फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Court order to realease of six accused of staging and stone pelting on Beniabagh ground varanasi

CAA-NRC के विरोध में बेनियाबाग मैदान में धरना और पथराव के मामले में गिरफ्तार छह लोगों को मिली जमानत

Tue, 28 Jan 2020 03:43 PM IST
गीतार्जुन गौतम पुष्पेन्द्र कुमार त्रिपाठी, अमर उजाला, वाराणसी
पुष्पेन्द्र कुमार त्रिपाठी, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Tue, 28 Jan 2020 03:43 PM IST
विज्ञापन
Court order to realease of six accused of staging and stone pelting on Beniabagh ground varanasi
पुलिस ने विरोध-प्रदर्शन करने वालों को उठाया था। - फोटो : अमर उजाला।

वाराणसी के बेनियाबाग मैदान में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और एनआरसी के विरोध में धरना देने और पुलिस पर पथराव के मामले में गिरफ्तार छह लोगों को अदालत ने जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। ये सभी पांच दिन बाद रिहा हो रहे हैं।

विज्ञापन


स्पेशल सीजेएम सुरेंद्र यादव की अदालत ने आरोपियों को 25-25 हजार के व्यक्तिगत बंधपत्र और समान राशि की दो-दो जमानत देने और जेल से छोड़ने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा है सभी आरोपी इस बात की अंडरटेकिंग देंगे कि भविष्य में वह शांति व्यवस्था कायम रखेंगे। अदालत में आरोपियों की ओर से अधिवक्ता वरुण प्रताप सिंह प्रिंस ने पक्ष रखा।
विज्ञापन


अधिवक्ता वरुण प्रताप सिंह प्रिंस ने बताया कि 23 जनवरी को 'हम भारत के लोग' बैनर तले सीएए और एनआरसी के विरोध में कुछ महिलाएं और पुरुष बेनियाबाग मैदान में शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रहे थे। इस दौरान पुलिस वहां पहुंच गई।

विज्ञापन
विज्ञापन


जिले में धारा 144 लागू होने और धरने की अनुमति न लेने का हवाला देकर धरना दे रही महिलाओं को पुलिस उठाने लगी। पुलिस का आरोप है कि महिलाओं को उठाने के दौरान बेनियाबाग मैदान के बाहर मौजूद भीड़ में शामिल लोग दौड़ते हुए अंदर आए और पथराव करने लगे।

पुलिस जब उन लोगों को खदेड़ने लगी तो धरना दे रही महिलाएं मैदान से निकल गईं। पुलिस ने मौके से अबू सूफियान, आमिर हुसैन, मोहम्मद सालेह सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया। प्रकरण को लेकर चौक थाने में 32 नामजद और 500-600 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

आरोपियों की ओर से अदालत में दलील दी गई कि उन पर राजनैतिक दबाव और रंजिश के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। उनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।

अदालत ने बचाव और अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद आरोपियों की जमानत अर्जी मंजूर कर ली। अदालत के अनुसार आरोपियों को जमानत ओर रिहा करने के लिए पर्याप्त आधार है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed