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Varanasi: लंका पुलिस की अंतरिम रिपोर्ट को कोर्ट ने निरस्त कर पुनः विवेचना का आदेश दिया, 22 साल पुराना है मामला
Mon, 23 Feb 2026 04:28 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Mon, 23 Feb 2026 04:28 PM IST
सार
Varanasi News: 22 साल पुराने मामले में लंका पुलिस की अंतरिम रिपोर्ट को कोर्ट ने निरस्त कर पुनः विवेचना का आदेश दिया। कोर्ट ने चौथी बार फिर से विवेचना करने का आदेश दिया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
वाराणसी में 22 साल पुराने सड़क हादसे में हुई मौत के मामले में मृतक के पिता की ओर से कोर्ट में दाखिल प्रोटेस्ट याचिका पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीकांत गौरव ने लंका पुलिस की अंतरिम रिपोर्ट को खारिज कर अग्रिम विवेचना का आदेश दिया।
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मृतक के पिता रामकिकर उपाध्याय ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि उनका बेटा दीपक उपाध्याय कोचिंग सेंटर पढ़ने जा रहा था। 22 सितंबर 2003 को डाफी चौराहे के पास कुछ पुलिसकर्मी वसूली के लिए खड़े थे। उन्हें देख ट्रक चालक पुलिसकर्मियों से बचने के लिए भागने लगा। इस दौरान ट्रक को सड़क किनारे पटरी की तरफ ले आया और उनके बेटे को कुचल दिया।
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भागने के दौरान पुलिसकर्मियों ने करीब दो सौ मीटर तक पीछा कर उसे पकड़ लिया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने पैसे लेकर आरोपी वाहन समेत ट्रक चालक को भागने का मौका दे दिया। ट्रक चालक ने टेंगरा मोड़ पर एक मैकेनिक की दुकान पर ट्रक का नंबर बदल दिया।
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प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिसकर्मियों ने विवेचना के उपरांत कोर्ट में झूठी रिपोर्ट लगा दी, जबकि पुलिसकर्मियों के खिलाफ पूरा साक्ष्य दिया गया था। पुलिसकर्मियों ने ट्रक का तकनीकी मुआयना तक नहीं कराया। आरोप है कि इस मामले में तीन बार पुलिस ने विवेचना की और आरोपी ट्रक चालक व पुलिसकर्मियों को बचाने का काम किया। चौथी बार कोर्ट ने फिर से विवेचना करने का आदेश दिया है।