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ज्ञानवापी: व्यासजी के तहखाने पर कब्जे का डर, सुनवाई आज; मसाजिद कमेटी को नोटिस जारी

Tue, 26 Sep 2023 04:53 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी Published by: विजय पुंडीर Updated Tue, 26 Sep 2023 04:53 AM IST
सार

ज्ञानवापी में मां शृंगार गौरी मुकदमे के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने बताया कि व्यास परिवार की ओर से शैलेंद्र कुमार पाठक व्यास ने सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में वाद दाखिल किया था। इसकी सुनवाई के लिए जिला जज की अदालत में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया था।

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court accepted the petition demanding the District Magistrate to take care of Vyasji's basement
ज्ञानवापी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ज्ञानवापी परिसर स्थित व्यासजी के तहखाने को जिलाधिकारी के सुपुर्द करने की अर्जी पर मंगलवार को जिला जज की अदालत में सुनवाई होगी। यह मामला सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत से स्थानांतरित हुआ है। अब जिला जज की अदालत ने अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी को नोटिस जारी करके मंगलवार तक आपत्ति दाखिल करने का आदेश दिया है। मसाजिद कमेटी आपत्ति दाखिल कर सकती है। इस अर्जी के जरिये व्यासजी के तहखाने पर कब्जे की आशंका जताई गई है।

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ज्ञानवापी में मां शृंगार गौरी मुकदमे के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने बताया कि व्यास परिवार की ओर से शैलेंद्र कुमार पाठक व्यास ने सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में वाद दाखिल किया था। इसकी सुनवाई के लिए जिला जज की अदालत में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया था। जिला जज की अदालत ने सोमवार को अनुरोध स्वीकार कर लिया। इसमें ज्ञानवापी स्थित नंदी के मुख के सामने दक्षिणी दीवार के पास मौजूद तहखाने में वर्ष 1551 से व्यास पीठ स्थापित है। इसी व्यास पीठ से मां शृंगार गौरी की पूजा, भोग, आरती की जाती रही है। वर्ष 1993 में राज्य सरकार व जिला प्रशासन के मौखिक आदेश के जरिये पूजा-पाठ और परंपराओं को बंद करा दिया। ज्ञानवापी परिसर के चारों ओर लोहे की बैरिकेडिंग भी करा दी गई। दिसंबर 1993 में ही तत्कालीन जिलाधिकारी ने व्यास पीठ के तत्कालीन पुजारी पंडित सोमनाथ व्यास के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाते हुए पूजा-पाठ पर रोक लगा दी। तहखाने में भी ताला लगा दिया।
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अदालत में बताया गया कि वर्ष 1996 में दायर आदिविश्वेश्वर बनाम राज्य सरकार के वाद में नियुक्त अधिवक्ता आयुक्त ने अपनी रिपोर्ट में तहखाने के एक ताले की दो चाबी का जिक्र किया था। तत्कालीन जिलाधिकारी के ताला खोलने से मना करने के बाद व्यास पीठ के पंडित सोमनाथ व्यास ने एक चाबी से ताला खोला था। वर्तमान में ज्ञानवापी परिसर में चल रहे एएसआई सर्वे के चलते नंदी जी के सामने स्थित इस तहखाने का दरवाजा खुला हुआ है।
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वाद में कहा तहखाने पर कब्जा कर सकती है मसाजिद कमेटी
वाद के जरिये आरोप लगाया गया कि अंजुमन इंतेजामिया मसासिद कमेटी व्यासजी के तहखाने पर कब्जा कर सकती है। तहखाने को जिलाधिकारी की सुपुर्दगी में दे दिया जाए। वहां पहले की तरह पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान की अनुमति दी जाए। यह मामला अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन, सुभाष नंदन चतुर्वेदी व सुधीर त्रिपाठी के जरिये सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में दाखिल किया गया था।

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