लापरवाही: कोरोना संदिग्ध की मौत के बाद 13 घंटे तक एंबुलेंस में ही पड़ा रहा शव
भदोही जिले में कोरोना वायरस संक्रमण के समय में स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों की कलई सोमवार को खुल गई। सुरियावां सीएचसी से रेफर होने के बाद एक कोरोना संदिग्ध प्रवासी की अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत होने के बाद 13 घंटे तक उसका शव एंबुलेंस में ही पड़ा रह गया। सुबह स्वास्थ्य टीम ने शव की सैंपलिंग कराई।
सुरियावां क्षेत्र के कड़ोर गांव निवासी जयराम यादव(45) कुछ दिनों पहले मुंबई से आया था। यहां उसकी तबीयत बिगड़ी तो रविवार की शाम वह सुरियावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गया। उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। इसे कोरोना संदिग्ध मानते हुए चिकित्सक ने महाराजा बलवंत सिंह राजकीय चिकित्सालय के लिए रेफर कर दिया।
रात करीब नौ बजे 108 एंबुलेंस उसे लेकर एमबीएस अस्पताल पहुंची, लेकिन वहां कोई चिकित्सक ही नहीं था। आरोप है कि एंबुलेंसकर्मियों को चिकित्सक ढूंढने में 40 से 45 मिनट खर्च हो गए। इसके बाद चिकित्सक ने पहुंचकर उसकी जांच की तो पता चला कि उसकी मौत हो चुकी है।
इसके बाद अस्पताल ने उसे लेने से इनकार कर दिया। इस दौरान पूरी रात शव एंबुलेंस में ही पड़ा रहा। एंबुलेंस चालक और कर्मी गाड़ी खाली होने का इंतजार करते रहे। उनका कहना था कि 108 एंबुलेंस शव ढोने के लिए नहीं है। मगर सुनने वाला कोई नहीं था।
सोमवार को सुबह 10 बजे के बाद पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शव को एंबुलेंस से उतरवाकर गाड़ी को सैनिटाइज कराया। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. लक्ष्मी सिंह ने कहा कि कोरोना संदिग्ध मरीज को रखने के लिए अगल से कोई व्यवस्था नहीं है। इसलिए उसे एंबुलेंस में ही रखवाया गया। उसकी सैंपलिंग एंबुलेंस में ही करा दी गई है।