमेल करने में चिकित्सक पर प्राथमिकी का मामला भी शामिल रहा। पढ़ें अन्य खबरें
विस्तार
म्यूल बैंक खाते से एक करोड़ रुपये की ठगी का खुलासा, मुख्य आरोपी फरार
म्यूल बैंक खाते के जरिये करीब एक करोड़ रुपये की साइबर ठगी का खुलासा कैंट पुलिस और साइबर सेल ने किया है। इस मामले में वीडीए कॉलोनी, बड़ालालपुर निवासी दो आरोपियों लक्की सिंह और यशवंत उर्फ गोलू के खिलाफ कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मुख्य आरोपी यशवंत उर्फ गोलू मोबाइल बंद कर फरार है।
डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार ने बताया कि साइबर प्रभारी सत्यम कुमार चौरसिया के नेतृत्व में कैंट पुलिस म्यूल बैंक खातों का सत्यापन कर रही है। इसी दौरान एक संदिग्ध बैंक खाते के सत्यापन के लिए पुलिस टीम बड़ालालपुर स्थित वीडीए कॉलोनी पहुंची। वहां बैंक खाते के धारक लक्की सिंह से पूछताछ की गई।
लक्की ने बताया कि खाता उसके नाम पर है, लेकिन यशवंत उर्फ गोलू के कहने पर खुलवाया गया था। यशवंत ने उसे ऑनलाइन कमाई का लालच दिया था। इसके बाद उसने बैंक खाता, डेबिट कार्ड और पंजीकृत मोबाइल नंबर अपने पास रख लिया। खाते में होने वाले लेनदेन के बदले लक्की को कमीशन दिया जाता था।
पुलिस ने साइबर क्राइम पोर्टल पर खाते की जांच की, जिसमें उससे जुड़ी दो बड़ी शिकायतें मिलीं।पुलिस को साइबर क्राइम पोर्टल पर खाते से जुड़ी दो बड़ी शिकायतें मिलीं। जौनपुर में व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये करीब 50 लाख रुपये की साइबर ठगी की शिकायत दर्ज है। वहीं, पश्चिम बंगाल के बैरकपुर में भी करीब 50 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया। यह ठगी आरटीजीएस, आईएमपीएस और एनईएफटी के माध्यम से की गई थी।
युवती से दुष्कर्म के प्रयास और ब्लैकमेल करने में चिकित्सक पर प्राथमिकी
पीएन नर्सिंग होम के चिकित्सक समेत दो लोगों के खिलाफ महिला कर्मचारी ने ब्लैकमेल, मारपीट और दुष्कर्म के प्रयास के आरोप में सोमवार को लालपुर-पांडेयपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह मूल रूप से मऊ के रतनपुरा की निवासी है और वर्तमान में कैंट थाना क्षेत्र के अर्दली बाजार में रहती है। वर्ष 2023 से वह पीएन सर्जिकल नर्सिंग होम में रिसेप्शनिस्ट के पद पर कार्यरत है। उसका आरोप है कि नर्सिंग होम के चिकित्सक डॉ. अनुपम तिवारी के साथ उसका प्रेम संबंध था। कुछ महीनों बाद डॉ. अनुपम उसे ब्लैकमेल करने लगे।
पीड़िता के अनुसार, 26 जुलाई की सुबह करीब 11 बजे वह नर्सिंग होम पहुंची तो डॉ. अनुपम तिवारी ने उसे अपने चैंबर में बुलाया। वहां स्टाफ सुमित मिश्रा के साथ मिलकर उसके साथ मारपीट की गई। इस दौरान दुष्कर्म का प्रयास भी किया गया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। लालपुर-पांडेयपुर थाना प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर डॉ. अंकित तिवारी और सुमित मिश्रा के खिलाफ दुष्कर्म के प्रयास, मारपीट समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
छात्र का निजी अंग जलाने वाली शिक्षिका पर बढ़ी पॉक्सो एक्ट की धारा, हिरासत में ले सकती है पुलिस
अकथा के काशी इन्क्लेव स्थित सोरेन सोनी स्कूल में प्ले ग्रुप के छात्र का निजी अंग गर्म चाकू से जलाने के मामले में लालपुर-पांडेयपुर पुलिस ने आरोपी शिक्षिका पर पॉक्सो एक्ट की अतिरिक्त धाराएं बढ़ा दी हैं। सोमवार को एडीसीपी वरुणा लिपि नगायच, एसीपी कैंट समेत पुलिस टीम ने पीड़ित छात्र, स्कूल की प्रिंसिपल, शिक्षिका और अन्य कर्मचारियों के बयान दर्ज किए।
पुलिस ने स्कूल पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली और उस किचन का निरीक्षण किया, जहां छात्र को करीब दो मिनट के लिए ले जाया गया था। पॉक्सो की धाराएं बढ़ाए जाने के बाद मंगलवार को पुलिस आरोपी शिक्षिका प्रीति कुशवाहा को हिरासत में लेकर पूछताछ कर सकती है। लालपुर-पांडेयपुर थाना प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस टीम ने स्कूल की प्रिंसिपल हेमलता सिंह, शिक्षिका और अन्य कर्मचारियों से पूछताछ की है। पीड़ित छात्र और उसके परिजनों के भी बयान दर्ज किए गए हैं। स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का कई बार परीक्षण किया गया है।
मामले में शिक्षिका प्रीति कुशवाहा पर पॉक्सो एक्ट की अतिरिक्त धाराएं जोड़ी गई हैं। संभव है कि मंगलवार को उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की जाए।उधर, खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) अखिलेश यादव ने भी स्कूल की प्रिंसिपल और शिक्षिका से पूछताछ की है। वह अपनी रिपोर्ट बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को सौंपेंगे। अकथा निवासी पीड़ित छात्र के अधिवक्ता पिता ने 24 जुलाई को लालपुर-पांडेयपुर थाने में स्कूल के अज्ञात प्रबंधक, प्रिंसिपल हेमलता सिंह और शिक्षिका प्रीति कुशवाहा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पिता का आरोप है कि बच्चे को बाथरूम जाने से रोका गया। जब उसने पैंट में पेशाब कर दिया तो शिक्षिका उसे किचन में ले गईं और लाइटर से चाकू गर्म कर उसके निजी अंग को जला दिया। इसके बाद बच्चे का बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में उपचार कराया गया।
हाईटेक नकल गिरोह के आरोपियों की जमानत अर्जियां खारिज हुईं
प्रतियोगी परीक्षाओं में ब्लूटूथ डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए नकल कराने वाले सॉल्वर गिरोह के आरोपियों को अदालत से राहत नहीं मिली। अपर सत्र न्यायाधीश सर्वजीत कुमार सिंह की अदालत ने सभी आरोपियों की प्रथम जमानत अर्जियां खारिज कर दीं।अदालत ने कहा कि बेरोजगारी के दौर में प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता और पारदर्शिता से खिलवाड़ गंभीर सामाजिक अपराध है। सॉल्वर गिरोह और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से नकल कराना परीक्षाओं की विश्वसनीयता को प्रभावित करता है। इन तथ्यों को देखते हुए अदालत ने जमानत देने का कोई पर्याप्त आधार नहीं पाया। इसके बाद सभी संबंधित आरोपियों की प्रथम जमानत अर्जियां निरस्त कर दी गईं। यह मामला उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम के तहत दर्ज किया गया था।पुलिस ने 12 जुलाई को हरिश्चंद्र बालिका इंटर कॉलेज में परीक्षा के दौरान धर्मेंद्र कुमार को नकल करते हुए पकड़ा था। उसके बनियान से इलेक्ट्रॉनिक सिम डिवाइस, माइक्रो ईयरपीस और वोडाफोन का सिम कार्ड बरामद हुआ था। एक अन्य मामले में सहायक बोरिंग तकनीशियन की परीक्षा के दौरान अनिल कुमार गौतम को पकड़ा गया। उसके कान से ब्लूटूथ डिवाइस और अंडरगारमेंट में छिपा रिसीवर बरामद हुआ।
काजीसराय बाजार स्थित ओवरब्रिज पर रविवार देर रात हुए सड़क हादसे में बाइक सवार विजय गुप्ता (41) की मौत हो गई, जबकि उनका साथी रंगीला घायल हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि ओवरब्रिज पर पर्याप्त रोशनी नहीं थी। मार्ग संकेतक भी स्पष्ट नहीं थे। इसी कारण विजय को डिवाइडर दिखाई नहीं दिया और बाइक सीधे उससे टकरा गई।
राजातालाब थाना क्षेत्र के बीरभानपुर निवासी विजय गुप्ता अपने साथी रंगीला के साथ देर रात बाइक से शहर से घर लौट रहे थे। स्थानीय लोगों ने बड़ागांव पुलिस को बताया कि बाइक सवार को डिवाइडर दिखाई नहीं दिया और बाइक उससे टकरा गई। हादसे के समय बिजली आपूर्ति भी बाधित थी, जिससे घटनास्थल पर घना अंधेरा था। ग्रामीणों का कहना है कि इस स्थान पर पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने अब तक सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त नहीं की है। बड़ागांव थाना प्रभारी प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर घायल रंगीला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कैफे संचालक को जान से मारने की धमकी, अश्लील क्लिप वायरल
दशाश्वमेध थाना क्षेत्र में एक कैफे संचालक को जान से मारने की धमकी देने और सोशल मीडिया के जरिये अश्लील ऑडियो-वीडियो क्लिप वायरल करने का मामला सामने आया है। पीड़ित व्यवसायी की शिकायत पर दशाश्वमेध थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।महाराष्ट्र के मूल निवासी और काशी विद्यापीठ रोड स्थित रुद्रा अपार्टमेंट निवासी सुभाष कामत ने पुलिस को बताया कि वह दशाश्वमेध प्लाजा स्थित प्रेमरस कैफे एंड रेस्टोरेंट का संचालन करते हैं, जिसकी देखरेख कंचन गणेश पालकर करती हैं।
कामत के अनुसार, 7 जुलाई की रात एक अज्ञात मोबाइल नंबर से उनके व्हाट्सएप पर एक ऑडियो क्लिप भेजी गई। 8 जुलाई की दोपहर उसी नंबर से एक और क्लिप भेजी गई। इन क्लिप्स में सुभाष कामत, कंचन गणेश पालकर और आशुतोष मिश्रा के संबंधों को लेकर अभद्र टिप्पणियां की गई थीं।शिकायतकर्ता ने बताया कि उनके कर्मचारी सूरज और सुशील सिंह के बीच हुई बातचीत में गाली-गलौज हुई। इस दौरान सुभाष कामत और कंचन गणेश पालकर को जान से मारने तथा कैफे बंद कराने की धमकी दी गई। दशाश्वमेध थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच उपनिरीक्षक विजय कुमार सिंह को सौंप दी गई है।
किशोरी लापता, तीन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
चौबेपुर क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने अपनी 16 वर्षीय पुत्री के लापता होने पर तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। पीड़ित पिता ने पुलिस को बताया कि राकेश गुप्ता अपने दो साथियों शिवांश मिश्रा और एक अज्ञात की मदद से उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर भगा ले गया। प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि किशोरी की बरामदगी के लिए दबिश दी जा रही है।
छितौनी गांव में संतोष सिंह को खेत की जबरन जुताई रोकने का प्रयास करने पर लाठी-डंडों और रॉड से पीट दिया गया। सरकारी अभिलेखों में उन्हें मृत घोषित किया गया है। पुलिस ने इस मामले में चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। घायल संतोष सिंह ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2003 में उनके रिश्तेदारों ने फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र के जरिए 12 बीघे से अधिक जमीन अपने नाम करा ली थी। इस जमीन की अनुमानित कीमत 35 से 40 करोड़ रुपये है। संतोष अपनी जमीन वापस पाने और खुद को जीवित साबित करने के लिए लगातार अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। वह अक्सर गले में ''मैं जिंदा हूं'' लिखी तख्ती लटकाए नजर आते हैं। आरोप है कि आरोपियों ने उन्हें दोबारा खेत के पास आने पर जान से मारने की धमकी भी दी। प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि अजय सिंह, नारायण सिंह, राकेश सिंह और रमेश सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
मृतक के फर्जी हस्ताक्षर से वाद वापस कराने का आरोप, छह पर प्राथमिकी
न्यायालय के आदेश पर मिर्जामुराद पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। आरोप है कि उन्होंने एक मृतक के फर्जी हस्ताक्षर कर न्यायालय से दो विचाराधीन वाद वापस करा लिए। चित्तापुर गांव निवासी राजेंद्र प्रसाद मौर्य ने एसीजेएम कक्ष संख्या-8 में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि मौजा चित्तापुर की भूमि से संबंधित दो वाद उनके विरुद्ध न्यायालय में लंबित थे। इन मामलों के वादी दिलीप कुमार मौर्य का 13 जून 2025 को निधन हो गया था। आरोप है कि इसके बावजूद विपक्षियों ने मृतक के फर्जी हस्ताक्षर कर 4 अगस्त 2025 को दोनों वाद वापस करा लिए और न्यायालय को गुमराह किया। राजेंद्र प्रसाद मौर्य ने 28 सितंबर 2025 को मिर्जामुराद थाने में शिकायत की थी। कार्रवाई न होने पर उन्होंने न्यायालय का रुख किया। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने दो दिन पहले प्राथमिकी दर्ज की। थाना प्रभारी गोपालजी कुशवाहा ने बताया कि रामबालक, शिवबालक, प्रमोद कुमार, उर्मिला देवी, देवीचरन और वृजमोहन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
काम से लौट रहे युवक को पीटा, बाइक भी तोड़ी
काम से घर लौट रहे एक युवक पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया। इस दौरान हमलावरों ने उसकी बाइक भी क्षतिग्रस्त कर दी। मिसिरपुर निवासी मंजू देवी ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा बलदेव काम से घर लौट रहा था। इसी दौरान रंजीत, गौरी और कुछ अज्ञात लोगों ने उसे घेर लिया। आरोपियों ने बलदेव के साथ मारपीट की और उसकी बाइक भी क्षतिग्रस्त कर दी। प्रभारी निरीक्षक राजू सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।