चौथी लहर की आहट: वाराणसी में स्वास्थ्य विभाग हुआ सतर्क, जांच-इलाज की नए सिरे से तैयारियां कराने का निर्णय
कई जिलों में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर वाराणसी में स्वास्थ्य महकमा सतर्क हो गया है। अभी जिले में कोराना के पांच केस हैं।
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लखनऊ, गाजियाबाद सहित उत्तर प्रदेश के 11 जिलों में कोरोना के बढ़ते संक्रमण और मास्क की अनिवार्यता के बाद वाराणसी में स्वास्थ्य महकमा सतर्क हो गया है। स्थानीय स्तर पर संक्रमण पर नियंत्रण के उद्देश्य से जांच का दायरा बढ़ाने के साथ ही कोविड अस्पतालों में जांच और इलाज की नए सिरे से तैयारियां कराने का निर्णय लिया गया है।
कोरोना की पहली, दूसरी लहर के मुकाबले तीसरी लहर में मरीजों की संख्या कम रही। इसके पीछे अधिक से अधिक लोगों का टीकाकरण होना और कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना मुख्य वजह रही। इस बीच कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए चिकित्सक भी लोगों से सतर्कता बरतने की अपील कर रहे हैं।
अभी जिले में कोराना के पांच केस हैं। सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों के साथ ही जरूरत पड़ने पर एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन और अन्य जगहों पर कोरोना जांच कराई जाएगी। इसके लिए नए सिरे से टीम का गठन कर जिम्मेदारी दी जाएगी।
अलर्ट पर बीएचयू अस्पताल, मास्क लगाना जरूरी
बीएचयू अस्पताल के एमएस प्रो. केके गुप्ता की ओर से जारी आदेश में मरीज व परिजनों के साथ ही अस्पताल से जुड़े सभी लोगों को भी मास्क लगाने की अपील की है। मास्क लगाना, दो गज की दूरी बनाए रखने, हाथों की सफाई करते रहने आदि जरूरी उपायों से खुद के साथ-साथ देश, समाज को इसके प्रभाव से बचाया जा सकता है।
माइक्रोबायोलॉजी विभाग (बीएचयू) के प्रो. गोपालनाथ ने कहा कि कोरोना का संक्रमण जिस तरह से बढ़ रहा है, इससे बचाव के लिए कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना जरूरी है। अगर सही से पालन किया जाए तो कोई परेशानी नहीं होगी।
चिकित्साधिकारी डॉ.अतुल सिंह ने कहा कि जितना ही सजग और सतर्क रहेंगे, संक्रमण का खतरा उतना ही कम रहेगा। समय पर टीका लगवाने के साथ ही दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
एक नजर में आंकड़ा
- ऑक्सीजन प्लांट- 23
- कोविड अस्पताल में बेड-2500
- छह सीएचसी पर बेड - 30-30 बेड