कोरोना वायरस: आईआईटी और बीएचयू में हॉस्टल खाली करेंगे छात्र, कॉफी डे-कैफेटेरिया भी बंद
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कोरोना वायरस (कोविड-19) से बचाव और रोकथाम को लेकर बीएचयू प्रशासन और आईआईटी बीएचयू प्रशासन ने अहम फैसला लिया गया। यहां छात्र-छात्राओं से हॉस्टल खाली करने को कहा गया है। इसमें आईआईटी छात्रों को 21 मार्च की रात आठ बजे तक का समय दिया गया है।
इसी दिन से मेस भी बंद कर दिया जाएगा। इसके अलावा संस्थान स्थित कैफे कॉफी डे और कैफेटेरिया को भी अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। उधर बीएचयू प्रशासन ने भी छात्रों को हॉस्टल खाली कर घर जाने की सलाह दी है।
आईआईटी में टॉस्क फोर्स की बैठक में फैसला
आईआईटी बीएचयू में निदेशक प्रो. प्रमोद कुमार जैन की अध्यक्षता में हुई टॉस्क फोर्स की बैठक में हॉस्टल खाली करने का निर्णय हुआ। इसके बाद आदेश भी जारी कर दिया गया है। इसके अलावा छात्रों को यात्रा संबंधी एडवाइजरी का पालन करने को भी कहा गया है। कर्मचारियों को मेस, टी-स्टॉल, पुस्तकालय, अन्य सार्वजनिक क्षेत्रों में समूह में एकत्रित न होने की सलाह दी गई है।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि छात्रों को जागरूक किया जाए कि वह दूसरों से कम से कम संपर्क में आएं। जो अपने घर चले गए हैं उन्हें अगले सूचना तक के लिए छात्रावास में वापस आने की अनुमति न दी जाए। कर्मचारियों एवं छात्रों को मेस, पुस्तकालय, कैफेटेरिया, टी-स्टाल, अन्य भोजन स्टालों एवं सार्वजनिक क्षेत्रों में समूह में एकत्रित न होने की सलाह दी जाए। इसके अतिरिक्त शोध छात्रों/एम.टेक छात्रों को अपना शोध कार्य ईमेल के माध्यम से अपने सुपरवाइजर से संपर्क करके किया जाए।
बीएचयू में सुपरवाइजर की अनुमति से रह सकेंगे शोध छात्र
बीएचयू कुलसचिव की ओर से बुधवार को आदेश जारी कर रेजिडेंट को छोड़कर बाकी छात्रों को हॉस्टल खाली करने को कहा गया है। इसके साथ ही कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिहाज से मेस को भी बंद रखने का निर्णय लिया गया है। छात्रों से कहा गया है कि 31 मार्च तक कक्षाएं नहीं चलेंगी और न ही कोई परीक्षा होगी, ऐसे में हॉस्टल खाली कर अपने घर चले जाएं।
कुलसचिव ने अपने आदेश में बताया है कि अगर इस तिथि के बाद भी विश्वविद्यालय बंद किया जाता है तो इसकी सूचना दी जाएगी। इसके अलावा शोध छात्रों को उनके सुपरवाइज़र की अनुमति से अति आवश्यक शोध संबंधी गतिविधियां करने की छूट दी गई है। इसमें उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि दिशानिर्देशों व बचाव संबंधी उपायों का पालन कर रहे हैं। इस संबंध में शोध छात्रों या पोस्ट डॉक्टोरल शोधार्थियों को फेलोशिप भुगतान के लिए उपस्थिति बाध्यता से भी छूट दी जाएगी।