मां की ममता: खुद की रिपोर्ट निगेटिव आने पर भी कोरोना संक्रमित बेटे के साथ आइसोलेशन वार्ड में रह रही
कोरोना के संक्रमण में भले ही लोगों ने एक दूसरे से दूरियां बढ़ा ली हों, पर मां की ममता पर इसका कोई असर नहीं हुआ है। मां की ममता का जीता जागता उदाहरण मिर्जापुर जिले में देखने को मिला। यहां कोरोना संक्रमित महिला अपनी रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी आइसोलेशन वार्ड में भर्ती है।
क्योंकि उसके बेटे की रिपोर्ट आनी अभी बाकी है। महिला ने अपने पुत्र के साथ तब तक आइसोलेशन वार्ड में रहने का फैसला किया है, जब तक उसके पुत्र की रिपोर्ट नहीं आ जाती। मां, पुत्र की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
7 मई को मुंबई से लौटी मिर्जापुर के कछवा निवासी एक महिला कोरोना संक्रमित हुई। जिसके बाद उसके परिवार के 11 लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गए। सभी को विंध्याचल आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया। महिला समेत उसके परिवार के आठ लोगों की रिपोर्ट अब तक नेगेटिव आ चुकी है। इसमें महिला की देवरानी भी है।
मंगलवार को सबसे पहले संक्रमित हुई महिला की भी रिपोर्ट निगेटिव आई थी। आइसोलेशन वार्ड में महिला की देवरानी अपने पांच वर्षीय पुत्र के साथ भर्ती थी। रिपोर्ट नेगेटिव आने पर अन्य लोग तो चले गए पर पांच वर्षीय बच्चे की मां ने अस्पताल स्टाफ से मिन्नतें कर कहा कि उसका बेटा छोटा है, इसलिए उसे भी उसके साथ रहने दिया जाए।
अस्पताल स्टाफ बच्चे का दूसरा सैंपल भेजने के बाद आश्वासन दिया कि जल्द ही उसकी रिपोर्ट आने पर उसे छोड़ा जाएगा। इसके बाद से मां अपने पुत्र के रिपोर्ट आने के इंतजार में आइसोलेशन वार्ड में ही उसके साथ है। गुरुवार को रिपोर्ट आ सकती है।