फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   covid fourth wave Sero survey in BHU varanasi sample test of 120 people antibodies were found in only 17 percent

बीएचयू में सीरो सर्वे: चौथी लहर की आहट के बीच 120 लोगों के सैंपल जांच में 17 फीसदी में मिली एंटीबॉडी

Wed, 20 Apr 2022 01:22 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Wed, 20 Apr 2022 01:22 PM IST
सार

कोरोना की चौथी लहर की आहट के बीच वाराणसी के लोगों में एंटीबॉडी जांच करने के लिए 120 सैंपल लिए गए, जिनमें 17 प्रतिशत लोगों में एंटीबॉडी पाई गई। यह जानकारी बीएचयू जूलॉजी विभाग के प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे ने दी। 

विज्ञापन
covid fourth wave Sero survey in BHU varanasi sample test of 120 people antibodies were found in only 17 percent
एंटीबॉडी परीक्षण - फोटो : social media

विस्तार

कोरोना की चौथी लहर की आहट के बीच बीएचयू जूलॉजी विभाग की ओर से एक बार फिर से सीरो सर्वे किया जा रहा है। इसमें वाराणसी जिले के करीब 120 लोगों का सैंपल लिया गया है। जिसकी जांच के बाद जो परिणाम आया है उसके मुताबिक,  30 फीसदी लोगों में बनी एंटीबॉडी खत्म हो चुकी है। वहीं 46 फीसदी ऐसे लोग भी हैं जिनमें एंटीबॉडी जल्द ही खत्म हो जाएगी। पूर्ण रूप से केवल 17 फीसदी लोगों में ही एंटीबॉडी बची है।

विज्ञापन


जूलॉजी विभाग के प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे ने बताया कि कोरोना की पहली लहर से लेकर से अबतक 5000 सैंपल का सर्वे हो चुका है। चौथी लहर की आहट के बीच वाराणसी में विभिन्न उम्र के 120 लोगों को सैंपल लिया गया। टेस्ट रिपोर्ट में पता चला कि इसमें से 30 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी खत्म हो चुकी है। 46 फीसदी लोगों में खत्म होने की कगार पर और सात फीसदी में बहुत कम एंटीबॉडी बची है। पर्याप्त एंटीबॉडी सिर्फ 17 फीसदी लोगों में ही है।

विज्ञापन

चौथी लहर का ज्यादा खतरा नहीं

प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे ने बताया कि टीकाकरण के तीन माह के बाद एंटीबॉडी खत्म होने लगती है। वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके लोगों में एंटीबॉडी का लेवल छह माह तक बरकरार रहता है। उन्होंने बताया कि जब 70 फीसदी से ज्यादा लोगों में एंटीबॉडी खत्म हो जाएगी तब चौथी लहर की संभावना बढ़ जाएगी। फिलहाल लोगों को कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते रहना चाहिए। घबराने जैसी कोई बात नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Trending Videos

covid fourth wave Sero survey in BHU varanasi sample test of 120 people antibodies were found in only 17 percent
बीएचयू के जूलॉजी विभाग के प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे और उनकी टीम के सदस्य (फाइल) - फोटो : अमर उजाला

प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे की टीम में रुद्र पांडेय, प्रज्ज्वल प्रताप सिंह समेत 15 शोधकर्ता शामिल हैं। माइक्रोबायोलॉजी विभाग (बीएचयू) के प्रो. गोपालनाथ ने कहा कि कोरोना का संक्रमण जिस तरह से बढ़ रहा है, इससे बचाव के लिए कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना जरूरी है। अगर सही से पालन किया जाए तो कोई परेशानी नहीं होगी।

वाराणसी में स्वास्थ्य विभाग सतर्क, अभी मात्र पांच केस
लखनऊ, गाजियाबाद सहित उत्तर प्रदेश के 11 जिलों में कोरोना के बढ़ते संक्रमण और मास्क की अनिवार्यता के बाद वाराणसी में स्वास्थ्य महकमा सतर्क हो गया है। स्थानीय स्तर पर संक्रमण पर नियंत्रण के उद्देश्य से जांच का दायरा बढ़ाने के साथ ही कोविड अस्पतालों में जांच और इलाज की नए सिरे से तैयारियां कराने का निर्णय लिया गया है। 

कोरोना की पहली, दूसरी लहर के मुकाबले तीसरी लहर में मरीजों की संख्या कम रही। इसके पीछे अधिक से अधिक लोगों का टीकाकरण होना और कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना मुख्य वजह रही। इस बीच कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए चिकित्सक भी लोगों से सतर्कता बरतने की अपील कर रहे हैं।

अभी जिले में कोराना के पांच केस हैं। सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों के साथ ही जरूरत पड़ने पर एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन और अन्य जगहों पर कोरोना जांच कराई जाएगी। इसके लिए नए सिरे से टीम का गठन कर जिम्मेदारी दी जाएगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed