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कोरोना की तीसरी लहर: वाराणसी में एक जून से शुरू होगी बच्चों की सैंपलिंग, निजी अस्पताल भी कर सकेंगे जांच
Thu, 20 May 2021 12:46 AM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Thu, 20 May 2021 12:46 AM IST
सार
कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर विधान परिषद सदस्य अरविंद कुमार शर्मा ने बुधवार को वाराणसी के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, सरकारी और निजी डॉक्टरों के साथ बैठक की। इसमें कई बड़े फैसले लिए गए।
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कोरोना वायरस की जांच
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
वाराणसी में कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों में संक्रमण की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तैयारियों में जुट गया है। अब एक जून से बच्चों (कोरोना के लक्षण दिखने पर) की सैंपलिंग भी कराई जाएगी। इसके अलावा मेडिकल छात्रों को ट्रेनिंग भी दी जाएगी, जिससे कि जरूरत पड़ने पर उनकी सेवा ली जा सके। कमिश्नरी सभागार में एमएलसी एके शर्मा की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में बच्चों के इलाज को लेकर होने वाली व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।
एमएलसी एके शर्मा ने कहा कि मेडिकल के तीसरे और चौथे वर्ष के छात्रों को बृहस्पतिवार से ही मास्टर ट्रेनर के द्वारा ट्रेनिंग दिलाई जाएगी। जिससे अधिक से अधिक डॉक्टर उपलब्ध हो सके। यह तैयारी केवल वाराणसी ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों को शामिल करते हुए भी की जा रही है। उन्होंने बताया कि एक जून से बच्चों के सैंपल कलेक्शन का काम शुरू हो जाएगा।
कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बताया कि ऐसी संभावना जताई जा रही है कि तीसरी लहर में बच्चे प्रभावित होंगे। इसको देखते हुए आईसीयू सहित अन्य उपकरण और डॉक्टरों के टीम का गठन भी किया जा रहा है। उन्होंने बच्चों के अभिभावकों को भी जागरूक करने और निजी अस्पतालों को अधिक से अधिक सुविधा बढ़ाए जाने के लिए निर्देश दिया है।
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एमएलसी एके शर्मा ने कहा कि मेडिकल के तीसरे और चौथे वर्ष के छात्रों को बृहस्पतिवार से ही मास्टर ट्रेनर के द्वारा ट्रेनिंग दिलाई जाएगी। जिससे अधिक से अधिक डॉक्टर उपलब्ध हो सके। यह तैयारी केवल वाराणसी ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों को शामिल करते हुए भी की जा रही है। उन्होंने बताया कि एक जून से बच्चों के सैंपल कलेक्शन का काम शुरू हो जाएगा।
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कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बताया कि ऐसी संभावना जताई जा रही है कि तीसरी लहर में बच्चे प्रभावित होंगे। इसको देखते हुए आईसीयू सहित अन्य उपकरण और डॉक्टरों के टीम का गठन भी किया जा रहा है। उन्होंने बच्चों के अभिभावकों को भी जागरूक करने और निजी अस्पतालों को अधिक से अधिक सुविधा बढ़ाए जाने के लिए निर्देश दिया है।
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बाल रोग विशेषज्ञों की मीटिंग में हुई समीक्षा
एमएलसी ने मंडलायुक्त और जिलाधिकारी को बाहर से मंगाए जाने वाले सभी उपकरणों, उपकरण बनाने वाली कंपनी और उनके विवरण सहित सूची, विशेषज्ञों की टीम तैयार कराए जाने का निर्देश दिया है।
तीसरी लहर की चुनौती को देखते हुए बुधवार को दूसरी बार डॉक्टरों और बाल रोग विशेषज्ञों की मीटिंग की गई।
बैठक में शहरी और ग्रामीण इलाकों में बाल रोग विशेषज्ञों की सूची बनाकर उनके पास उपलब्ध सुविधाओं का भी मूल्यांकन कराए जाने का निर्णय लिया गया। साथ ही निर्णय लिया गया कि उपयुक्त अस्पतालों की सूची को भी अंतिम रूप दिया जाए।
बच्चों के इलाज को लेकर जरूरी संसाधन मशीन या उपकरण जरूरी हो तो इन्हें भी उपलब्ध कराने, प्रोटोकॉल के साथ वेंटिलेटर सहित अन्य उपकरणों का भी प्रयोग करने आदि पर भी चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि मास्टर ट्रेनर तैयार होने के बाद वाराणसी और पूर्वांचल के अन्य जिलों में आजमगढ़ मंडल, विंध्याचल मंडल में भी जाकर ऑनलाइन ट्रेनिंग के माध्यम से उन्हें तैयार किया जाएगा।
तीसरी लहर की चुनौती को देखते हुए बुधवार को दूसरी बार डॉक्टरों और बाल रोग विशेषज्ञों की मीटिंग की गई।
बैठक में शहरी और ग्रामीण इलाकों में बाल रोग विशेषज्ञों की सूची बनाकर उनके पास उपलब्ध सुविधाओं का भी मूल्यांकन कराए जाने का निर्णय लिया गया। साथ ही निर्णय लिया गया कि उपयुक्त अस्पतालों की सूची को भी अंतिम रूप दिया जाए।
बच्चों के इलाज को लेकर जरूरी संसाधन मशीन या उपकरण जरूरी हो तो इन्हें भी उपलब्ध कराने, प्रोटोकॉल के साथ वेंटिलेटर सहित अन्य उपकरणों का भी प्रयोग करने आदि पर भी चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि मास्टर ट्रेनर तैयार होने के बाद वाराणसी और पूर्वांचल के अन्य जिलों में आजमगढ़ मंडल, विंध्याचल मंडल में भी जाकर ऑनलाइन ट्रेनिंग के माध्यम से उन्हें तैयार किया जाएगा।