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यूपीः दिव्यांगता और तंगी से नहीं उपेक्षा से हारा टीम इंडिया का यह क्रिकेटर, अंतर्राष्ट्रीय मैच खेलने के बाद अब बेच रहा लाई-चना 

Mon, 29 Jun 2020 08:17 PM IST
विचित्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र
अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र Published by: विचित्र सिंह Updated Mon, 29 Jun 2020 08:17 PM IST
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cricketer of sonbhadra selling Lai-chana after playing international matches
मां और भाई के साथ क्रिकेटर चंदन (नीले टी शर्ट में)। - फोटो : अमर उजाला।
यूपी के सोनभद्र के शक्तिनगर क्षेत्र का रहने वाला टीम इंडिया का दृष्टिबाधित (दिव्यांग) क्रिकेटर चंदन दिव्यांगता व तंगी से नहीं उपेक्षा से हार गया। कभी मैदान में चौका छक्का जड़ने वाला चंदन अब फुटपाथ पर चना लाई बेच अपना व परिवार का जीविका चलाने के लिए बाध्य है। मुफलिसी में जीवन काट रहे चंदन ने प्रधानमंत्री व खेल मंत्री को पत्र भेज मदद मांगी है।
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 शक्तिनगर के पीडब्ल्यूडी मोड़ क्षेत्र का रहने वाला चंदन राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया। इसके लिए उसे कई प्रमाण पत्र मिले। देश के लिए खेलने का जज्बा लिए चंदन व्यवस्था से हार गया। परिवार की माली हालत ठीक नहीं होने व कोई मदद नहीं मिलने से चंदन का हौसला टूट रहा है। अब स्थिति यह है कि खुद व परिवार की आजीविका के लिए हाइवे किनारे फुटपाथ पर लाई-चना भुनने के लिए मजबूर हैं।
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चंदन को मलाल है प्रतिभा को सरकार की ओर से जो चाहिए वह सम्मान नहीं मिला है। चंदन फिलहाल उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ ब्लाइंड (यूपीसीएबी) के उप कप्तान हैं। सचिन तेंदुलकर को आदर्श बताने वाले चंदन के पिता प्यारेलाल की सात संतानें है। तीसरे नंबर चंदन हैं। 12वीं तक पढ़े 22 वर्षीय चंदन, 2017 में दिव्यांग क्रिकेटर लव वर्मा के संपर्क में आए।
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कोरोना से प्रभावित क्रिकेट - फोटो : सोशल मीडिया
झुग्गी बस्ती की गलियों को क्रिकेट पिच मान कर उतरे तो निखार आता गया। इसके पश्चात दो दर्जन से अधिक राष्ट्रीय व एक अंतरराष्ट्रीय मैच खेलकर प्रतिभा का डंका बजाया। वर्ष 2018 में बेंगलुरू में इंग्लैंड के खिलाफ मैच खेला। उसके बाद यूपीसीएबी में उप कप्तान बना। दिव्यांग श्रेणी के मैच में मुंबई में हुए सियाराम कप में शानदार क्षेत्ररक्षण के लिए बेस्ट फिल्डर अवार्ड मिला। ऐसी प्रतिभा से लबरेज चंदन पिता संग पीडब्ल्यूडी मोड़ पर लाई-चना बेच रहा है।

चंदन ने बताया कि बीते महीनों में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेलने के लिए टीम इंडिया में उसका चयन हुआ था। लेकिन कुछ वजहों के चलते यह मैच संपन्न नहीं हुआ। चंदन ने बताया कि उपेक्षा की वजह से हौंसला जरूर टूट रहा है लेकिन हारा नहीं हूं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री व खेल मंत्री को पत्र भेजकर आर्थिक मदद की गुहार लगाई है। चंदन का कहना है कि उसे मदद मिली तो अव्वल दर्जे का खिलाड़ी बनकर देश का नाम रोशन कर सकता हूं।
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