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जादू-टोना और जमीन विवाद में की गई थी वृद्धा की हत्या, मामले में दो बेगुनाह भेजे गए थे जेल

Sat, 08 Aug 2020 01:12 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 08 Aug 2020 01:12 AM IST
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वाराणसी। खजुही गांव की वृद्धा नारंगी देवी की हत्या 11 माह पहले जादू-टोना और जमीन विवाद के चक्कर में पट्टीदार ने कराई थी। इस मामले में दो युवक नारंगी देवी के बेटे की तहरीर के आधार पर नाहक में ही जेल भेज दिए गए थे। यह खुलासा करते हुए पुलिस ने वृद्धा की पट्टीदारी के खजुही निवासी रविंद्र विश्वकर्मा उर्फ लकी और जुझार पट्टी चौबेपुर के राहुल सोनकर को गिरफ्तार किया है।
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प्रकरण के एक अन्य आरोपी रविंद्र के पिता रिटायर्ड जेई बच्चेलाल विश्वकर्मा अस्पताल में भर्ती है। वहीं, धौरहरा भितरी निवासी अजय कुमार उर्फ बोका जिला जेल में बंद है। सारनाथ थाना अंतर्गत खजुही की रहने वाली वृद्धा नारंगी देवी को आठ सितंबर 2019 को उसके घर में गोली मारी गई थी। उपचार के दौरान एक दिन बाद नारंगी देवी की अस्पताल में मौत हो गई थी। नारंगी देवी की हत्या से कुछ दिन पहले उसकी पोती का पट्टीदारी के ही नीरज विश्वकर्मा ने अपहरण किया था। इसे लेकर नीरज और नारंगी देवी के परिवार के बीच जबरदस्त तनातनी थी। इसी को वारदात की वजह मानते हुए नारंगी देवी के बेटे ने सारनाथ थाने में तहरीर दी थी। तहरीर के आधार पर सारनाथ थाने की पुलिस ने नीरज और उसके दोस्त सुजीत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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सारनाथ क्षेत्र की लूट की तफ्तीश में ही खुला हत्या का राज
एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि इंस्पेक्टर विजय बहादुर सिंह सारनाथ क्षेत्र के ही एक अन्य युवक की हत्या और लूट की वारदात की तफ्तीश कर रहे थे। इसी बीच सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से सामने आया कि नारंगी देवी की हत्या शूटर अजय और राहुल ने की थी। राहुल को पकड़ कर पूछताछ की गई तो पता लगा कि उसे और अजय को नारंगी देवी के पट्टीदार रिटायर्ड जेई बच्चेलाल व उसके बेटे लकी ने हत्या करने को कहा था। बच्चेलाल ने पूछताछ में बताया कि जब वह नौकरी करता था तो नारंगी देवी उसकी काफी जमीन औने-पौने दाम में दूसरों को सट्टा कर बेंच दी थी और पूरा पैसा भी हड़प गई थी। इसके अलावा उसके घर में अशांति भी बहुत ज्यादा थी, तो उसे लगता था कि नारंगी देवी ही जादू-टोना कर रही है। जब नीरज और नारंगी देवी के परिवार के बीच एक युवती के अपहरण को लेकर विवाद हो गया तो उसे लगा कि यह अच्छा समय है, जब उसे सबक सिखाया जा सकता है। लकी ने अपने परिचित अजय और राहुल को नारंगी देवी की हत्या की सुपारी दी, इसके बाद वह मुंबई चला गया। इससे नारंगी देवी के बेटे और पुलिस को उन पर शक भी नहीं हुआ। एसएसपी ने बताया कि बच्चेलाल के स्वस्थ होते ही उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। पुलिस से उसकी निगरानी कराई जा रही है। जिला जेल में बंद अजय बोका को पुलिस कस्टडी रिमांड में लेकर वारदात में प्रयुक्त असलहा बरामद कराया जाएगा। पूर्व में जेल भेजे गए नीरज और सुजीत फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। इन दोनों की मदद कर उन्हें हत्या के मुकदमे से बरी कराया जाएगा।
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हत्या की दूसरी वारदात का सही तरीके से एसएसपी ने कराया खुलासा
एसएसपी अमित पाठक ने जिले में तैनात होने के बाद एक माह में हत्या के दूसरे मामले में जेल जा चुके बेगुनाहों का भविष्य चौपट होने से बचाया। इससे पहले मंडुवाडीह, रोहनिया और पड़ाव निवासी तीन युवकों की हत्या के मामले में छह लोगों को अनावश्यक आरोपी बनाया गया था। एसएसपी ने दोबारा सही तरीके से तफ्तीश कराकर सही आरोपियों को गिरफ्तार कराया और सभी छह युवकों की दोष मुक्ति का मार्ग प्रशस्त किया। इसी तरह से अब सारनाथ थाना क्षेत्र की इस वृद्धा की हत्या के मामले में नाहक में आरोपी बने दो युवकों की दोष मुक्ति का मार्ग प्रशस्त हुआ है। पुराने मामलों के खुलासे को लेकर एसएसपी की अतिरिक्त सतर्कता देखते हुए जिले के थानेदारों में हड़कंप की स्थिति है।
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