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आवासीय भवनों के बडे़ बकायादारों पर निगम कसेगा शिकंजा
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नगर निगम व्यावसायिक भवनों के साथ ही आवासीय भवनों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी में है। निगम के पांच जोन में ऐसे 500 बड़े बकाएदारों को चिह्नित किया गया है। इसमें से प्रत्येक जोन के टॉप 10 की भी सूची तैयार की गई है। निगम प्रशासन अब इन बकाएदारों से पहले कर जमा करने की मांग करेगा। कर जमा नहीं करते हैं तो उन्हें नोटिस, फिर वारंट और इसके बाद मकान पर सीजर की कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके द्विवेदी ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि सभी जोनल अधिकारियों को वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। नगरीय सीमा में करीब दो लाख पांच हजार आवासीय भवन हैं। इस वित्त वर्ष में निगम प्रशासन को 60 करोड़ रुपये के गृहकर की वसूली करनी है। लेकिन इसमें अभी 68,679 आवासीय भवन स्वामियों ने 17 करोड़ से अधिक गृहकर जमा किया है।
ऑनलाइन गृहकर जमा करने वालों की संख्या बढ़ी
नगर में ऑनलाइन गृहकर जमा करने वालों की संख्या बढ़ी है। नगरीय सीमा में लगभग दो लाख पांच हजार आवासीय भवन है। इसमें 9000 लोगों ने ऑनलाइन 1.77 करोड़ गृहकर जमा किया है। जो पिछले साल की कर जमा करने वालों की संख्या से 756 अधिक हैं। नगर आयुक्त प्रणय सिंह ने गृहकर जमा करने वालों से कहा कि वे गृहकर ऑनलाइन जमा करें। इससे उनका समय बचेगा और कार्यालयों का चक्कर काटने से निजात मिलेगी।
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व्यावसायिक भवनों का ब्याज माफ, मिली राहत
नगर निगम ने शासन को भेजा गया था प्रस्ताव, साल 2014 से 2020 तक इसका मिलेगा लाभ
वाराणसी। शहर में व्यावसायिक भवन स्वामियों को बड़ी राहत मिली है। शासन से निर्देश के बाद नगर निगम ने नगरीय सीमा में तकरीबन 23 हजार व्यावसायिक भवनों का साल 2014 से 2020 तक का ब्याज माफ कर दिया है।
जिन भवन स्वामियों ने लंबे समय तक कर नहीं जमा किया था। नगर निगम ने ब्याज सहित कर जमा करने का निर्देश दिया तो विरोध शुरू हो गया। बाद में निगम सदन में बिना ब्याज के कर जमा करने का प्रस्ताव पास हुआ और इसे शासन के पास भेजा गया था। इसके बाद बिना ब्याज के कर जमा करने की छूट दी गई है। इसके बाद कुल 23 हजार व्यावसायिक भवनों में से करीब 12 हजार ऐसे भवन स्वामियों ने कर जमा भी कर दिए हैं। वहीं अभी 11 हजार व्यावसायिक भवनों के मालिकों ने कर नहीं जमा किया है। इन पर तकरीबन 30 करोड़ रुपये का बकाया है। नगर निगम प्रशासन अब ऐसे लोगों का कर जमा कराने के लिए शिकंजा कसने की तैयारी में है।
व्यावसायिक भवनों पर लगने वाले कर का ब्याज शासन के निर्देश पर माफ कर दिया गया है। ऐसे 23 हजार भवन स्वामियों में करीब 11 हजार लोगों ने ब्याज माफ करने के बाद भी कर नहीं जमा किया है। इन पर 30 करोड़ का बकाया है। ऐसे लोगों पर जल्द शिकंजा कसा जाएगा। पीके द्विवेदी, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी।
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मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके द्विवेदी ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि सभी जोनल अधिकारियों को वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। नगरीय सीमा में करीब दो लाख पांच हजार आवासीय भवन हैं। इस वित्त वर्ष में निगम प्रशासन को 60 करोड़ रुपये के गृहकर की वसूली करनी है। लेकिन इसमें अभी 68,679 आवासीय भवन स्वामियों ने 17 करोड़ से अधिक गृहकर जमा किया है।
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ऑनलाइन गृहकर जमा करने वालों की संख्या बढ़ी
नगर में ऑनलाइन गृहकर जमा करने वालों की संख्या बढ़ी है। नगरीय सीमा में लगभग दो लाख पांच हजार आवासीय भवन है। इसमें 9000 लोगों ने ऑनलाइन 1.77 करोड़ गृहकर जमा किया है। जो पिछले साल की कर जमा करने वालों की संख्या से 756 अधिक हैं। नगर आयुक्त प्रणय सिंह ने गृहकर जमा करने वालों से कहा कि वे गृहकर ऑनलाइन जमा करें। इससे उनका समय बचेगा और कार्यालयों का चक्कर काटने से निजात मिलेगी।
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व्यावसायिक भवनों का ब्याज माफ, मिली राहत
नगर निगम ने शासन को भेजा गया था प्रस्ताव, साल 2014 से 2020 तक इसका मिलेगा लाभ
वाराणसी। शहर में व्यावसायिक भवन स्वामियों को बड़ी राहत मिली है। शासन से निर्देश के बाद नगर निगम ने नगरीय सीमा में तकरीबन 23 हजार व्यावसायिक भवनों का साल 2014 से 2020 तक का ब्याज माफ कर दिया है।
जिन भवन स्वामियों ने लंबे समय तक कर नहीं जमा किया था। नगर निगम ने ब्याज सहित कर जमा करने का निर्देश दिया तो विरोध शुरू हो गया। बाद में निगम सदन में बिना ब्याज के कर जमा करने का प्रस्ताव पास हुआ और इसे शासन के पास भेजा गया था। इसके बाद बिना ब्याज के कर जमा करने की छूट दी गई है। इसके बाद कुल 23 हजार व्यावसायिक भवनों में से करीब 12 हजार ऐसे भवन स्वामियों ने कर जमा भी कर दिए हैं। वहीं अभी 11 हजार व्यावसायिक भवनों के मालिकों ने कर नहीं जमा किया है। इन पर तकरीबन 30 करोड़ रुपये का बकाया है। नगर निगम प्रशासन अब ऐसे लोगों का कर जमा कराने के लिए शिकंजा कसने की तैयारी में है।
व्यावसायिक भवनों पर लगने वाले कर का ब्याज शासन के निर्देश पर माफ कर दिया गया है। ऐसे 23 हजार भवन स्वामियों में करीब 11 हजार लोगों ने ब्याज माफ करने के बाद भी कर नहीं जमा किया है। इन पर 30 करोड़ का बकाया है। ऐसे लोगों पर जल्द शिकंजा कसा जाएगा। पीके द्विवेदी, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी।