CAA-NRC के विरोध में बेनियाबाग मैदान में धरना और पथराव के मामले में गिरफ्तार छह लोगों को मिली जमानत
वाराणसी के बेनियाबाग मैदान में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और एनआरसी के विरोध में धरना देने और पुलिस पर पथराव के मामले में गिरफ्तार छह लोगों को अदालत ने जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। ये सभी पांच दिन बाद रिहा हो रहे हैं।
स्पेशल सीजेएम सुरेंद्र यादव की अदालत ने आरोपियों को 25-25 हजार के व्यक्तिगत बंधपत्र और समान राशि की दो-दो जमानत देने और जेल से छोड़ने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा है सभी आरोपी इस बात की अंडरटेकिंग देंगे कि भविष्य में वह शांति व्यवस्था कायम रखेंगे। अदालत में आरोपियों की ओर से अधिवक्ता वरुण प्रताप सिंह प्रिंस ने पक्ष रखा।
अधिवक्ता वरुण प्रताप सिंह प्रिंस ने बताया कि 23 जनवरी को 'हम भारत के लोग' बैनर तले सीएए और एनआरसी के विरोध में कुछ महिलाएं और पुरुष बेनियाबाग मैदान में शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रहे थे। इस दौरान पुलिस वहां पहुंच गई।
जिले में धारा 144 लागू होने और धरने की अनुमति न लेने का हवाला देकर धरना दे रही महिलाओं को पुलिस उठाने लगी। पुलिस का आरोप है कि महिलाओं को उठाने के दौरान बेनियाबाग मैदान के बाहर मौजूद भीड़ में शामिल लोग दौड़ते हुए अंदर आए और पथराव करने लगे।
पुलिस जब उन लोगों को खदेड़ने लगी तो धरना दे रही महिलाएं मैदान से निकल गईं। पुलिस ने मौके से अबू सूफियान, आमिर हुसैन, मोहम्मद सालेह सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया। प्रकरण को लेकर चौक थाने में 32 नामजद और 500-600 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
आरोपियों की ओर से अदालत में दलील दी गई कि उन पर राजनैतिक दबाव और रंजिश के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। उनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।
अदालत ने बचाव और अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद आरोपियों की जमानत अर्जी मंजूर कर ली। अदालत के अनुसार आरोपियों को जमानत ओर रिहा करने के लिए पर्याप्त आधार है।