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नहीं पहुंच सके अस्पताल, सड़क पर तड़प-तड़प कर दो भाइयों की हो गई मौत

Sat, 24 Apr 2021 07:18 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Sat, 24 Apr 2021 07:18 PM IST
सार

बरात से लौट रहे दो चचेरे भाइयों की बाइक को पिकअप ने मारी टक्कर, ग्रामीणों ने लगाया जाम 
कछवा रोड से कपसेठी मार्ग पर हुआ हादसा, आरोपी चालक पिकअप सहित हिरासत में
 

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Could not reach the hospital, two brothers died of torture on the road 
Demo Pic - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाराणसी में परसोतमपुर गांव (जोगियापुर चट्टी) में कछवा रोड से कपसेठी मार्ग पर शनिवार की सुबह बरात से लौट रहे बाइक सवार दो चचेरे भाइयों को पिकअप ने टक्कर मार दी। हादसे में दोनों की मौके पर ही तड़पते हुए मौत हो गई। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने मौके पर जाम लगा दिया। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने पीड़ित परिजनों को मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया तो लगभग साढ़े तीन घंटे बाद 10:30 बजे जाम खत्म हुआ। इस दौरान सड़क के दोनों ओर सैकड़ों वाहनों की लंबी कतार लग गई थी।

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भदोही जिले के गोपीगंज थाना के खानापुर निवासी चचेरे भाई अजय कुमार बिंद (20) और संदीप कुमार बिंद (22) कपसेठी थाना के बरकी गांव गई बरात से वापस घर जा रहे थे। कछवा रोड की ओर से जा रहा पिकअप परसोतमपुर गांव (जोगियापुर चट्टी) में ट्रक से पास लेने के दौरान बाइक सवार दोनों भाइयों को जोरदार टक्कर मारते हुए सड़क के किनारे गलत लेन पर गड्ढे में चली गई। पिकअप की टक्कर से गंभीर रूप से घायल दोनों भाई सड़क पर ही तड़पने लगे। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस व सरकारी एंबुलेंस को दी लेकिन लगभग आधा घंटे तक कोई नहीं आया और दोनों की मौत हो गई। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगा दिया और देर से पहुंची पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।

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ग्रामीणों का कहना था कि सूचना देने के बाद भी 108 नंबर की सरकारी एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची और न पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। तड़पते हुए दोनों युवकों की मौत हो गई। ग्रामीणों का कहना था कि अगर एंबुलेंस सूचना देने के साथ ही आ गई होती तो शायद दोनों युवकों की जान बच जाती। मौके पर पुलिस के साथ पहुंचे मिर्जामुराद थाना प्रभारी एनके सिंह ने शव को कब्जे में लेने का प्रयास किया तो ग्रामीणों ने पुलिस का विरोध किया और जिलाधिकारी को बुलाने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना था कि मौके पर जिलाधिकारी जब तक नहीं आएंगे और परिजनों को 50 लाख रुपये के मुआवजा की घोषणा नहीं करेंगे तब तक जाम नहीं समाप्त किया जाएगा। मौके पर पहुंचे क्षेत्राधिकारी बड़ागांव और तहसीलदार राजातालाब के समझाने पर लगभग साढ़े तीन घंटे बाद ग्रामीण माने। तब जाकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। उधर, आरोपी चालक को पिकअप के साथ पकड़ लिया गया है। पुलिस के अनुसार, पिकअप भी किसी शादी से ही सामान लाद कर जा रही थी।

आधे घंटे तक दोनों तड़पते रहे 
हादसे के बाद घटनास्थल पर सबसे पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि पिकअप की टक्कर के बाद दोनों युवक जिंदा थे और तड़प रहे थे। उस समय उन लोगों के पास कोई ऐसा साधन नहीं था कि जिससे वह दोनों युवकों को अस्पताल पहुंचा पाते। उन्होंने पुलिस और सरकारी एंबुलेंस सभी को फोन किया लेकिन कोई भी समय से नहीं आया। देखते ही देखते दोनों युवकों की सड़क पर तड़प कर मौत हो गई। ग्रामीणों के अनुसार यह बेहद ही दु:खद घटना है। सरकारी कर्मियों को अपने कामकाज के ढर्रे में सुधार लाना चाहिए।

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